उग्रवाद और आतंकवाद क्या हैं?
उग्रवाद (Extremism) एक बहुत कठोर, एकतरफ़ा सोच है। उग्रवादी कहता है: "सिर्फ़ मेरा समूह सही है, बाक़ी सब दुश्मन हैं।" वह बातचीत, क़ानून या दूसरों की राय नहीं मानता और नफ़रत या ताक़त का सहारा ले सकता है।
आतंकवाद (Terrorism) यानी हिंसा या हिंसा की धमकी से बहुत लोगों में डर फैलाना, ताकि सरकार या समाज माँगें मान ले। आतंकवादी अक्सर उन लोगों पर हमला करते हैं जिनका उनके ग़ुस्से से कोई लेना-देना नहीं होता।
अपनी राय मज़बूत रखना ठीक है। आप बहस कर सकते हैं, वोट दे सकते हैं, लिख सकते हैं और शांति से विरोध कर सकते हैं। जब कोई समूह कहे कि लोगों को चोट पहुँचाना जायज़ है, तब वह उग्रवाद बन जाता है।
भर्ती (रिक्रूटमेंट) के संकेत
भर्ती का मतलब है किसी को ख़तरनाक समूह में खींच लेना। यह अक्सर धीरे-धीरे होता है, ऑनलाइन या किसी "दोस्त" के ज़रिए।
- ज़रूरत से ज़्यादा अच्छा बर्ताव: तोहफ़े, तारीफ़, "तुम ख़ास हो"।
- राज़: "माँ-पापा या टीचर को मत बताना।"
- हम बनाम वे: दूसरों को बुरा, गंदा या दुश्मन कहा जाता है।
- दबाव और डर: "जो हमारे साथ नहीं, वह हमारे ख़िलाफ़ है।"
- अलग कर देना: आप पुराने दोस्तों और परिवार से दूर होने लगते हैं।
- बार-बार नफ़रत भरे वीडियो या पोस्ट भेजना।
- पैसे, काम या चीज़ें छिपाने की माँग।
किसी के साथ भी ऐसा हो सकता है, ख़ासकर अकेले या ग़ुस्से में रहने वाले के साथ। इसमें आपकी ग़लती नहीं है।
खुद को कैसे बचाएँ: रुको, सोचो, बताओ
रुको: जो अजनबी राज़ रखने को कहे, उसे जवाब मत दो और मिलो मत। सोचो: यह इतना अच्छा क्यों बन रहा है? बात गुप्त क्यों रखनी है? बताओ: माता-पिता, टीचर या स्कूल काउंसलर से बात करो। ऐप पर अकाउंट या ग्रुप की रिपोर्ट करो।
यह भी याद रखो: अजनबियों को निजी जानकारी मत दो, वीडियो कहाँ से आया है जाँचो, और दोस्तों व शौक़ के साथ समय बिताते रहो। बड़े को बताना बहादुरी है, चुग़ली नहीं।
सार्वजनिक जगहों पर सुरक्षित व्यवहार
शांत और सतर्क रहो, डरो मत।
- स्टेशन, मॉल या हॉल में घुसते ही दो निकास देख लो।
- ऐसा बैग या डिब्बा जिसका कोई मालिक नहीं दिखे? उसे मत छुओ, मत खोलो, मत हिलाओ। शांति से दूर हटो, आसपास के लोगों को चेताओ और स्टाफ़, गार्ड या पुलिस को बताओ।
- गेट की जाँच में लाइन में रहो। गार्ड आपकी रक्षा के लिए हैं।
- ख़तरे की जगह की फ़ोटो मत खींचो और अफ़वाह मत फैलाओ। सरकारी ख़बर का इंतज़ार करो।
- फ़ोन चार्ज रखो और आपातकालीन नंबर याद रखो (भारत और कई देशों में 112; अपने देश का नंबर जानो)।
आतंकी हमले के समय क्या करें
याद रखो: भागो, छिपो, बताओ।
- भागो: सुरक्षित निकास पास हो तो तुरंत निकल जाओ। बैग छोड़ दो। दूसरों को साथ आने को कहो पर उनका इंतज़ार मत करो। पुलिस आए तो हाथ खुले दिखाओ।
- छिपो: भाग न सको तो किसी कमरे में जाओ, दरवाज़ा बंद करके कुंडी लगाओ, भारी सामान अड़ा दो, बत्ती बंद करो, फ़ोन साइलेंट करो और चुपचाप नीचे बैठो।
- बताओ: सुरक्षित होते ही 112 (या अपना स्थानीय नंबर) मिलाओ। बताओ कि आप कहाँ हैं, क्या देखा और साथ में कितने लोग हैं। हो सके तो लाइन पर रहो।
बाद में: पुलिस और बचाव दल की बात मानो, पहली सहायता आती हो तो घायलों की मदद करो और किसी बड़े या काउंसलर से बात करो। बाद में घबराहट लगना सामान्य है।
करके देखो
घर पर अभ्यास करो: ज़ोर से अपना आपातकालीन नंबर और पूरा पता बोलो। अगली बार किसी दुकान या बस में घुसो तो मन में दो पास के निकास गिनो। दोस्त के साथ अभिनय करो: एक कहे "माँ-पापा से राज़ रखो", दूसरा जवाब दे "रुको, सोचो, बताओ"।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- उग्रवाद = एकतरफ़ा सोच + दूसरों पर दबाव, नफ़रत या ताक़त
- आतंकवाद = किसी लक्ष्य के लिए बहुत लोगों को डराने वाली हिंसा या धमकी
- ऑनलाइन: रुको, सोचो, बताओ
- ख़तरे में: भागो, छिपो, बताओ
- आपातकाल: 112 (या अपने देश का नंबर) मिलाओ
हल किए गए उदाहरण
1. एक नया ऑनलाइन दोस्त तोहफ़े देता है और कहता है, "हमारे बारे में माँ-पापा को मत बताना।" ये कौन-से चेतावनी संकेत हैं?
ज़रूरत से ज़्यादा अच्छा बर्ताव (तोहफ़े) और राज़ की माँग। दोनों भर्ती के संकेत हैं। जवाब देना बंद करो और भरोसेमंद बड़े को बताओ।
2. रेलवे स्टेशन पर बेंच के नीचे एक बैग दिखता है। आसपास कोई नहीं है। आप क्या करेंगे?
उसे न छुओ, न खोलो। शांति से दूर हटो, पास के लोगों को न छूने को कहो और गार्ड, स्टाफ़ या पुलिस को बताओ। फिर उनकी बात मानो।
3. मॉल में हमले के समय आप सुरक्षित निकास के पास हैं। आप क्या करेंगे और क्या छोड़ देंगे?
भागो। निकास से तुरंत बाहर निकलो, बैग और सामान छोड़ दो, और सुरक्षित होकर 112 मिलाओ।
आम गलतियाँ
- हर तेज़ राय को उग्रवाद समझ लेना। शांति से असहमति सामान्य है; उग्रवाद नफ़रत या ताक़त को सही मानता है।
- जिज्ञासा में लावारिस बैग को छूना या खोलना।
- डर के मारे चिंताजनक चैट को राज़ रखना कि कहीं डाँट न पड़े।
- भागते समय बैग उठाने या वीडियो बनाने के लिए रुकना।