लोप: शब्द छोड़ देना
लोप का मतलब है ऐसे शब्द छोड़ देना जिन्हें पाठक अपने आप जोड़ ले। "सीमा चाय पीती है, अजय कॉफ़ी" में दूसरी बार "पीता है" नहीं है, फिर भी अर्थ साफ़ है।
क्यों? इससे वाक्य छोटा और तेज़ हो जाता है। पाठक भी ख़ाली जगह भरकर सोच में शामिल होता है।
सावधानी: शब्द तभी छोड़ो जब उसका अंदाज़ा आसान हो। पाठक को पहेली सुलझानी पड़े तो वाक्य टूटा हुआ है, चतुर नहीं।
तीन बिंदु "…" ठहराव या अधूरी बात भी दिखाते हैं: "मैंने सोचा कि शायद…"। यहाँ भी कुछ अनकहा छूटा है।
दोहराव: फिर से कहना
दोहराव में वही शब्द या वाक्यांश एक से ज़्यादा बार आता है। "फिर, और फिर, और फिर" केवल "कई बार" से लंबा महसूस होता है।
- लय: दोहराए हिस्से ताल जैसे लगते हैं, जैसे गाने का मुखड़ा।
- ज़ोर: बात मन में बैठ जाती है।
- भाव: चिंता, ख़ुशी या दृढ़ता दिखती है।
तरीके: पंक्तियों की शुरुआत दोहराओ (हम सीखेंगे। हम कोशिश करेंगे। हम जीतेंगे।) या आख़िरी शब्द दोहराकर दो हिस्सों को जोड़ो।
बिना कारण दोहराना केवल शब्दों की बर्बादी है। पूछो: यह दोहराव क्या जोड़ रहा है?
ज़ोर: एक बात को उभारना
ज़ोर (बल) का मतलब किसी शब्द या विचार को ज़्यादा वज़न देना। तरीके:
- आगे लाओ: "वह सच बोलता है" से "सच ही बोलता है वह"।
- लंबे के बाद छोटा: लंबा वाक्य और फिर एक नन्हा वाक्य चोट करता है। "हम रात भर ठंड में इंतज़ार करते रहे। कोई नहीं आया।"
- विरोध: "बड़ी जीत नहीं, छोटी सही, पर हमारी।"
- छोटे शब्द जैसे "ही", "भी", "तो"।
- विराम चिह्न: योजक या विस्मयादिबोधक, पर कम से कम।
ज़ोर एक बार में एक ही बात पर कारगर है।
तरीका चुनो और असर जाँचो
तरीका चुनने से पहले तीन सवाल पूछो। पाठक को कैसा लगे? कौन-सा तरीका वह भाव देगा? क्या वाक्य अब भी साफ़ पढ़ा जाता है?
| लक्ष्य | तरीका |
|---|---|
| तेज़ और हल्का | लोप |
| लय या गहरा भाव | दोहराव |
| एक ख़ास बात | ज़ोर |
वाक्य को ज़ोर से पढ़ो। अगर स्वाभाविक लगे और मुख्य बात साफ़ हो तो रखो। अगर हर हिस्सा चीख रहा हो तो कुछ हटा दो।
करके देखो
3D में "लोप" दबाओ, फिर "साधारण", और ज़ोर से बोलो कि कौन-सा शब्द ग़ायब था। फिर "ज़ोर" दो बार दबाओ और देखो कि लाल शब्द कैसे हिलता है। घर पर लिखो: "बस देर से आई। बारिश तेज़ थी।" इसे तीन तरह से लिखो: एक शब्द छोड़कर, एक दोहराव के साथ और एक शब्द पर ज़ोर देकर। कौन-सा सबसे अच्छा लगा?
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- लोप = अंदाज़ा लगने वाला शब्द छोड़ना
- दोहराव = लय या ज़ोर के लिए फिर कहना
- ज़ोर = एक मुख्य शब्द को आगे लाना, विरोध में रखना या बल देना
- बहुत ज़्यादा तरीके = कहीं भी ज़ोर नहीं
हल किए गए उदाहरण
1. तरीका पहचानो: "रवि क्रिकेट खेलता है, मोना हॉकी।"
लोप। दूसरी बार "खेलती है" नहीं लिखा, फिर भी अर्थ साफ़ है।
2. तरीका और उसका असर बताओ: "हम चलते गए, चलते गए, चलते गए।"
दोहराव। इससे लंबी थकाने वाली यात्रा दिखती है और लय बनती है।
3. "बारिश अचानक रुक गई" में "अचानक" पर ज़ोर देकर लिखो।
जैसे: "अचानक, बारिश रुक गई।" या "बारिश रुक गई। अचानक।" मुख्य शब्द आगे आ गया या अकेला खड़ा है।
आम गलतियाँ
- ऐसा शब्द छोड़ देना जिसका अंदाज़ा पाठक नहीं लगा सकता। वाक्य अस्पष्ट हो जाता है।
- बिना उद्देश्य दोहराना। यह शैली नहीं, शब्दों की बर्बादी है।
- कई शब्दों पर एक साथ ज़ोर देना, तब कोई भी अलग नहीं दिखता।
- ज़ोर के लिए बहुत सारे विस्मयादिबोधक चिह्न लगाना। पहले शब्द-क्रम और विरोध आज़माओ।