Poland Szkoła podstawowa, klasa VII Art
अध्याय: 3
1. Language and functions of art
Fields of visual art · Composition · Colour · Illusion of space and other means of expression · Genres and subjects in art
- दृश्य कला: तत्व, सिद्धांत और रचना प्रक्रिया – हर कलाकृति, चाहे पेंसिल स्केच हो, मूर्ति हो या पोस्टर, सात तत्वों से बनती है: रेखा, आकार, रूप, रंग, बनावट, मान (टोन) और स्थान। कलाकार इन्हें डिज़ाइन के सिद्धांतों से सजाते हैं: संतुलन, विरोधाभास, बल, लय और पैटर्न, अनुपात और एकता। रंग सिद्धांत (प्राथमिक, द्वितीयक, तृतीयक, पूरक, गर्म-ठंडे) और परिप्रेक्ष्य चित्र को असली या भावपूर्ण बनाते हैं। स्कूल के कला पाठ्यक्रम में एक प्रक्रिया भी सीखते हैं: कलाकारों पर शोध, विचार विकसित करना, माध्यमों से प्रयोग, अवलोकन दर्ज करना, और पोर्टफ़ोलियो में अपनी निजी अंतिम रचना प्रस्तुत करना।
- कला में संयोजन: कलाकार चित्र को कैसे सजाते हैं – संयोजन (composition) का मतलब है कि कलाकार आकार, रेखा, रंग और ख़ाली जगह को फ्रेम के अंदर (या मूर्ति में 3D स्थान में) कैसे सजाता है। अच्छे संयोजन में एक साफ़ केंद्र बिंदु, संतुलन, आकृति और पृष्ठभूमि का अंतर, और आँख को राह दिखाती रेखाएँ होती हैं। तिहाई का नियम जैसे आसान औज़ार योजना बनाने में मदद करते हैं।
- रंग सिद्धांत: रंग-चक्र, रंगों का मेल, मिश्रण और अर्थ – रंग सिद्धांत रंग मिलाने और साथ रखने के सरल नियम हैं। पेंट में लाल, पीला और नीला प्राथमिक रंग हैं; दो प्राथमिक से द्वितीयक (नारंगी, हरा, बैंगनी) बनता है; प्राथमिक + पास वाला द्वितीयक = तृतीयक, और इस तरह 12 रंगों का चक्र बनता है। हर रंग के तीन आयाम हैं: वर्ण/ह्यू (नाम), मान (हल्का-गहरा: टिंट, शेड, टोन) और संतृप्ति (चटक-फीका)। पूरक, सजातीय, त्रिक और एकवर्णी जैसे सामंजस्य रंगों को साथ अच्छा दिखाते हैं। गर्म रंग आगे आते लगते हैं, ठंडे पीछे जाते। प्रकाश जुड़कर सफ़ेद बनता है (RGB); पेंट और स्याही प्रकाश घटाते हैं (CMY से लगभग काला)। रंग भावना और संस्कृति के अर्थ भी रखते हैं।
- परिप्रेक्ष्य चित्रण: क्षितिज, लोप बिंदु और छाया – परिप्रेक्ष्य (पर्सपेक्टिव) चित्रण से सपाट काग़ज़ गहरा दिखता है। आँख की ऊँचाई पर क्षितिज रेखा खींचो, फिर दूर जाती रेखाएँ लोप बिंदुओं पर मिलती हैं। दूर की चीज़ें छोटी बनती हैं (आकार ∝ 1 ÷ दूरी)। एक-बिंदु में एक लोप बिंदु, दो-बिंदु में दो। छाया दो काटती रेखाओं से मिलती है।
- कला आलोचना: कलाकृति को कैसे देखें और परखें – कला आलोचना यानी कला के बारे में सोच-समझकर बात करना। इसके चार चरण हैं: जो दिखे उसका वर्णन, हिस्से कैसे रखे हैं उसका विश्लेषण, अर्थ या भाव की व्याख्या, और कारण देकर निर्णय। आलोचक अलग-अलग दृष्टिकोण (रूप, भाव, संदर्भ) से देखते हैं और सही कला-शब्द इस्तेमाल करते हैं। यही तरीका चित्र, मूर्ति, इमारत, नृत्य, नाटक और फ़िल्म पर भी चलता है।
