शिशु और छोटे बच्चों की देखभाल
शिशु (infant) एक साल से छोटा बच्चा है। टॉडलर (toddler) लगभग 1 से 3 साल का बच्चा है। छोटा बच्चा लगभग 3 से 6 साल का होता है।
शिशु को चार चीज़ें बार-बार चाहिए: दूध (पहले माँ का दूध), नींद (दिन का ज़्यादातर समय), सफ़ाई (नहलाना, साफ़ कपड़े और नैपी) और प्यार (गोद में लेना, बात करना, मुस्कुराना)। प्यार फालतू चीज़ नहीं है। जिस शिशु को गोद और बातें मिलती हैं, वह सुरक्षित महसूस करता है और उसका दिमाग बढ़ता है।
टॉडलर थोड़ा चलना-बोलना सीख लेता है। वह खुद करना चाहता है। उसे समय पर खाना, तय समय पर नींद, खेल और हर समय देखने वाला बड़ा चाहिए। इस उम्र की देखभाल में सुरक्षा भी है और सिखाना भी।
आसान नियम: बच्चा जितना छोटा, बड़े को उतना ज़्यादा करना पड़ता है। बच्चा बढ़ता है तो बड़ा कम करता है और बच्चे को खुद करने में मदद देता है।
रोज़ की आदतें बनाना
आदत (habit) वह काम है जो हम बार-बार, बिना सोचे करते हैं। जीवन की बुनियादी आदतें वे हैं जो रोज़ चाहिए: समय पर सोना-उठना, खाना, हाथ धोना, शौच जाना और कपड़े पहनना।
बड़े आदत बनाने में कैसे मदद करें:
- एक ही समय, एक ही तरीका। तय दिनचर्या बच्चे को बताती है कि आगे क्या होगा।
- छोटे कदम। पहले मदद से हाथ धोना, फिर अकेले।
- पहले करके दिखाओ। बच्चे बड़ों की नकल करते हैं।
- कोशिश की तारीफ़ करो। गलती पर डाँटो मत। डाँट से बच्चा डरता है, सावधान नहीं होता।
- इंतज़ार करो। हर बच्चा अलग उम्र में तैयार होता है। शरीर तैयार होने से पहले टॉयलेट ट्रेनिंग से सिर्फ़ रोना मिलता है।
अच्छी आदतों से बच्चा आत्मनिर्भर बनता है, और आत्मनिर्भरता से आत्मविश्वास आता है।
स्वास्थ्य प्रबंधन और दुर्घटना से बचाव
स्वास्थ्य प्रबंधन यानी बच्चे को स्वस्थ रखना और बीमारी जल्दी पहचानना। रोज़: खाने से पहले साफ़ हाथ, साफ़ पानी, संतुलित भोजन, पूरी नींद, बाहर खेल। नियमित रूप से: समय पर टीके, वज़न और लंबाई की जाँच, डॉक्टर के पास जाना। चेतावनी के संकेत: बुखार, न खाना, ज़्यादा सुस्ती, दाने, तेज़ साँस। छोटे बच्चे जल्दी बीमार हो जाते हैं, इसलिए डॉक्टर को जल्दी दिखाओ।
दुर्घटना से बचाव। छोटे बच्चे उत्सुक होते हैं पर खतरा नहीं समझते। आम दुर्घटनाएँ: गिरना, जलना, गले में फँसना, ज़हर, बिजली का झटका, डूबना। रोकने के तीन तरीके:
- हटाओ (सिक्के, दवा, सफ़ाई का सामान पहुँच से दूर)।
- रोको (सीढ़ी का गेट, सॉकेट कवर, चूल्हे की जाली)।
- नज़र रखो (शिशु को बिस्तर पर या पानी के पास अकेला मत छोड़ो)।
बड़े बच्चों को भी सरल नियम सिखाओ: गर्म चीज़ मत छुओ, सीढ़ियों पर मत दौड़ो, अजनबी के साथ मत जाओ।
करके देखो: घर की सुरक्षा सैर
छोटे बच्चे की ऊँचाई तक झुककर एक कमरे में घूमो। वह हर चीज़ देखो जिसे बच्चा पकड़ सकता है, खींच सकता है, चढ़ सकता है, मुँह में डाल सकता है या उँडेल सकता है। 5 खतरे और हर एक का एक उपाय लिखो। आखिरी 3D चरण के कमरे से मिलाओ।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- देखभाल = भोजन + नींद + सफ़ाई + प्यार + सुरक्षा
- दुर्घटना रोको: हटाओ, रोको, नज़र रखो
- मुख्य शब्द: शिशु (1 साल से कम), टॉडलर (1-3 साल), आदत, दिनचर्या, टीका
- आदत का नियम: एक समय + छोटे कदम + पहले दिखाओ + तारीफ़
हल किए गए उदाहरण
1. 2 साल का बच्चा रात को सोने से मना करता है। कौन-सी दिनचर्या मदद करेगी?
हर रात एक ही समय पर सुलाओ। वही शांत काम करो: हाथ-मुँह धोना, कपड़े बदलना, छोटी कहानी, बत्ती बंद। सोने से पहले स्क्रीन और शोर वाला खेल बंद। एक-दो हफ़्ते में दिनचर्या खुद शरीर को बता देती है कि सोने का समय है।
2. माँ चाहती है कि 3 साल का बच्चा खाने से पहले हाथ धोए। वह कैसे सिखाए?
पहले साथ में हाथ धोओ और हर कदम दिखाओ (गीला करना, साबुन, रगड़ना, धोना, पोंछना)। हर खाने से पहले उसी समय करो। फिर बच्चे को अकेले करने दो, तुम देखो। कोशिश की तारीफ़ करो। कुछ हफ़्तों में आदत बन जाती है।
3. घुटनों पर चलने वाले शिशु के लिए तीन खतरे और हर एक का एक उपाय लिखो।
सीढ़ी से गिरना: सुरक्षा गेट लगाओ। बिजली का झटका: सॉकेट कवर लगाओ। छोटी चीज़ें निगलना: सिक्के, बटन, गोलियाँ पहुँच से दूर रखो। और: गर्म पेय ऊँचा रखो, शिशु को पानी के पास अकेला मत छोड़ो।
4. बच्चा स्वस्थ दिखता है फिर भी वृद्धि की जाँच क्यों कराते हैं?
वज़न और लंबाई बताते हैं कि बच्चा ठीक बढ़ रहा है या नहीं। धीमी वृद्धि कमज़ोर खाने या बीमारी का पहला संकेत हो सकती है। जल्दी पता चले तो इलाज आसान होता है। यही रोकथाम है।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि शिशु को सिर्फ़ खाना चाहिए। प्यार, बातें और नींद भी ज़रूरत हैं।
- टॉयलेट ट्रेनिंग बहुत जल्दी शुरू करना या गलती पर सज़ा देना। तैयारी का इंतज़ार करो और शांत रहो।
- खतरे बच्चे की पहुँच में छोड़कर उम्मीद करना कि बच्चा 'सावधान रहेगा'। छोटे बच्चे खतरा नहीं समझते।
- स्वस्थ दिखने पर टीके छोड़ देना। टीका बीमारी आने से पहले काम करता है।