China 高二 Ideology and Politics
अध्याय: 3
1. Comp.4 Philosophy and culture
Philosophy and world view; matter and motion · Dialectics: connection, development, contradiction · Knowledge and practice; truth · Society and history; values · Culture: tradition, foreign cultures, cultural development
- दर्शनशास्त्र क्या है? सवाल, शाखाएँ और तर्क – दर्शन (फ़िलॉसफ़ी) का अर्थ है "ज्ञान से प्रेम"। यह बड़े सवाल पूछता है (असली क्या है, हम कैसे जानते हैं, सही क्या है, सुंदर क्या है) और उनके जवाब साफ़ कारणों से देता है। इसकी शाखाएँ हैं तत्वमीमांसा, ज्ञानमीमांसा, नीतिशास्त्र, तर्कशास्त्र, सौंदर्यशास्त्र आदि, और यह हमारा विश्व-दृष्टिकोण बनाता है।
- द्वंद्ववाद: संबंध, विकास और विरोध – द्वंद्ववाद सोचने का वह तरीका है जो दुनिया को जुड़ी हुई, हमेशा बदलती और विरोधी पक्षों की खींचतान (विरोध) से आगे बढ़ती हुई देखता है। छोटे-छोटे बदलाव जुड़ते-जुड़ते अचानक नया गुण बना देते हैं (मात्रा से गुण)। द्वंद्वात्मक सोच विश्लेषण (पूरे को हिस्सों में बाँटना) और संश्लेषण (हिस्सों से नया पूरा बनाना) का उपयोग करती है, और ज्ञान बार-बार के अभ्यास से बढ़ता है।
- ज्ञानमीमांसा: ज्ञान क्या है? – ज्ञानमीमांसा दर्शन की वह शाखा है जो पूछती है कि ज्ञान क्या है, हमें कैसे मिलता है और हम कितने पक्के हो सकते हैं। एक पुराना उत्तर: ज्ञान वह विश्वास है जो सच हो और जिसके अच्छे कारण हों (औचित्यपूर्ण सत्य विश्वास)। पर संयोग वाले उदाहरण (गेटियर) दिखाते हैं कि इतना शायद काफ़ी नहीं। ज्ञान तर्क (बुद्धिवाद) और इंद्रियों के अनुभव (अनुभववाद) से आता है; कांट ने कहा दोनों चाहिए। सत्य के सिद्धांत: संवाद (तथ्यों से मेल), संगति (दूसरे विश्वासों से मेल) और व्यावहारिक (काम करे)। संदेहवाद याद दिलाता है कि इंद्रियाँ और तर्क धोखा दे सकते हैं, इसलिए हम जाँचते हैं।
- समाज, इतिहास और मूल्य – समाज के दो हिस्से हैं: आधार (लोग कैसे जीते और काम करते हैं) और विचार (मान्यताएँ, नियम, कला)। आधार विचारों को बनाता है और विचार भी असर डालते हैं। आम लोग मिलकर इतिहास बनाते हैं। किसी चीज़ का मूल्य इस पर टिका है कि वह ज़रूरत कितनी पूरी करती है।
- सांस्कृतिक परिवर्तन: संस्कृतियाँ कैसे फैलती, मिलती और बढ़ती हैं – संस्कृति किसी समूह के जीने का तरीका है: खाना, कपड़े, भाषा, विश्वास और औज़ार। यह कभी रुकती नहीं। जब आदतें एक समूह से दूसरे तक फैलती हैं (प्रसार), जब लंबे संपर्क में समूह आदतें मिला लेते हैं (मेल या acculturation), और जब लोग अपने समूह में नए विचार बनाते हैं (आविष्कार), तब सांस्कृतिक परिवर्तन होता है।
2. Sel.1 Contemporary international politics and economy (elective)
States: form of state and government; structure · World multipolarity; peace and development; China's diplomacy · Economic globalisation and China · International organisations (UN, regional)
- राज्य और सरकार: राज्य किससे बनता है – राज्य एक राजनीतिक समुदाय है जिसके चार तत्व हैं: स्थायी जनसंख्या, निश्चित क्षेत्र, सरकार और संप्रभुता (अंदर सबसे ऊँची शक्ति, बाहर स्वतंत्रता)। सरकार वह टीम है जो राज्य चलाती है और बदलती रहती है; राज्य बना रहता है। राज्य इसमें अलग होते हैं कि फ़ैसला कौन करता है (लोकतंत्र, राजतंत्र, तानाशाही), शक्ति कैसे बँटी है (एकात्मक या संघीय) और वे नागरिकों के लिए कितना करते हैं।
