परिणाम का सार क्यों बनाएँ?
जाँच से आपको बहुत से नोट, संख्याएँ और फ़ोटो मिलते हैं। दूसरे लोगों को यह सब नहीं चाहिए। उन्हें संदेश चाहिए: आपने क्या पूछा, क्या पाया और उसका क्या मतलब है?
सार बनाना यानी ज़रूरी तथ्य रखना और बाकी छोड़ देना। प्रस्तुत करना यानी उन्हें ऐसे रूप में बाँटना कि सुनने वाला जल्दी समझ ले: रिपोर्ट, चार्ट, पोस्टर या भाषण।
पहले तय कीजिए कि कौन पढ़ेगा या सुनेगा (शिक्षक, सहपाठी, आगंतुक) और क्यों (बताने के लिए, मनाने के लिए, अंक पाने के लिए)। इसी से तय होगा कि काम कितना लंबा, कितना सरल और कितना चित्रमय हो।
चार भागों में रिपोर्ट लिखना
रिपोर्ट एक छोटा, क्रम से लिखा पाठ है। इन भागों को इसी क्रम में रखिए।
- प्रश्न: आप क्या जानना चाहते थे, एक वाक्य में। अनुमान (परिकल्पना) लगाया हो तो वह भी लिखिए।
- तरीका: आपने क्या किया, चरण-दर-चरण, ताकि कोई और दोहरा सके। औज़ारों के नाम और परीक्षण की संख्या लिखिए।
- परिणाम: आपने क्या देखा या नापा। केवल तथ्य और संख्याएँ, तालिका या चार्ट में। यहाँ राय नहीं।
- निष्कर्ष: आपके प्रश्न का उत्तर, परिणामों के सहारे। बताइए कि अनुमान सही निकला या नहीं, और क्या गलत या बेहतर हो सकता है।
रिपोर्ट को साफ़ शीर्षक दीजिए, छोटे वाक्य लिखिए और इस्तेमाल किए स्रोत लिखिए। तरीका भूतकाल में लिखिए ("मैंने नापा ...") क्योंकि काम हो चुका है। हमेशा अपने शब्दों में लिखिए।
परिणाम दिखाना: तालिका और चार्ट
संख्याएँ चित्र में ज़्यादा आसानी से दिखती हैं। जब ठीक-ठीक मान चाहिए तो तालिका लीजिए। अलग-अलग समूहों (जैसे तीन दिन) की तुलना के लिए पट्टी चार्ट लीजिए। समय के साथ बदलाव दिखाने के लिए रेखा ग्राफ़ लीजिए।
हर चार्ट में चाहिए: बताने वाला शीर्षक, दोनों अक्षों पर नाम, इकाई (सेमी, किग्रा, मिनट), और पट्टियों के लिए शून्य से शुरू होने वाला पैमाना। फिर नीचे एक वाक्य लिखिए कि पाठक क्या देखे, जैसे "पौधे दूसरे दिन सबसे ऊँचे बढ़े"।
पोस्टर और मौखिक प्रस्तुति
पोस्टर को पास से गुज़रते लोग पढ़ते हैं, इसलिए वह लगभग तीन सेकंड में असर करे। एक बड़ा शीर्षक, एक दमदार चित्र या चार्ट और तीन छोटे बिंदु रखिए। खाली जगह छोड़िए। एक मीटर दूर से पढ़े जाने लायक बड़े अक्षर और केवल दो-तीन रंग रखिए।
मौखिक प्रस्तुति (भाषण) एक ही बार सुनी जाती है, इसलिए उसे सरल रखिए। लगभग हर मिनट पर एक स्लाइड रखिए, हर स्लाइड पर एक विचार और बहुत कम शब्द। प्रश्न से शुरू कीजिए, परिणाम दिखाइए, निष्कर्ष पर खत्म कीजिए। ज़ोर से अभ्यास कीजिए, श्रोताओं की ओर देखिए, धीरे बोलिए और समय का ध्यान रखिए। अंत में प्रश्न आमंत्रित कीजिए।
