South 고등학교 3학년 Practical Economics
अध्याय: 5
1. Personal and national economic life
Economic problem solving · Interdependence · Trade in an open economy
- चयन की समस्या: दुर्लभता और अवसर लागत – हमारी इच्छाएँ असीमित हैं, पर पैसा, समय, ज़मीन और मज़दूर जैसे संसाधन सीमित हैं। इसे दुर्लभता कहते हैं, और यह हमें चुनने पर मजबूर करती है। जो अगला सबसे अच्छा विकल्प छोड़ा, उसका मूल्य अवसर लागत है। अर्थशास्त्री अध्ययन करते हैं कि लोग और समाज ये चुनाव कैसे करते हैं। हर समाज को तय करना होता है कि क्या, कैसे और किसके लिए उत्पादन हो। बाज़ार, नियोजित और मिश्रित अर्थव्यवस्थाएँ इनका अलग-अलग जवाब देती हैं, और कल्याणकारी राज्य सबकी बुनियादी ज़रूरतें पूरी करता है।
- अंतर्राष्ट्रीय व्यापार – देशों की सीमाओं के पार वस्तुओं और सेवाओं का ख़रीदना-बेचना अंतर्राष्ट्रीय व्यापार है। बाहर बेचना निर्यात और बाहर से ख़रीदना आयात है। इससे देश को विदेशी मुद्रा, विकास और रोज़गार मिलते हैं, और कंपनियों को लाभ और नए बाज़ार। निर्यात और आयात तय चरणों से होते हैं और इनमें साख पत्र, बिल ऑफ़ लेडिंग जैसे कई प्रलेख लगते हैं। WTO (1995) व्यापार के नियम बनाता है और बाधाएँ घटाता है।
- अंतर्राष्ट्रीय व्यापार: आधार, संतुलन, WTO और पत्तन – अंतर्राष्ट्रीय व्यापार देशों के बीच सामान और सेवाओं का आदान-प्रदान है। यह वस्तु-विनिमय से शुरू हुआ, रेशम मार्ग जैसे रास्तों पर बढ़ा, क्रूर दास व्यापार और औपनिवेशिक व्यापार से गुज़रा, और उद्योगों के साथ फैला। देश इसलिए व्यापार करते हैं क्योंकि वे संसाधन, जनसंख्या, विकास, विदेशी निवेश और परिवहन में अलग हैं। व्यापार संतुलन निर्यात और आयात की तुलना है। व्यापार द्विपक्षीय या बहुपक्षीय हो सकता है; मुक्त व्यापार रुकावटें घटाता है, जबकि राशिपातन विदेश में लागत से कम पर माल बेचता है। WTO विश्व नियम बनाता है, प्रादेशिक समूह पड़ोसियों को जोड़ते हैं, और कई तरह के पत्तन व्यापार के द्वार हैं।
2. Income and consumption
Income · Rational consumption · Consumer rights
- वित्त प्रबंधन के स्मार्ट तरीके – मुद्रास्फीति से कीमतें बढ़ती हैं, इसलिए उतना ही पैसा कम खरीदता है। बैंक में रखे पैसे पर ब्याज मिलता है: साधारण ब्याज सिर्फ़ मूलधन पर मिलता है, जबकि चक्रवृद्धि ब्याज पहले के ब्याज पर भी मिलता है, इसलिए समय के साथ तेज़ी से बढ़ता है। बजट आय को ज़रूरतों, चाहतों और बचत में बाँटता है। बचत सुरक्षित रखी जाती है; निवेश बढ़ सकता है पर उसमें जोखिम है, और ज़्यादा संभावित लाभ का मतलब ज़्यादा जोखिम। बीमा जोखिम को बहुत लोगों में बाँटता है। एक सीमा से ऊपर की आय पर आयकर लगता है, जिसकी दरें आय के साथ बढ़ती हैं।
