कलाकृति और कलाकार पर शोध का मतलब क्या है?
शोध का मतलब है तथ्य ढूँढना और जाँचना कि वे सच हैं। कलाकृति के लिए तुम पूछते हो: यह क्या है? किसने बनाई? कब और कहाँ? क्यों? कैसे बनी? लोगों ने इसके बारे में क्या सोचा? तुम्हारे जवाबों के पीछे प्रमाण होने चाहिए, अंदाज़े नहीं।
सुराग़ 1: ध्यान से देखो
काम से ही शुरुआत करो। नाम, सामग्री (रंग, स्याही, पत्थर, कपड़ा), माप और मुख्य रंग-आकार लिखो। फिर छोटी बातें देखो: ब्रश के निशान, दरारें, हस्ताक्षर। इसे अवलोकन कहते हैं। कुछ पढ़ने से पहले यह करो, ताकि पहले तुम्हारी अपनी आँखें काम करें।
सुराग़ 2: कलाकार
पता करो कि किसने बनाया: कहाँ जन्मा, किसने सिखाया, और क्या-क्या बनाया, उसका क्या विश्वास था। जीवनी से उसके चुनाव समझ आते हैं। याद रखो कि कुछ काम किसी समूह के या अज्ञात कलाकार के होते हैं, और यह कहना ठीक है।
सुराग़ 3: समय और जगह (संदर्भ)
संदर्भ यानी काम के चारों ओर की दुनिया: उस समय के शासक, धर्म, व्यापार, औज़ार और घटनाएँ। मंदिर के लिए बना चित्र बाज़ार के लिए बने चित्र से अलग होता है। काम को समय-रेखा पर रखने से पता चलता है कि उससे पहले और बाद में क्या था।
सुराग़ 4: तुलना
अपने काम को दूसरे के पास रखो: वही कलाकार, वही समय या वही विषय। दो कॉलम में लिखो कि क्या समान है और क्या अलग। तुलना बताती है कि तुम्हारे काम में ख़ास क्या है।
सुराग़ 5: स्रोत और लिखना
प्राथमिक स्रोत उसी समय का होता है: कलाकृति, पत्र, डायरी, फ़ोटो। द्वितीयक स्रोत बाद में बनता है: शोधकर्ताओं की किताबें और लेख। भरोसेमंद स्रोत चुनो, जैसे संग्रहालय, विश्वविद्यालय और नाम वाले लेखक की किताबें, और हर तथ्य के आगे लिखो कि वह कहाँ से आया। फिर अपने शब्दों में लिखो; बिना अनुमति के पाठ या चित्र की नक़ल मत करो।
खुद करके देखो
घर की एक चीज़ चुनो, जैसे रंगा हुआ घड़ा, पोस्टर या कैलेंडर का चित्र। काग़ज़ पर पाँचों सुराग़ भरो: मैं क्या देखता हूँ, किसने बनाया, कब और कहाँ, किससे तुलना करूँ, और तथ्य कहाँ मिले। फिर 3D में सुराग़ों पर निशान लगाओ।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- देखो = रंग, आकार, सामग्री, माप
- कलाकार = जीवन, गुरु, दूसरे काम
- समय और जगह = काम का संदर्भ
- तुलना = समान और अलग
- स्रोत = प्राथमिक (उसी समय का) और द्वितीयक (बाद का)
- तथ्य + प्रमाण = अच्छा शोध-वाक्य
हल किए गए उदाहरण
1. तुम्हें सोने के पत्तर और एक संत वाला छोटा चित्र दिखता है। बिना कुछ पढ़े दो अवलोकन-तथ्य बताओ।
जैसे: यह छोटा है, इसमें सोना है, आकृति के पीछे प्रभामंडल है। ये सिर्फ़ देखने से मिलते हैं।
2. कलाकार ने 1890 में पत्र लिखा कि उसने खेत क्यों रंगा। यह प्राथमिक स्रोत है या द्वितीयक?
प्राथमिक। यह उसी समय का और कलाकार का अपना है।
3. उसी चित्र को समझाने वाली 2015 की किताब किस प्रकार का स्रोत है?
द्वितीयक। इसे बहुत बाद में एक शोधकर्ता ने लिखा।
4. एक ही कलाकार के दो काम क्यों मिलाते हैं?
तुलना से कलाकार की आदतें और शैली का बदलाव दिखता है, और हर काम की ख़ासियत समझ आती है।
आम गलतियाँ
- काम को ख़ुद देखने से पहले उसके बारे में पढ़ लेना।
- संग्रहालय का लेबल शब्द-दर-शब्द उतार देना। अपने शब्दों में लिखो और स्रोत का नाम दो।
- एक वेबसाइट को पूरा सच मान लेना। कम से कम दो भरोसेमंद स्रोत जाँचो।
- अंदाज़े को तथ्य बताना। प्रमाण कमज़ोर हो तो "शायद" कहो।