प्राइम मूवर: शक्ति कहाँ से आती है
प्राइम मूवर मशीन के लिए शक्ति बनाने वाला भाग है। यह ईंधन या बिजली को घूमने वाली (घूर्णी) शक्ति में बदलता है।
- डीज़ल इंजन: ट्रैक्टर, कंबाइन, बड़े पंप। ताक़तवर और कम ईंधन खाने वाला।
- पेट्रोल इंजन: छोटे स्प्रेयर, ब्रश कटर, छोटे पंप। हल्का और आसानी से स्टार्ट।
- बिजली की मोटर: ट्यूबवेल, चारा कटर, डेयरी मशीनें। साफ़, पर बिजली लाइन या बैटरी चाहिए।
शक्ति kW (किलोवाट) में नापी जाती है। पुरानी किताबों में हॉर्सपावर (hp)। 1 hp लगभग 0.75 kW होता है।
4-स्ट्रोक इंजन
- अंतर्ग्रहण (इनटेक): पिस्टन नीचे जाता है, अंतः वाल्व खुलता है, हवा अंदर आती है।
- संपीडन (कम्प्रेशन): दोनों वाल्व बंद, पिस्टन ऊपर जाकर हवा को दबाता है। हवा बहुत गरम हो जाती है (डीज़ल)।
- शक्ति (पावर): डीज़ल छिड़का जाता है और अपने-आप जलता है। गरम गैस पिस्टन को नीचे धकेलती है। शक्ति सिर्फ़ इसी स्ट्रोक में मिलती है।
- निष्कासन (एग्ज़ॉस्ट): निकास वाल्व खुलता है, पिस्टन ऊपर जाकर धुआँ बाहर करता है।
पेट्रोल इंजन भी ऐसे ही चलता है, पर उसमें पेट्रोल-हवा का मिश्रण आता है और स्पार्क प्लग उसे जलाता है। क्रैंक ऊपर-नीचे के धक्के को घुमाव में बदलता है। भारी फ़्लाईव्हील पावर स्ट्रोकों के बीच घुमाव को सहज रखता है।
ट्रैक्टर: भाग और शक्ति का रास्ता
ट्रैक्टर खेत की मुख्य शक्ति-इकाई है। यह दूसरी मशीनों को खींचता, धकेलता, उठाता और घुमाता है।
- इंजन: प्रायः डीज़ल।
- क्लच: इंजन को गियरबॉक्स से जोड़ता या काटता है, ताकि गियर बदल सकें या रुक सकें।
- गियरबॉक्स: गति और खिंचाव बल चुनता है।
- पिछला एक्सल और बड़े पहिये: ट्रैक्टर को चलाते हैं। बड़े खाँचे मिट्टी में पकड़ देते हैं।
- PTO (पावर टेक-ऑफ़): पीछे की घूमती शाफ़्ट जो रोटावेटर जैसे औज़ार चलाती है।
- हाइड्रोलिक्स और 3-पॉइंट हिच: औज़ार को उठाते, गिराते और थामते हैं। ड्रॉबार ट्रॉली खींचता है।
- स्टीयरिंग, ब्रेक, सीट और ROPS (पलटने से सुरक्षा) चालक के लिए।
प्रकार: छोटे खेत के लिए 2-पहिया (वॉकिंग) ट्रैक्टर, अधिकतर खेतों के लिए 4-पहिया ट्रैक्टर, गीली या भारी मिट्टी के लिए क्रॉलर (ट्रैक) ट्रैक्टर।
गियर का नियम: शक्ति = बल × चाल। शक्ति वही हो तो चाल दुगुनी करने पर खिंचाव आधा रह जाता है।
इम्प्लीमेंट: ट्रैक्टर के औज़ार
इम्प्लीमेंट वह औज़ार है जो ट्रैक्टर से जुड़ता है। हर काम का अपना औज़ार है।
- हल (प्लाउ): मिट्टी काटकर पलटता है (प्राथमिक जुताई)।
- हैरो, कल्टीवेटर, रोटावेटर: ढेले तोड़कर महीन बीज-शय्या बनाते हैं (द्वितीयक जुताई)। रोटावेटर को PTO चलाती है।
- सीड ड्रिल / प्लांटर: बीज को क़तार में सही गहराई और दूरी पर डालता है।
- स्प्रेयर: कीटनाशक या तरल खाद छिड़कता है।
- ट्रॉली, हार्वेस्टर, बेलर: ढुलाई या कटाई।
