जगह क्यों मायने रखती है
स्थिति (location) वह जगह है जहाँ व्यवसाय काम करता है: दुकान, दफ़्तर, कारखाना या गोदाम। अच्छी जगह ग्राहक लाती है और लागत कम रखती है। ग़लत जगह बदलना महँगा पड़ता है।
कंपनी कई कारकों को तौलकर वह जगह चुनती है जो उसके काम के लिए सबसे संतुलित हो।
बाज़ार, श्रम और कच्चे माल के पास
- बाज़ार (ग्राहक): दुकानें, कैफ़े, सैलून, बैंक को आते-जाते ग्राहक चाहिए। ताज़ा, नाज़ुक या भारी तैयार माल (ब्रेड, बर्फ़, फ़र्नीचर) भी ख़रीदार के पास बनता है।
- श्रम (श्रमिक): सही कौशल वाले पर्याप्त लोग चाहिए। टेक कंपनियाँ वहाँ जाती हैं जहाँ इंजीनियर हैं; बहुत मज़दूर चाहने वाले कारखाने कम मज़दूरी वाली जगह जा सकते हैं।
- कच्चा माल: भारी हो और बनाने में वज़न घटे (अयस्क से इस्पात, गन्ने से चीनी), तो स्रोत के पास बनाना सस्ता है। जल्दी ख़राब होने वाला माल (दूध, फल) भी पास चाहिए।
- परिवहन: अच्छी सड़क, रेल, बंदरगाह और हवाई अड्डे माल लाना-ले जाना सस्ता करते हैं।
लागत और प्रतियोगिता
- ज़मीन, किराया, कर: बीच शहर महँगा; शहर का किनारा सस्ता। बड़े गोदाम को सस्ती ज़मीन चाहिए।
- मज़दूरी: जगह के साथ बदलती है।
- प्रतियोगिता: पास के कई प्रतियोगी ग्राहक छीन सकते हैं। पर कुछ कंपनियाँ जान-बूझकर पास-पास खुलती हैं: एक गली में कई ज्वेलरी दुकानें सबके लिए ज़्यादा ख़रीदार लाती हैं।
- अन्य: पिछड़े इलाकों के लिए सरकारी अनुदान या कर छूट, कानून और योजना नियम, बिजली-पानी, और मालिक की अपनी पसंद।
तकनीक और स्थिति
इंटरनेट ने कुछ कंपनियों के लिए जगह का महत्व घटाया है। ऑनलाइन दुकान ग्राहकों से दूर सस्ती जगह चुन सकती है। पर उसे तेज़ इंटरनेट, अच्छी डिलीवरी और माल रखने की जगह चाहिए। जिन चीज़ों को लोग देखकर ख़रीदना चाहते हैं, उनके लिए दुकानें आज भी ज़रूरी हैं।
करके देखें
अपने पास की किसी गली में तीन व्यवसाय देखिए। हर एक के लिए लिखिए कि किस कारक ने उसकी जगह तय की होगी। फिर 3D में हर व्यवसाय चुनकर अपना अनुमान जाँचिए।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- स्थिति के कारक: बाज़ार, श्रम, कच्चा माल, परिवहन, लागत, प्रतियोगिता
- वज़न घटाने वाला उद्योग → कच्चे माल के पास
- वज़न बढ़ाने वाला, नाज़ुक या ताज़ा उत्पाद → बाज़ार के पास
- परिवहन लागत = वज़न × दूरी × प्रति टन-किमी दर
- ऑनलाइन कंपनी: जगह की ज़्यादा आज़ादी, पर इंटरनेट और डिलीवरी ज़रूरी
हल किए गए उदाहरण
1. ज़्यादातर मोबाइल रिपेयर की दुकानें भीड़ वाली सड़कों पर क्यों होती हैं?
यह सेवा है; ग्राहक ख़ुद आते हैं। भीड़ वाली सड़क पर ज़्यादा ग्राहक मिलते हैं।
2. एक चीनी मिल 10 टन गन्ने से 1 टन चीनी बनाती है। उसे कहाँ बनाएँ?
गन्ने के खेतों के पास। गन्ना भारी है, जल्दी सूखता है और 90% वज़न घट जाता है, इसलिए चीनी ढोना सस्ता है।
3. परिवहन ₹5 प्रति टन प्रति किमी है। 100 टन अयस्क 200 किमी से लाना है। लागत? 20 किमी पर कितनी बचत?
100 × 200 × 5 = ₹1,00,000। 20 किमी पर ₹10,000। बचत ₹90,000।
4. ज्वेलरी दुकान ऐसी गली क्यों चुन सकती है जहाँ पहले से कई ज्वेलरी दुकानें हों?
ख़रीदार तुलना करने उसी गली में आते हैं, इसलिए सब दुकानों को ज़्यादा ग्राहक मिलते हैं।
आम गलतियाँ
- मानना कि सबसे सस्ती ज़मीन हमेशा सबसे अच्छी है। ग्राहक न हों तो दुकान नहीं चलेगी।
- कहना कि हर कारखाना कच्चे माल के पास हो। ऐसा तभी जब माल भारी, बड़ा या जल्दी ख़राब होने वाला हो।
- प्रतियोगिता को अनदेखा करना: तीन कैफ़े के बीच नए कैफ़े को कुछ अलग चाहिए।
- मानना कि ऑनलाइन कंपनी को जगह की ज़रूरत ही नहीं। गोदाम, इंटरनेट और डिलीवरी फिर भी चाहिए।