पोस्टर, भाषण और रिपोर्ट का संदेश एक ही होता है, पर हर एक में विवरण की मात्रा अलग है: रिपोर्ट में सबसे ज़्यादा, पोस्टर में सबसे कम।
करके देखिए
- तीन सेम के बीज अलग-अलग जगह (धूप, छाँव, अँधेरा) उगाइए। एक हफ़्ते तक रोज़ नापिए।
- चार भागों वाली रिपोर्ट 8 से 10 वाक्यों में लिखिए। परिणाम में केवल संख्याएँ रखिए।
- शीर्षक, नाम और इकाई के साथ पट्टी चार्ट बनाइए।
- शीर्षक, चित्र और 3 बिंदुओं वाला पोस्टर बनाइए। मित्र को 3 सेकंड दिखाइए, फिर पूछिए कि उसे क्या याद रहा।
- 2 स्लाइड के साथ 2 मिनट का भाषण दीजिए। मित्र से समय नपवाइए।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- रिपोर्ट = प्रश्न + तरीका + परिणाम + निष्कर्ष
- चार्ट = शीर्षक + नाम वाली अक्ष + इकाई + अर्थ बताने वाला एक वाक्य
- पोस्टर = 1 बड़ा शीर्षक + 1 चित्र + 3 छोटे बिंदु
- भाषण का समय: लगभग हर मिनट पर 1 स्लाइड, हर स्लाइड पर 1 विचार
- माध्य = मानों का योग ÷ मानों की संख्या
हल किए गए उदाहरण
1. एक विद्यार्थी परिणाम वाले भाग में लिखता है: "मुझे लगता है धूप वाला पौधा ज़्यादा खुश था।" इसमें क्या गलत है और कैसे सुधरे?
परिणाम में तथ्य और संख्याएँ होनी चाहिए, भावनाएँ या राय नहीं। सुधार: "7 दिन बाद धूप वाला पौधा 5 सेमी और छाँव वाला 3 सेमी ऊँचा था।" धूप से बढ़त मिलती है, यह बात निष्कर्ष में जाएगी।
2. पौधे तीन दिनों में 3 सेमी, 5 सेमी और 2 सेमी बढ़े। माध्य बढ़त निकालिए और बताइए कौन-सा चार्ट ठीक रहेगा।
योग = 3 + 5 + 2 = 10 सेमी। माध्य = 10 ÷ 3 = 3.3 सेमी (एक दशमलव तक)। तीन अलग दिन अलग समूह हैं, इसलिए पट्टी चार्ट ठीक है। शीर्षक: "तीन दिनों में पौधे की बढ़त (सेमी)"।
3. आपका समय 6 मिनट है। कितनी स्लाइड बनाएँ और हर पर क्या हो?
हर मिनट एक स्लाइड के हिसाब से लगभग 6। स्लाइड 1: प्रश्न। स्लाइड 2: तरीका। स्लाइड 3 और 4: परिणाम (हर एक में एक चार्ट)। स्लाइड 5: निष्कर्ष। स्लाइड 6: धन्यवाद और प्रश्न। हर स्लाइड पर एक विचार।
4. एक पोस्टर में छोटे अक्षरों में 120 शब्द हैं। तीन बदलावों में इसे बेहतर कीजिए।
1) शब्द घटाकर एक बड़ा शीर्षक और 3 छोटे बिंदु रखिए। 2) अक्षर इतने बड़े करिए कि एक मीटर दूर से पढ़ें। 3) एक साफ़ चित्र या चार्ट जोड़िए और उसके चारों ओर खाली जगह छोड़िए।
आम गलतियाँ
- परिणाम वाले भाग में राय लिख देना। परिणाम में केवल तथ्य और संख्याएँ होती हैं।
- तरीका भूल जाना, जिससे कोई काम को दोहरा या उस पर भरोसा नहीं कर सकता।
- ऐसा चार्ट जिसमें शीर्षक, अक्ष के नाम या इकाई नहीं है।
- पोस्टर या स्लाइड पर बहुत ज़्यादा शब्द। एक बार में एक विचार।