- उपभोक्ता शिक्षा: समझदार ख़रीदार कैसे बनें – जो भी सामान या सेवा ख़रीदता या इस्तेमाल करता है, वह उपभोक्ता है। समझदार ख़रीदारी ज़रूरत (जो चाहिए ही) और इच्छा (जो अच्छा लगे) को अलग करने से शुरू होती है। विवेकपूर्ण उपभोग लाभ और क़ीमत की तुलना करता है, अवसर लागत (वही पैसा और किस काम आता) गिनता है और बजट में रहता है। विक्रेता मनोविज्ञान का इस्तेमाल करते हैं: एंकर क़ीमत (बड़ी कटी क़ीमत), भेड़चाल ('सबके पास है'), जल्दबाज़ी (उलटी गिनती), 99 वाली क़ीमतें और सेलिब्रिटी विज्ञापन; किशोर ऑनलाइन बड़े निशाने पर हैं। 'मैं सहमत हूँ' दबाना अनुबंध है, इसलिए शर्तें, ऑटो-रिन्यूअल, रद्द और रिफ़ंड नियम पढ़ें। लेबल पढ़ें: प्रति इकाई क़ीमत, एक्सपायरी, सामग्री, एलर्जन, पोषण और सुरक्षा निशान। उपभोक्ता के अधिकार हैं (सुरक्षा, सूचना, चुनाव, सुनवाई, निवारण, शिक्षा, बुनियादी ज़रूरतें, स्वच्छ पर्यावरण) और कर्तव्य भी (बिल रखना, निशान जाँचना, सही शिकायत, टिकाऊ ख़रीदारी)। मिलकर उपभोक्ता संस्कृति तय करते हैं: हम जो ख़रीदते हैं, वही बनता है।
3. Saving, investing, insurance
Life-cycle saving · Investment choices · Insurance
- बचत: अपने पैसे को सुरक्षित ढंग से बढ़ाना – बचत का मतलब है आज की आमदनी का कुछ हिस्सा बाद के लिए रखना। अच्छे बचतकर्ता "पहले बचत, फिर ख़र्च" करते हैं। बैंक जमा पर ब्याज मिलता है; चक्रवृद्धि ब्याज में ब्याज पर भी ब्याज मिलता है, इसलिए समय के साथ बचत तेज़ी से बढ़ती है। महँगाई दाम बढ़ाती है, इसलिए असली कमाई = ब्याज दर − महँगाई दर। बचत खाता आसान है पर कम ब्याज देता है; सावधि और आवर्ती जमा ज़्यादा ब्याज देते हैं पर पैसा बंद रहता है। जमा बीमा एक सीमा तक जमा को सुरक्षित रखता है। जीवन में लोग कमाई के सालों में बचाते हैं और बुढ़ापे में उसी बचत से काम चलाते हैं।
- निवेश की बुनियादी बातें: शेयर, बॉन्ड, फ़ंड और जोखिम – बचत पैसे को सुरक्षित रखती है; निवेश पैसे को काम पर लगाता है ताकि वह महँगाई से तेज़ बढ़ सके। शेयर से तुम कंपनी के छोटे हिस्सेदार बनते हो, बॉन्ड एक उधार है जिस पर तय ब्याज मिलता है, और फ़ंड बहुत सारे शेयरों या बॉन्डों की टोकरी है। ज़्यादा संभावित कमाई के साथ ज़्यादा जोखिम आता है। पैसे को कई जगह बाँटना (विविधीकरण) और लंबे समय तक टिके रहना (चक्रवृद्धि) दो सबसे सुरक्षित आदतें हैं।
- बीमा: सिद्धांत और प्रकार – बीमा कुछ लोगों के नुकसान को उन बहुत से लोगों में बाँट देता है जो एक साझा कोष में छोटा प्रीमियम देते हैं। यह छह सिद्धांतों पर चलता है: परम सद्विश्वास, बीमा-योग्य हित, क्षतिपूर्ति, अंशदान, प्रत्यासन और निकटतम कारण (साथ में हानि कम करना)। मुख्य प्रकार हैं जीवन, स्वास्थ्य, अग्नि और समुद्री बीमा।
4. Debt and credit
Excessive debt · Payment methods · Borrower duties
