South 고등학교 3학년 Agricultural Life Science
अध्याय: 3
1. Agriculture and rural areas
Meaning and fields of agriculture · Rural amenities and rural life · Food security · Agriculture and environment · Agricultural culture and the future
- कृषि की मूल बातें: खेती कैसे शुरू हुई, बदली और दुनिया का पेट भरती है – कृषि का अर्थ है जानबूझकर फ़सल उगाना और पशु पालना। यह लगभग 10,000–12,000 साल पहले कई अलग-अलग उद्गम-केंद्रों में शुरू हुई, जहाँ लोगों ने जंगली पौधों और जानवरों का पालतूकरण किया; फिर यह प्रसार से फैली। दूसरी कृषि क्रांति (लगभग 1700–1900) बेहतर औज़ार, फ़सल-चक्र और मशीनें लाई, तो कम किसान ज़्यादा लोगों का पेट भरने लगे। हरित क्रांति (1960 के दशक से) ने अधिक उपज वाले बीज, सिंचाई और उर्वरक अपनाए। खेती निर्वाह या वाणिज्यिक, सघन या विस्तृत हो सकती है। फ़ॉन थ्यूनेन मॉडल बताता है कि बाज़ार के चारों ओर भूमि-उपयोग छल्ले क्यों बनाता है। आज कृषि एक वैश्विक तंत्र है जिसके सामने टिकाऊपन, जलवायु, ज़मीन, खाद्य सुरक्षा और महिलाओं की बराबर भूमिका की चुनौतियाँ हैं।
- ग्रामीण भूगोल: गाँव और देहात कैसे जीते और बदलते हैं – ग्रामीण क्षेत्रों में हर वर्ग किलोमीटर पर कम लोग, ज़्यादा खुली ज़मीन और छोटी बस्तियाँ होती हैं। इन्हें खेती ने बनाया, पर मशीनों से खेती में काम घट गया। आज ग्रामीण ज़मीन के कई उपयोग हैं: शहर में काम करने वालों के घर, पर्यटन, प्रकृति संरक्षण और ऊर्जा। शहर के पास के इलाक़े बढ़ते हैं, जबकि दूर के इलाक़ों से लोग और सेवाएँ चली जाती हैं। किसान, निवासी, पंचायत/स्थानीय सरकार और कंपनियाँ अलग-अलग चीज़ें चाहते हैं, इसलिए भूमि उपयोग योजना नियम बनाती है।
- खाद्य सुरक्षा: हर किसी को, हर दिन भोजन – खाद्य सुरक्षा का मतलब है कि हर व्यक्ति को हर समय सक्रिय और स्वस्थ जीवन के लिए पर्याप्त, सुरक्षित और पौष्टिक भोजन मिले। यह चार स्तंभों पर टिकी है: उपलब्धता (भोजन पैदा हो या आयात हो), पहुँच (लोग उसे ख़रीद या पा सकें), उपयोग (अच्छा पोषण, साफ़ पानी, सुरक्षित पकाना) और स्थिरता (बुरे साल में भी आपूर्ति न टूटे)। दुनिया में भोजन बराबर नहीं बँटा। आबादी, आमदनी और खान-पान बदलने से माँग बढ़ती है, जबकि जलवायु परिवर्तन, पानी की कमी, मिट्टी का कटाव, युद्ध और बर्बादी आपूर्ति घटाते हैं। खाद्य असुरक्षा से भूख, कुपोषण, महँगाई, पलायन और अशांति होती है। सिंचाई, बेहतर बीज, नई तकनीक और बर्बादी घटाकर आपूर्ति बढ़ सकती है, पर लंबे समय के उपाय टिकाऊ और न्यायपूर्ण भी होने चाहिए।
2. Agricultural life science and technology
Science behind farming · Agricultural products in daily life · Safe produce · Processing and distribution · Agricultural trade
