Netherlands VWO 4 (bovenbouw, 2e fase) General Natural Science
अध्याय: 3
1. Skills
Communication and information skills · Practical, maths, design and research skills · Science in society
- शोध कौशल: प्रश्न से पूरे प्रोजेक्ट तक – शोध उत्तर खोजने का सावधान तरीका है। आप एक साफ़, सीमित प्रश्न पूछते हैं, उसका उत्तर पाने की योजना बनाते हैं, जानकारी खोजते हैं और हर स्रोत पर भरोसे की जाँच करते हैं, अपने आँकड़े जुटाकर विश्लेषण करते हैं, सबूत पर टिका निष्कर्ष निकालते हैं, और हर स्रोत को श्रेय देते हुए उसे साझा करते हैं।
- वैज्ञानिक विधि – वैज्ञानिक विधि वह सावधान तरीका है जिससे वैज्ञानिक पता लगाते हैं कि दुनिया कैसे चलती है। कुछ देखो (प्रेक्षण), परखने लायक प्रश्न पूछो, परिकल्पना बनाओ (साफ़, परखने योग्य अनुमान), निष्पक्ष प्रयोग से परखो (एक चर बदलो, एक मापो, बाकी सब एक जैसा), दोहराओ और आँकड़े लिखो, विश्लेषण करो, निष्कर्ष निकालो और साझा करो ताकि दूसरे जाँच सकें। जो नतीजे परिकल्पना से मेल न खाएँ, वे भी काम के हैं: वे नई परिकल्पना की ओर ले जाते हैं।
- विज्ञान, प्रौद्योगिकी और समाज: खोजें हमारा जीवन कैसे बदलती हैं – विज्ञान पता लगाता है कि प्रकृति कैसे काम करती है; प्रौद्योगिकी (तकनीक) उस ज्ञान से औज़ार बनाती और समस्याएँ सुलझाती है। समाज भी विज्ञान को दिशा देता है: सवाल पूछकर, शोध के लिए पैसा देकर और नियम बनाकर। छापाख़ाना, भाप इंजन, बिजली, टीके और इंटरनेट ने काम करने, जीने और सोचने का तरीक़ा बदल दिया। हर तकनीक के लाभ और जोखिम दोनों होते हैं। सही फ़ैसले के लिए हम प्रमाण देखते हैं, लाभ और जोखिम तौलते हैं, पूछते हैं किसे फ़ायदा और किसे नुक़सान, नैतिकता और भविष्य सोचते हैं, और सुरक्षा नियम अपनाते हैं।
2. Analysis of and reflection on science and technology
How knowledge is formed · Applying knowledge · Influence of science and technology
- विज्ञान की प्रकृति: वैज्ञानिक ज्ञान कैसे बनता और बदलता है – विज्ञान जानने का एक तरीका है जो ऐसे साक्ष्य पर टिका है जिसे कोई भी जाँच सकता है। वैज्ञानिक प्रेक्षण करते हैं, अनुमान लगाते हैं, ऐसे विचार परखते हैं जो गलत भी साबित हो सकें, और दूसरे विशेषज्ञों से अपना काम जँचवाते हैं। नियम बताते हैं क्या होता है; सिद्धांत बताते हैं क्यों। वैज्ञानिक ज्ञान भरोसेमंद है पर हमेशा बदलाव के लिए खुला, और कभी-कभी देखने का पूरा ढाँचा (प्रतिमान) ही बदल जाता है।
- विज्ञान, प्रौद्योगिकी और समाज: खोजें हमारा जीवन कैसे बदलती हैं – विज्ञान पता लगाता है कि प्रकृति कैसे काम करती है; प्रौद्योगिकी (तकनीक) उस ज्ञान से औज़ार बनाती और समस्याएँ सुलझाती है। समाज भी विज्ञान को दिशा देता है: सवाल पूछकर, शोध के लिए पैसा देकर और नियम बनाकर। छापाख़ाना, भाप इंजन, बिजली, टीके और इंटरनेट ने काम करने, जीने और सोचने का तरीक़ा बदल दिया। हर तकनीक के लाभ और जोखिम दोनों होते हैं। सही फ़ैसले के लिए हम प्रमाण देखते हैं, लाभ और जोखिम तौलते हैं, पूछते हैं किसे फ़ायदा और किसे नुक़सान, नैतिकता और भविष्य सोचते हैं, और सुरक्षा नियम अपनाते हैं।
3. Life
Characteristics of life · Humans and health · Evolution of life
- जीवन के लक्षण (सजीवों की विशेषताएँ) – सजीवों में कुछ साझा लक्षण होते हैं: वे कोशिकाओं से बने होते हैं, ऊर्जा का उपयोग करते हैं (उपापचय), आसपास के बदलाव पर प्रतिक्रिया करते हैं, अपने अंदर की हालत स्थिर रखते हैं (समस्थापन), बढ़ते हैं, प्रजनन करते हैं, और समूह के रूप में पीढ़ियों में अनुकूलित होते हैं। जिसमें ये सब हों, वही सजीव है। वायरस सीमा पर है, क्योंकि वह केवल किसी कोशिका के अंदर ही अपनी प्रतियाँ बनाता है।
- मानव और स्वास्थ्य: चिकित्सा कैसे बदली – समय के साथ स्वास्थ्य की सोच बदली है: पहले "गंदी हवा" को दोष देते थे, अब जानते हैं कि कई रोग जीवाणु-विषाणु से होते हैं। टीके, स्कैन और दवाएँ जान बचाती हैं, पर हर एक के लाभ और हानि दोनों हैं, जिन्हें तौलकर चुनना चाहिए।
- समष्टि आनुवंशिकी: जीन पूल, हार्डी-वाइनबर्ग और नई जातियाँ – समष्टि आनुवंशिकी (population genetics) पढ़ती है कि किसी आबादी में एलील आवृत्तियाँ कैसे बदलती हैं। सभी जीवों के सारे एलील मिलकर जीन पूल बनाते हैं। A और a एलील के लिए p + q = 1। अगर आबादी बड़ी हो, संगम यादृच्छिक हो, और प्रवास, उत्परिवर्तन व चयन न हो, तो हार्डी-वाइनबर्ग सिद्धांत कहता है कि आवृत्तियाँ नहीं बदलतीं और जीनोटाइप p² (AA) + 2pq (Aa) + q² (aa) = 1 होते हैं। इससे हटना यानी विकास हो रहा है, जिसके कारण हैं आनुवंशिक विचलन (बॉटलनेक, संस्थापक प्रभाव), जीन प्रवाह, उत्परिवर्तन, प्राकृतिक चयन या चुनकर संगम। जैविक जाति अवधारणा में जाति वह समूह है जो आपस में प्रजनन कर सके, यानी एक जीन पूल। नई जातियाँ तब बनती हैं जब जीन पूल प्रजनन पृथक्करण से कट जाते हैं: एलोपैट्रिक (भौगोलिक बाधा) या सिम्पैट्रिक (एक ही जगह, जैसे बहुगुणिता)। एक पूर्वज कई रूपों में फैल सकता है (अनुकूली विकिरण, अपसरण), और असंबंधित जीव एक जैसे बन सकते हैं (अभिसरण)।