Italy Secondaria di secondo grado – classe 1ª Geometric disciplines
अध्याय: 1
1. Geometric drawing
Euclidean elements and conventions · Orthographic and axonometric projection · Intuitive perspective
- ज्यामितीय रचनाएँ: परकार और पटरी से सटीक चित्र – ज्यामितीय रचना में आकृति सिर्फ़ परकार (compass) और पटरी (सीधी रेखा के लिए) से सटीक बनाई जाती है। मुख्य रचनाएँ: रेखाखंड का लंब समद्विभाजक, कोण का समद्विभाजक, बिंदु से रेखा पर लंब, 60°, 30°, 90° और 45° के कोण, तीन भुजाओं (SSS), दो भुजाओं और बीच के कोण (SAS) या दो कोणों और एक भुजा (ASA) से त्रिभुज, और सम षट्भुज जैसे बहुभुज। ये इसलिए काम करती हैं क्योंकि बराबर चाप बराबर लंबाइयाँ देते हैं, जिनसे सर्वांगसम त्रिभुज बनते हैं।
- ठोसों के लंबकोणीय दृश्य – लंबकोणीय (orthographic) दृश्य किसी ठोस को एक दिशा से बिल्कुल सीधा देखने पर दिखता है, बिना परिप्रेक्ष्य के। तीन मुख्य दृश्य हैं: सामने का दृश्य (उन्नयन), ऊपर का दृश्य (योजना) और पार्श्व दृश्य (बगल का उन्नयन)। हर दृश्य एक माप छिपा देता है, इसलिए आकार तय करने के लिए आम तौर पर तीनों चाहिए। दृश्य एक तय क्रम में रखे जाते हैं: प्रथम कोण प्रक्षेप (योजना सामने के दृश्य के नीचे; भारत, यूरोप, ISO) या तृतीय कोण प्रक्षेप (योजना ऊपर; अमेरिका)। दिखने वाले किनारे मोटी सतत रेखा, छिपे किनारे टूटी रेखा, और केंद्र रेखाएँ शृंखला रेखा से बनती हैं। जाल वह समतल आकृति है जो मुड़कर ठोस बनती है, और अनुप्रस्थ काट ठोस को काटने पर दिखने वाली सतह है।
- परिप्रेक्ष्य चित्रण: क्षितिज, लोप बिंदु और छाया – परिप्रेक्ष्य (पर्सपेक्टिव) चित्रण से सपाट काग़ज़ गहरा दिखता है। आँख की ऊँचाई पर क्षितिज रेखा खींचो, फिर दूर जाती रेखाएँ लोप बिंदुओं पर मिलती हैं। दूर की चीज़ें छोटी बनती हैं (आकार ∝ 1 ÷ दूरी)। एक-बिंदु में एक लोप बिंदु, दो-बिंदु में दो। छाया दो काटती रेखाओं से मिलती है।