National Year 13 Music
अध्याय: 3
1. Optional areas of study (choose two)
AoS2: Pop music · AoS3: Music for media · AoS4: Music for theatre · AoS5: Jazz · AoS6: Contemporary traditional music · AoS7: Art music since 1910
- लोकप्रिय संगीत: पॉप, रॉक और अर्बन गाने कैसे बनते हैं – लोकप्रिय संगीत बहुत सारे लोगों के लिए बना संगीत है, जो रेडियो, रिकॉर्ड, टीवी और इंटरनेट से फैलता है। बैंड परतों में बजता है: ड्रम और बेस रिदम सेक्शन बनाते हैं, गिटार और कीबोर्ड कॉर्ड बजाते हैं, आवाज़ धुन गाती है। ज़्यादातर गाने 4/4 ताल में होते हैं, 2 और 4 पर बैकबीट, वर्स-कोरस ढाँचा और एक याद रहने वाला हुक या रिफ़। शैलियाँ एक-दूसरे से बनीं: ब्लूज़-जैज़, रॉक एंड रोल, रॉक-पॉप, डिस्को-पंक, हिप-हॉप और इलेक्ट्रॉनिक डांस संगीत, साथ में रेगे, के-पॉप और बॉलीवुड।
- फ़िल्म संगीत और मीडिया के लिए संगीत – मीडिया का संगीत फ़िल्म, टीवी, विज्ञापन और वीडियो गेम में तस्वीरों और कहानी का साथ देने के लिए बनता है। यह डाइजेटिक (पात्र सुन सकें) या नॉन-डाइजेटिक (सिर्फ़ दर्शक सुनें) हो सकता है। संगीतकार पात्रों के लिए लाइटमोटिफ़, हरकत पर हिट पॉइंट, और टेम्पो, सुर, स्वर-संगति, वाद्य और आवाज़ से मूड बनाते हैं। गेम संगीत अक्सर अनुकूल (adaptive) होता है।
- म्यूज़िकल थिएटर (Musical Theatre) – म्यूज़िकल थिएटर कहानी को बोले गए दृश्यों (बुक), गीतों (स्कोर), नृत्य, सेट और रोशनी से मिलाकर कहता है। जब भावना बोलने से बड़ी हो जाए, पात्र गाने लगते हैं। आम गीत-प्रकार हैं: शुरुआती गीत, “मैं चाहता हूँ” गीत, युगल गीत, समूह गीत, हास्य गीत, शोस्टॉपर और रीप्राइज़। ऑपेरा इसका पुराना रिश्तेदार है, जिसमें आमतौर पर सब कुछ गाया जाता है। कर्ट वाइल, रिचर्ड रॉजर्स, स्टीफ़न सॉन्डहाइम, क्लॉड-मिशेल शॉनबर्ग और जेसन रॉबर्ट ब्राउन ने इसे अलग-अलग ढंग से गढ़ा।
- जैज़ (Jazz) – जैज़ 1900 के शुरू में न्यू ऑर्लियन्स के अफ़्रीकी-अमेरिकी समुदायों में जन्मा, जिसमें ब्लूज़, रैगटाइम, ब्रास बैंड और चर्च संगीत मिले। इसकी पहचान है स्विंग ताल (लंबा-छोटा), ब्लू नोट्स, सिंकोपेशन, भरे हुए कॉर्ड, सवाल-जवाब, और सबसे बढ़कर दोहराते कॉर्ड-चक्र पर इम्प्रोवाइज़ेशन। सौ साल में इसकी शैली कई बार बदली: न्यू ऑर्लियन्स, स्विंग और बिग बैंड, बीबॉप, कूल और मोडल, फ़्यूज़न और आज का वैश्विक जैज़।
- 20वीं सदी का संगीत – 20वीं सदी में संगीतकारों ने कई पुराने नियम तोड़े। प्रभाववादी (डेबुसी, रवेल) धुंधली पूर्ण-स्वर और मोडल ध्वनियाँ लाए। अभिव्यंजनावादी (शोनबर्ग, बर्ग, वेबर्न) ने 'घर का सुर' (key) छोड़ा (अतानता) और फिर 12 सुरों की कतार से संगीत बनाया (सीरियलिज़्म)। नव-शास्त्रीय संगीतकार (स्ट्राविंस्की, प्रोकोफ़िएव, पूलेंक) पुराने साफ़ रूपों पर लौटे पर नई तीखी हार्मनी के साथ। बार्तोक और कोडाई ने लोक धुनें और असमान लय अपनाईं। फिर इलेक्ट्रॉनिक और संयोग (chance) संगीत आया, उसके बाद न्यूनतमवाद (रायली, राइख, ग्लास) और शैलियों को मिलाने वाला उत्तर-आधुनिकतावाद। कॉपलैंड, ब्रिटन, शोस्ताकोविच और मेसियाँ ने अपनी अलग आवाज़ें बनाईं।
2. Component 2: Performance
Solo and/or ensemble recital or music production
- संगीत प्रस्तुति (Music Performance): एकल और समूह में – संगीत प्रस्तुति यानी श्रोताओं के सामने कोई रचना बजाना या गाना। अच्छी प्रस्तुति में शुद्धता (सही सुर, सही लय), एक-सी ताल (टेम्पो), भाव दिखाने के लिए डायनेमिक्स और फ़्रेज़िंग, और शैली के अनुसार वादन होता है। समूह में कलाकार एक-दूसरे को सुनते हैं, आवाज़ का संतुलन रखते हैं और इशारों पर चलते हैं। अच्छी तैयारी = धीमा, सही रियाज़, छोटे टुकड़ों में, फिर गति बढ़ाना और दूसरों को सुनाना।
3. Component 3: Composition
Composition to a brief · Free composition
- संगीत रचना: छोटे-से विचार से पूरी धुन कैसे बने – रचना (composing) मतलब छोटे विचारों से संगीत बनाना। एक मोटिफ़ (कुछ स्वर) से शुरू करो। उसे दोहराव, सीक्वेंस (वही आकार ऊपर या नीचे) और बदलाव (लय बदलो, उल्टा करो) से बढ़ाओ। नीचे सुरसंगति रखो: I, IV, V, I जैसे कॉर्ड, और अंत में कैडेंस। बनावट चुनो (अकेली धुन, कॉर्ड के साथ धुन, या कई धुनें एक साथ)। पूरे टुकड़े को A B A या मुखड़ा-अंतरा जैसे रूप में ढालो। तात्कालिक रचना (improvisation) मौके पर रचना है। ब्रीफ़ बताता है मक़सद, लंबाई और वाद्य।