Russia 8 класс Informatics (advanced)
अध्याय: 3
1. Theoretical foundations
Number systems · Logic
- संख्या पद्धति और कूटन (Encoding) – संख्या पद्धति अंकों और आधार से संख्याएँ लिखने का तरीका है। दशमलव (आधार 10) में 0–9, बाइनरी (आधार 2) में 0 और 1, ऑक्टल (आधार 8) में 0–7, और हेक्साडेसिमल (आधार 16) में 0–9 और A–F। दशमलव से किसी आधार में: आधार से बार-बार भाग देकर शेष नीचे से ऊपर पढ़ें; भिन्न भाग के लिए आधार से गुणा करके पूर्णांक ऊपर से नीचे पढ़ें। दशमलव में: हर अंक × स्थानीय मान, फिर जोड़ें। बाइनरी ↔ ऑक्टल में 3 बिट के समूह, बाइनरी ↔ हेक्स में 4 बिट के। टेक्स्ट कूटन से रखा जाता है: ASCII (7 बिट, 128 अक्षर), ISCII (8 बिट, भारतीय लिपियाँ) और यूनिकोड (हर लिपि), जो UTF-8 (1–4 बाइट) या UTF-32 (4 बाइट) में सहेजा जाता है।
- बूलियन तर्क (Boolean Logic) – बूलियन तर्क में केवल दो मान हैं: 1 (सत्य) और 0 (असत्य)। लॉजिक गेट इन पर काम करते हैं: NOT मान उलटता है; AND तभी 1 जब सभी इनपुट 1; OR तब 1 जब कोई भी इनपुट 1; NAND और NOR, AND और OR के उल्टे हैं; XOR तब 1 जब इनपुट अलग हों। सत्य सारणी हर इनपुट संयोजन का आउटपुट बताती है (n इनपुट पर 2ⁿ पंक्तियाँ)। डी मॉर्गन: (A·B)' = A' + B' और (A + B)' = A'·B'। गेटों को जोड़कर लॉजिक सर्किट बनते हैं।
2. Algorithms and programming
Programming language · Branching and loops · Strings · Arrays
- प्रोग्रामिंग की मूल बातें: अनुक्रम, चयन, लूप और फ़ंक्शन – प्रोग्राम सटीक निर्देशों का समूह है जिसे कंप्यूटर मानता है। हर प्रोग्राम तीन संरचनाओं से बनता है: अनुक्रम (क्रम से कदम), चयन (if/else से चुनाव) और पुनरावृत्ति (लूप)। चर मान संभालकर रखते हैं। फ़ंक्शन कोड को नाम वाले, दोबारा इस्तेमाल होने वाले खंडों में बाँटते हैं, जिससे प्रोग्राम मॉड्यूलर बनता है और उसे जाँचना, सुधारना और सँभालना आसान होता है।
- शाखा और लूप: प्रोग्राम को चुनना और दोहराना सिखाएँ – शाखा (if/else) शर्त के आधार पर प्रोग्राम को रास्ता चुनने देती है; लूप शर्त सही रहने तक कदम दोहराता है। इन दोनों से हम सबसे बड़ी संख्या ढूँढ सकते हैं, द्विघात हल कर सकते हैं, अंकों का योग निकाल सकते हैं, अभाज्य जाँच सकते हैं और यूक्लिड विधि से महत्तम समापवर्तक (GCD) निकाल सकते हैं।
- Python में स्ट्रिंग – स्ट्रिंग अक्षरों का इम्यूटेबल अनुक्रम है जो एकल, दोहरे या तिहरे उद्धरण चिह्नों में लिखा जाता है। हर अक्षर का धनात्मक इंडेक्स (बाएँ से 0) और ऋणात्मक इंडेक्स (दाएँ से −1) होता है। संक्रियाएँ: + (जोड़ना), * (दोहराना), in / not in (सदस्यता) और स्लाइसिंग s[start:stop:step], जो start से stop तक (stop शामिल नहीं) अक्षर लेती है। ट्रैवर्सल = लूप से हर अक्षर पर जाना। len(), upper(), lower(), title(), capitalize(), count(), find(), index(), replace(), split(), join(), strip(), startswith(), endswith(), isalpha(), isdigit(), isalnum(), islower(), isupper(), isspace() जैसे मेथड मूल स्ट्रिंग बदले बिना नया मान देते हैं।
- ऐरे और लिस्ट: एक नाम में बहुत सारे मान – ऐरे (array) नंबर वाले डिब्बों की एक पंक्ति है जिनका नाम एक ही होता है। हर डिब्बे में एक मान होता है और उसका इंडेक्स 0 से शुरू होता है। इंडेक्स से हम डिब्बा पढ़ते या बदलते हैं, लूप से हर डिब्बे पर जाते हैं (ट्रैवर्सल), और इसी लूप से योग, औसत, सबसे बड़ा मान, गिनती और लीनियर सर्च करते हैं। 2D ऐरे पंक्तियों और स्तंभों का ग्रिड है, जिसे दो इंडेक्स और दो नेस्टेड लूप से पढ़ते हैं। ऐरे का आकार तय होता है; लिस्ट बढ़-घट सकती है।
3. Information technologies
Spreadsheets
- लेखांकन में स्प्रेडशीट: सूत्र, बैंक समाधान, अनुसूचियाँ, अनुपात और चार्ट – स्प्रेडशीट पंक्तियों और स्तंभों का जाल है, जिसके हर सेल में संख्या, शब्द या सूत्र हो सकता है। एक संख्या बदलो तो उससे जुड़े सब सूत्र अपने-आप बदल जाते हैं। लेखाकार इससे बैंक समाधान, मूल्यह्रास और ऋण अनुसूची, वेतन पत्रक, अनुपात विश्लेषण और चार्ट बनाते हैं।