- कृषि की मूल बातें: खेती कैसे शुरू हुई, बदली और दुनिया का पेट भरती है – कृषि का अर्थ है जानबूझकर फ़सल उगाना और पशु पालना। यह लगभग 10,000–12,000 साल पहले कई अलग-अलग उद्गम-केंद्रों में शुरू हुई, जहाँ लोगों ने जंगली पौधों और जानवरों का पालतूकरण किया; फिर यह प्रसार से फैली। दूसरी कृषि क्रांति (लगभग 1700–1900) बेहतर औज़ार, फ़सल-चक्र और मशीनें लाई, तो कम किसान ज़्यादा लोगों का पेट भरने लगे। हरित क्रांति (1960 के दशक से) ने अधिक उपज वाले बीज, सिंचाई और उर्वरक अपनाए। खेती निर्वाह या वाणिज्यिक, सघन या विस्तृत हो सकती है। फ़ॉन थ्यूनेन मॉडल बताता है कि बाज़ार के चारों ओर भूमि-उपयोग छल्ले क्यों बनाता है। आज कृषि एक वैश्विक तंत्र है जिसके सामने टिकाऊपन, जलवायु, ज़मीन, खाद्य सुरक्षा और महिलाओं की बराबर भूमिका की चुनौतियाँ हैं।
- खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता – खाने में बहुत छोटे जीव (जीवाणु, विषाणु, फफूँद) हो सकते हैं जो हमें बीमार करते हैं। चार आदतें खाना सुरक्षित रखती हैं: साफ़ रखो (हाथ, बर्तन, जगह), अलग रखो (कच्चा और खाने को तैयार), अच्छी तरह पकाओ (बीच में कम से कम 75 °C) और ठंडा रखो (5 °C या कम)। 5–60 °C के ख़तरे के क्षेत्र में जीवाणु सबसे तेज़ बढ़ते हैं, हर 20 मिनट में दोगुने तक। खाद्य उद्योग HACCP योजना और सफ़ाई के नियम अपनाते हैं।
- खाद्य विज्ञान: हमारे भोजन का रसायन – खाद्य विज्ञान पढ़ता है कि भोजन किससे बना है और खेत से थाली तक कैसे बदलता है। भोजन में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, पानी, विटामिन और खनिज होते हैं। पकाने से ये बदलते हैं: गर्मी प्रोटीन को खोलती है (विकृतीकरण), स्टार्च पानी में फूलता है (जिलेटिनीकरण), और सूखी गर्मी मेयार्ड अभिक्रिया व कैरामेलीकरण से भोजन भूरा करती है। सूक्ष्मजीव किण्वन से ब्रेड, दही और अचार बनाते हैं, पर भोजन ख़राब भी कर सकते हैं। प्रसंस्करण, परिरक्षण और सही तापमान भोजन को सुरक्षित और पौष्टिक रखते हैं।
- अंतर्राष्ट्रीय व्यापार – देशों की सीमाओं के पार वस्तुओं और सेवाओं का ख़रीदना-बेचना अंतर्राष्ट्रीय व्यापार है। बाहर बेचना निर्यात और बाहर से ख़रीदना आयात है। इससे देश को विदेशी मुद्रा, विकास और रोज़गार मिलते हैं, और कंपनियों को लाभ और नए बाज़ार। निर्यात और आयात तय चरणों से होते हैं और इनमें साख पत्र, बिल ऑफ़ लेडिंग जैसे कई प्रलेख लगते हैं। WTO (1995) व्यापार के नियम बनाता है और बाधाएँ घटाता है।
3. Agriculture and careers
Farm-related jobs and licences · Planning a career in agriculture
- करियर प्लानिंग: ख़ुद को जानने से पहली नौकरी तक – करियर प्लानिंग के पाँच कदम हैं। 1) ख़ुद को जानो: रुचियाँ, कौशल और मूल्य। 2) करियर परिवार खोजो और जानो कि काम क्या है, कौन-सी पढ़ाई चाहिए, वेतन और माँग कितनी है। 3) SMART लक्ष्य और प्लान B के साथ रास्ता बनाओ। 4) CV, आवेदन पत्र, डिजिटल पोर्टफ़ोलियो और इंटरव्यू अभ्यास से नौकरी खोजो। 5) स्कूल से काम की ओर बढ़ो और सीखते रहो, क्योंकि ज़िंदगी भर करियर बदलता है।