2. Art skills and creative expression
Drawing and painting from observation and feeling · 3D work, design and stage · Techniques and everyday aesthetics
- कला शिक्षा: कला के रूप, सृजन और कला प्रोजेक्ट – स्कूल की कला शिक्षा में कई क्षेत्र हैं: दृश्य कला, संगीत, नृत्य, रंगमंच, सिनेमा और दृश्य-श्रव्य कला, सर्कस कला और कला इतिहास। हर क्षेत्र में तीन काम होते हैं: अभ्यास और सृजन (बनाना), पेशेवर कलाकारों की कला देखना-सुनना (मिलना), और उस पर सोचना-बोलना (चिंतन)। कला प्रोजेक्ट एक चक्र है: विचार, खोज, प्रयोग, निर्माण, प्रस्तुति और चिंतन, और हर चरण पोर्टफोलियो में दर्ज होता है। कला के रूप अक्सर मिलते हैं: संगीत के साथ नृत्य, फ़िल्म के साथ रंगमंच। संग्रहालय, संगीत-सभा या नाटक देखना और कलाकारों से बात करना आपकी समझ और रुचि बनाता है।
- डिज़ाइन (Design) क्या है? क्षेत्र, रूप-कार्य और सबके लिए डिज़ाइन – डिज़ाइन यानी किसी चीज़ की सोच-समझकर योजना बनाना ताकि वह लोगों का कोई काम करे। इसके कई क्षेत्र हैं: उत्पाद, ग्राफ़िक, फ़ैशन-वस्त्र, इंटीरियर, लैंडस्केप, वास्तुकला और डिजिटल (UX)। अच्छा डिज़ाइन रूप (आकार, रंग, सामग्री) और कार्य को जोड़ता है: "रूप कार्य के पीछे चलता है"। डिज़ाइनर तत्वों और सिद्धांतों का उपयोग करते हैं, वस्तु को शरीर के अनुसार बनाते हैं (एर्गोनॉमिक्स), सबके लिए (समावेशी) और धरती के लिए कम नुकसानदेह (टिकाऊ) चीज़ें बनाते हैं।
3. Visual culture and heritage
Local and Polish heritage · World art, style and museums
- सांस्कृतिक विरासत – सांस्कृतिक विरासत वह सब है जो किसी समुदाय को अतीत से मिला, जिसे वह आज महत्व देता है और आगे सौंपना चाहता है: इमारतें और स्मारक, संग्रहालय की चीज़ें, भाषाएँ, संगीत, नृत्य, त्योहार, हुनर, खाना और ज्ञान। मूर्त विरासत छू सकते हैं (अचल जैसे मंदिर और पुल, चल जैसे सिक्के और पांडुलिपियाँ); अमूर्त विरासत जी और निभाई जाती है; प्राकृतिक विरासत में ख़ास भू-दृश्य और जीव हैं। विरासत पहचान देती है, इतिहास सिखाती है, पर्यटन से कमाई लाती है और संस्कृतियों को जोड़ती है। मौसम, प्रदूषण, भीड़, लापरवाह निर्माण, उपेक्षा और संघर्ष इसे ख़तरे में डालते हैं; संरक्षण, कानून, संग्रहालय, विरासत सूचियाँ, शिक्षा और स्थानीय लोग इसे बचाते हैं।
- कला का इतिहास: गुफा की दीवारों से आज तक – मनुष्य कम से कम 40,000 साल से कला बना रहा है। प्रागैतिहासिक कला में गुफा की दीवारों पर जानवर और हाथ की छाप हैं। प्राचीन सभ्यताओं ने शासकों, देवताओं और परलोक के लिए कला बनाई। शास्त्रीय परंपराएँ यूनान-रोम, भारत, चीन, अफ़्रीका और अमेरिका में पनपीं। पुनर्जागरण ने परिप्रेक्ष्य और यथार्थ दिया; आधुनिक कला (लगभग 1860 से) ने ये नियम तोड़े; समकालीन कला कोई भी सामग्री अपनाती है। किसी कलाकृति को समझने के लिए वर्णन, विश्लेषण, संदर्भ में व्याख्या और कारण सहित निर्णय करें।