औज़ार माउंटेड (हिच पर उठा हुआ), सेमी-माउंटेड या ट्रेल्ड (अपने पहियों पर खिंचता) होते हैं। काम, मिट्टी और ट्रैक्टर की kW के हिसाब से चुनें। बहुत बड़ा औज़ार इंजन पर बोझ डालता है और ईंधन बरबाद करता है।
ईंधन और चिकनाई वाले तेल
ईंधन
- डीज़ल: अधिकतर ट्रैक्टर और पंपों के लिए। साफ़ रखें: गंदगी फ़िल्टर और इंजेक्टर बंद कर देती है।
- पेट्रोल: छोटे इंजनों के लिए। डीज़ल से कभी न मिलाएँ।
- अन्य: बायोडीज़ल, एथेनॉल मिश्रण, CNG और बिजली (बैटरी)।
ईंधन बंद, नाम लिखे ड्रमों में आग से दूर रखें। टंकी इंजन बंद करके भरें।
चिकनाई वाले तेल (लुब्रिकेंट)
लुब्रिकेंट चलते भागों के बीच पतली परत बनाता है। इसके 5 काम हैं: घर्षण घटाना, ठंडा रखना, सफ़ाई, सील करना और जंग से बचाना।
- इंजन ऑयल: इंजन में।
- गियर (ट्रांसमिशन) ऑयल: गियरबॉक्स और एक्सल में।
- हाइड्रोलिक ऑयल: उठाने वाली प्रणाली में।
- ग्रीस: गाढ़ी, बेयरिंग और जोड़ों के लिए।
काम से पहले तेल का स्तर जाँचें, और मैनुअल में बताए समय पर तेल व फ़िल्टर बदलें। पुराना तेल गंदा और पतला होता है, और भाग जल्दी घिसते हैं।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- शक्ति = बल × चाल (ड्रॉबार पर: F = P ÷ v)
- इंजन चक्र: अंतर्ग्रहण → संपीडन → शक्ति → निष्कासन (4 स्ट्रोक = क्रैंक के 2 चक्कर)
- 1 hp ≈ 0.75 kW
- नियम: नीचा गियर = धीमा + ज़्यादा खिंचाव; ऊँचा गियर = तेज़ + कम खिंचाव
हल किए गए उदाहरण
1. ट्रैक्टर ड्रॉबार पर 40 kW देता है और 4 km/h से चलता है। खिंचाव बल कितना है?
चाल = 4 ÷ 3.6 = 1.11 m/s। बल = P ÷ v = 40 000 W ÷ 1.11 m/s = 36 000 N = 36 kN।
2. वही ट्रैक्टर 8 km/h पर चले तो नया खिंचाव बल?
चाल = 8 ÷ 3.6 = 2.22 m/s। बल = 40 000 ÷ 2.22 = 18 000 N = 18 kN। चाल दुगुनी, बल आधा।
3. 4-स्ट्रोक इंजन 1800 चक्कर प्रति मिनट पर चलता है। एक सिलिंडर प्रति मिनट कितने पावर स्ट्रोक देगा?
एक पावर स्ट्रोक के लिए 2 चक्कर चाहिए। 1800 ÷ 2 = 900 पावर स्ट्रोक प्रति मिनट।
4. ट्रैक्टर का इंजन 60 hp का है। इसे kW में लिखिए।
60 × 0.75 = 45 kW (लगभग)।
5. हल को 30 kN का खिंचाव चाहिए और ट्रैक्टर ड्रॉबार पर 40 kW देता है। अधिकतम चाल km/h में?
v = P ÷ F = 40 000 ÷ 30 000 = 1.33 m/s। km/h में: 1.33 × 3.6 = 4.8 km/h।
6. किसान देखता है कि इंजन ऑयल दूधिया है और निशान से नीचे है। उसे दो काम बताइए।
इंजन बंद करे। दूधिया तेल यानी पानी घुस गया है, इसलिए मिस्त्री को बुलाए और तेल व फ़िल्टर बदले। ठीक होने तक न चलाए। भरते समय सही ग्रेड का तेल निशान तक ही डाले।
आम गलतियाँ
- सोचना कि चारों स्ट्रोक शक्ति देते हैं। सिर्फ़ पावर स्ट्रोक देता है; बाक़ी तीन ऊर्जा लेते हैं।
- पेट्रोल और डीज़ल टंकी में मिला देना। इंजन ख़राब हो सकता है।
- "अभी चल तो रहा है" सोचकर कम तेल में इंजन चलाना। घिसाई और गर्मी तेज़ी से बढ़ती है।
- छोटे ट्रैक्टर पर बड़ा भारी औज़ार लगाना। इंजन पर बोझ पड़ता है और ईंधन बरबाद होता है।