Netherlands VWO 3 (onderbouw) History
अध्याय: 1
1. Ten eras (part 2)
Wigs and revolutions; citizens and steam engines · World wars and the Holocaust · Television and computers · Modern times and the present (adopted, legal 2027)
- औद्योगीकरण का युग – फ़ैक्टरी से पहले सौदागर गाँव के परिवारों को कच्चा माल देते थे और वे घर पर कातते-बुनते थे (आदि-औद्योगीकरण)। 1760 के दशक से ब्रिटेन में कॉटन मिलें, स्पिनिंग जेनी जैसी मशीनें और जेम्स वॉट का बेहतर भाप इंजन आए। बदलाव धीमा था: हाथ का श्रम सस्ता और आम रहा। भारत के बुनकर पहले दुनिया भर को कपड़ा देते थे; ईस्ट इंडिया कंपनी ने गुमाश्तों के ज़रिए उन पर क़ब्ज़ा किया और बाद में मैनचेस्टर का कपड़ा भारत में भर गया। 1854 से बंबई और दूसरी जगहों पर भारतीय मिलें बनीं और छोटे कारख़ाने भी बढ़े। सामान बेचने के लिए लेबल, कैलेंडर और विज्ञापन आए, और स्वदेशी विज्ञापनों ने देशप्रेम जगाया।
- दोनों विश्व युद्ध: कारण, नुक़सान और नई विश्व व्यवस्था – प्रथम विश्व युद्ध (1914–1918) सैन्यवाद, गुटबंदी, साम्राज्यवादी होड़ और राष्ट्रवाद से पैदा हुआ, और 1914 की एक हत्या ने चिंगारी लगाई। उसकी शांति संधि, महामंदी और तानाशाहों के उदय से द्वितीय विश्व युद्ध (1939–1945) हुआ। दोनों संपूर्ण युद्ध थे, जिनमें पूरी अर्थव्यवस्था और नई तकनीक लगी। दूसरे युद्ध में लगभग चार गुना लोग मरे, आधे से ज़्यादा आम नागरिक, जिनमें होलोकॉस्ट में मारे गए साठ लाख यहूदी भी हैं। पहले युद्ध के बाद राष्ट्र संघ असफल रहा; दूसरे के बाद संयुक्त राष्ट्र, मानव अधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा (1948) और उपनिवेशों की आज़ादी ने दुनिया बदल दी।
- 1900 के बाद विश्व इतिहास: वैश्विक और क्षेत्रीय संबंध – 1900 में कुछ साम्राज्य दुनिया के बड़े हिस्से पर राज करते थे। दो विश्व युद्धों, महामंदी और तानाशाहों के उदय ने वह व्यवस्था तोड़ दी। 1945 के बाद संयुक्त राष्ट्र बना, अमेरिका और सोवियत संघ ने शीत युद्ध में होड़ की, और भारत समेत 100 से ज़्यादा उपनिवेश आज़ाद राष्ट्र बने। 1991 के बाद व्यापार, इंटरनेट और प्रवास से दुनिया ज़्यादा जुड़ी, पर क्षेत्रीय संघर्ष और साझी समस्याएँ अब भी देशों के सहयोग की माँग करती हैं।