संश्लेषण क्या है?
संश्लेषण का मतलब है जोड़ना। जब आप पाठों का संश्लेषण करते हैं, तो एक विषय पर कई स्रोतों के विचारों को जोड़कर कुछ नया बनाते हैं: साफ़ नज़रिया या नई दलील।
यह सार से अलग है। सार बताता है कि एक पाठ क्या कहता है। संश्लेषण आपके अपने एक सवाल का जवाब देने के लिए कई पाठ इस्तेमाल करता है।
संश्लेषण के चरण
- विषय और सवाल चुनो जिसका जवाब देना है।
- हर पाठ से मुख्य बातें निकालो। हर बात अपने शब्दों में और स्रोत के साथ लिखो।
- विचार के अनुसार समूह बनाओ। कारण, असर, हल जैसे ढेर बनाओ। एक ढेर में कई पाठों की बातें हो सकती हैं।
- तुलना करो। स्रोत कहाँ सहमत हैं? कहाँ अलग हैं और क्यों (दृष्टिकोण, तारीख़, सबूत)?
- अपना दावा बनाओ जो आपके सवाल का जवाब दे।
विचार से समूह बनाओ, पाठ से नहीं
अगर आप लिखते हैं "पाठ 1 कहता है... पाठ 2 कहता है... पाठ 3 कहता है...", तो आपके पास एक के बाद एक तीन सार हैं। अगर आप लिखते हैं "तीनों स्रोत सहमत हैं कि मुख्य कारण बर्बादी है, पर सिर्फ़ पाठ 3 लागत बताता है", तो आप संश्लेषण कर रहे हैं।
अपनी दलील बनाना
आपकी अपनी दलील आपके सवाल का जवाब है, जो समूहों की बातों पर टिकी है। उसमें तीन चीज़ें होनी चाहिए:
- अपने शब्दों में साफ़ दावा।
- कम से कम दो स्रोतों का सबूत, और उसकी जाँच (सच, काफ़ी, सही विषय)।
- जो दूसरे नज़रिए मिले उनका जवाब सहित ज़िक्र।
इन वाक्यांशों का इस्तेमाल करो: "इन स्रोतों को साथ रखें तो पता चलता है...", "हालाँकि स्रोत 2 असहमत है, ...", "मेरी राय है ... क्योंकि ...".
स्रोत बताना और निष्पक्ष रहना
हमेशा बताओ कि बात कहाँ से आई: "पाठ 1 (2023) के अनुसार...". उद्धरण-चिह्न सिर्फ़ ठीक वही शब्दों के लिए लगाओ। लंबे हिस्से नकल मत करो; अपने शब्द इस्तेमाल करो। किसी स्रोत को इसलिए मत छोड़ो कि वह आपसे असहमत है।
करके देखो
एक विषय चुनो (जैसे "स्कूल में फ़ोन")। तीन छोटे पाठ खोजो। हर एक से 2 मुख्य बातें छोटी पर्चियों पर लिखो। पर्चियों को विचार के अनुसार समूहों में रखो। एक वाक्य का दावा और दो कारण लिखो, हर एक स्रोत के साथ।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- संश्लेषण = कई स्रोत + एक विषय + आपकी अपनी दलील
- चरण: निकालो, विचार से समूह बनाओ, तुलना करो, बनाओ
- सार = एक पाठ क्या कहता है। संश्लेषण = कई पाठ आपके सवाल पर साथ मिलकर क्या कहते हैं।
- मज़बूत दावा: आपके शब्द + 2 या ज़्यादा स्रोतों का सबूत + दूसरे नज़रिए का जवाब
- हमेशा स्रोत बताओ: कौन-सी बात किस स्रोत से आई
हल किए गए उदाहरण
1. साइकिल चलाने पर तीन पाठ कहते हैं: (1) यह सस्ती है, (2) प्रदूषण घटाती है, (3) सड़कें असुरक्षित हैं, (4) साइकिल-लेन मदद करती हैं। विचार से समूह बनाओ।
लाभ: सस्ती, प्रदूषण घटाती है। समस्या: सड़कें असुरक्षित हैं। हल: साइकिल-लेन। संश्लेषण का दावा: "साइकिल चलाने के साफ़ फ़ायदे हैं, पर उन्हें पाने के लिए सुरक्षित लेन ज़रूरी हैं।"
2. पाठ A कहता है स्क्रीन नींद बिगाड़ती है। पाठ B कहता है स्क्रीन पढ़ाई में मदद करती है। संश्लेषण में इसे कैसे सँभालें?
तुलना करो: दोनों अलग उपयोगों में सच हैं। कहो "पाठ A देर रात की स्क्रीन को कम नींद से जोड़ता है, जबकि पाठ B दिखाता है कि पढ़ाई में उपयोग मदद करता है। इसलिए उपयोग का समय और उद्देश्य मायने रखते हैं।" किसी को मत छिपाओ।
3. एक विद्यार्थी लिखता है: "स्रोत 1 कहता है X। स्रोत 2 कहता है Y। स्रोत 3 कहता है Z।" क्या यह संश्लेषण है? इसे कैसे सुधारें?
नहीं, ये तीन सार हैं। सुधारने के लिए X, Y और Z को विचार से समूह में रखो, कहो कि वे कहाँ सहमत या अलग हैं, और विद्यार्थी का अपना दावा जोड़ो।
आम गलतियाँ
- एक के बाद एक सार लिखकर उसे संश्लेषण कहना।
- अपने शब्दों के बजाय स्रोतों के वाक्य नकल करना।
- उस स्रोत को छोड़ देना जो आपके दावे से असहमत है।
- अपना दावा भूल जाना। संश्लेषण को आपके अपने सवाल का जवाब देना चाहिए।