- वैश्विक दुनिया का बनना – लोग, सामान, विचार और बीमारियाँ हज़ारों साल से दुनिया में घूम रहे हैं: रेशम मार्ग पर, आलू-मक्का जैसी फ़सलों के साथ और चेचक जैसी बीमारियों के साथ। 1815 से 1914 के बीच विश्व अर्थव्यवस्था तीन धाराओं से बढ़ी: माल, मज़दूर और पूँजी; रेल, भाप के जहाज़ और ठंडे जहाज़ों ने मदद की। उपनिवेशों ने क़ीमत चुकाई: अफ़्रीका में रिंडरपेस्ट और भारत से गिरमिटिया मज़दूर। पहले विश्व युद्ध के बाद अमेरिका में बड़े पैमाने पर उत्पादन और फिर 1929 की महामंदी आई, जिसने भारत के किसानों को बहुत चोट पहुँचाई। 1945 के बाद ब्रेटन वुड्स व्यवस्था, IMF और विश्व बैंक ने दुनिया की अर्थव्यवस्था फिर से खड़ी की।
- अंतर्राष्ट्रीय संगठन – अंतर्राष्ट्रीय संगठन देशों को शांति, पैसे, व्यापार और अधिकारों पर मिलकर काम करने में मदद करते हैं। राष्ट्र संघ की विफलता के बाद 1945 में संयुक्त राष्ट्र बना; इसके छह मुख्य अंग हैं और सुरक्षा परिषद के पाँच स्थायी सदस्यों के पास वीटो है। 1945 के बाद दुनिया बदल गई है, इसलिए UN, ख़ासकर सुरक्षा परिषद में सुधार ज़रूरी है, और भारत स्थायी सीट माँगता है। IMF, विश्व बैंक, WTO, ILO और IAEA पैसे, विकास, व्यापार, मज़दूरों और परमाणु सुरक्षा को देखते हैं, और एमनेस्टी जैसे NGO मानवाधिकारों पर नज़र रखते हैं।
3. Sel.2 Law and life (elective)
Civil rights; property; contracts; torts · Family and marriage; inheritance · Employment and entrepreneurship; tax · Mediation, arbitration, litigation
- पारिवारिक क़ानून: विवाह, माता-पिता और बच्चे – पारिवारिक क़ानून दीवानी (निजी) क़ानून का हिस्सा है जो विवाह, पति-पत्नी के संबंध, माता-पिता और बच्चे, तलाक़, भरण-पोषण, संरक्षकता और गोद लेने से जुड़ा है। ज़्यादातर देशों में वैध विवाह के लिए दो वयस्क चाहिए जो अपनी मर्ज़ी से सहमत हों, पहले से विवाहित न हों, नज़दीकी रिश्तेदार न हों, और विवाह पंजीकृत हो। पति-पत्नी के अधिकार और कर्तव्य बराबर हैं। माता-पिता बच्चे की देखभाल, भरण-पोषण और पढ़ाई करते हैं, और बच्चे से जुड़ा हर फ़ैसला 'बच्चे के सर्वोत्तम हित' से होता है। बिना माता-पिता की देखभाल वाले बच्चों को संरक्षकता, पालक देखभाल और गोद लेने से सुरक्षा मिलती है।
- काम, कारोबार और कर: अधिकार और नियम – मज़दूर और मालिक के बीच अनुबंध होता है और क़ानून उचित वेतन, सुरक्षा, आराम और संगठन के अधिकार की रक्षा करता है। कारोबार शुरू करने के लिए पंजीकरण और लाइसेंस चाहिए। ईमानदार प्रतिस्पर्धा ग्राहकों को बचाती है। कर आय या बिक्री का हिस्सा है जो राज्य को मिलता है और सार्वजनिक सेवाओं पर लगता है।
- वैकल्पिक विवाद समाधान (ADR): अदालत के बाहर विवाद सुलझाना – अदालतें या तो प्रतिकूल व्यवस्था (adversarial: दोनों पक्ष बहस करते हैं, जज तटस्थ अंपायर) अपनाती हैं या जाँच-प्रधान व्यवस्था (inquisitorial: जज खुद तथ्य खोजता है)। मुकदमे धीमे और महँगे हो सकते हैं, इसलिए वैकल्पिक विवाद समाधान (ADR) दूसरे रास्ते देता है: बातचीत, मध्यस्थता (तटस्थ व्यक्ति पक्षों को सहमति तक पहुँचने में मदद करता है), सुलह (तटस्थ व्यक्ति समझौते का प्रस्ताव भी दे सकता है), माध्यस्थम/पंचाट (चुना हुआ पंच बाध्यकारी अवार्ड देता है) और भारत में लोक अदालत (मुफ़्त, जल्दी, समझौते से, अपील नहीं)। इनसे अलग, ओम्बड्समैन, जैसे भारत में लोकपाल (केंद्र) और लोकायुक्त (राज्य), सरकारी अधिकारियों के भ्रष्टाचार या कुप्रशासन की शिकायतों की जाँच करते हैं।