- ऋण और लोन: समझदारी से उधार, समय पर भुगतान – क्रेडिट यानी आज किसी और का पैसा इस्तेमाल करना और बाद में ब्याज के साथ लौटाना। लोन की असली कीमत है ब्याज + सारी फ़ीस, जिसे APR (प्रभावी वार्षिक दर) दिखाती है। लोन किस्तों में चुकाया जाता है। समय पर भुगतान से क्रेडिट स्कोर अच्छा बनता है और आगे उधार सस्ता मिलता है। चुकाने की ताकत से ज़्यादा उधार लेने पर कर्ज़ का जाल बनता है।
- बैंकिंग: जमा, ऋण और ई-बैंकिंग – बैंक बचत करने वालों से जमा लेता है और ज़रूरतमंदों को ऋण देता है। इसके पाँच मुख्य जमा खाते हैं: बचत, चालू, आवर्ती, सावधि और बहु-विकल्प। बैंक ड्राफ़्ट से पैसा सुरक्षित भेजा जाता है, अधिविकर्ष और नकद साख से उधार मिलता है, और ई-बैंकिंग व UPI, NEFT, RTGS, IMPS जैसे डिजिटल भुगतान से बैंक ऑनलाइन सेवा देता है।
5. Jobs and start-ups
Changing jobs · Workers' rights · Starting a business
- भविष्य का काम (Future of Work) – तकनीक से काम बदलते हैं। मशीन और AI वे काम ले लेते हैं जो रोज़ एक ही तरह दोहराए जाते हैं। साथ ही नए काम बनते हैं, और लोगों से बात करने, देखभाल और नया सोचने वाले काम बढ़ते हैं। तैयार रहने का तरीक़ा है ज़िंदगी भर नए हुनर सीखते रहना।
- रोज़गार क़ानून: किसी के लिए काम करने के नियम – रोज़गार क़ानून (श्रम क़ानून) नियोक्ता और कर्मचारी के रिश्ते के नियम हैं। रोज़गार अनुबंध तब बनता है जब कोई व्यक्ति वेतन के बदले, नियोक्ता के निर्देश में (अधीनता) काम करता है। अनुबंध स्थायी, निश्चित अवधि, एजेंसी के ज़रिए अस्थायी, अंशकालिक या दूरस्थ हो सकता है; सिविल या फ़्रीलांस अनुबंध नौकरी नहीं है। कर्मचारी के अधिकार हैं (कम से कम न्यूनतम वेतन, सीमित घंटे, आराम और सवेतन छुट्टी, सुरक्षित कार्यस्थल, बराबर व्यवहार, उत्पीड़न से मुक्ति) और कर्तव्य हैं (सावधान काम, वैध निर्देश मानना, वफ़ादारी, सुरक्षा नियम)। नियोक्ता क़ानून के भीतर काम व्यवस्थित कर सकता है और अनुशासन दे सकता है। सकल वेतन कर और सामाजिक बीमा से पहले का है, शुद्ध बाद का; नियोक्ता की कुल लागत ज़्यादा होती है। ट्रेड यूनियन सामूहिक समझौते करती हैं। अनुबंध इस्तीफ़े, वैध कारण और निष्पक्ष प्रक्रिया वाली बर्ख़ास्तगी, आपसी सहमति या अवधि ख़त्म होने से समाप्त होता है।
- उद्यमिता विकास – उद्यमिता का अर्थ है ज़रूरत पहचानकर, संसाधन जोड़कर और जोखिम उठाकर नया व्यवसाय शुरू करना। भारत को रोज़गार, नए विचारों और संतुलित विकास के लिए उद्यमी चाहिए। प्रक्रिया खुद को जानने से शुरू होकर व्यवसाय शुरू करने और बढ़ाने तक जाती है। स्टार्टअप इंडिया (2016) नई फ़र्मों की मदद करता है; पैसा बचत, एंजेल, वेंचर कैपिटल, बैंक और क्राउडफ़ंडिंग से आता है; और बौद्धिक संपदा अधिकार नए विचारों, ब्रांड और रचनाओं की रक्षा करते हैं।