सामग्री का चुनाव
सामग्री चुनने से पहले डिज़ाइनर चार सवाल पूछता है।
- गुण: क्या यह मज़बूत, हल्की, कठोर, लचीली, जलरोधी है?
- कीमत: क्या लोग खरीद सकेंगे, और क्या यह आसानी से मिलती है?
- रूप और स्पर्श: लकड़ी जैसा गर्म, धातु जैसा ठंडा, सिरेमिक जैसा चिकना।
- धरती की परवाह: क्या इसे दोबारा इस्तेमाल या रीसायकल कर सकते हैं?
लकड़ी गर्म और काम में आसान है। धातु मज़बूत है और पतली बन सकती है। प्लास्टिक हल्का, सस्ता और रंगीन हो सकता है। सिरेमिक कठोर और गर्मी सहने वाला है, पर टूट सकता है।
प्रसंस्करण: सामग्री को आकार कैसे देते हैं
प्रसंस्करण यानी सामग्री का आकार बदलना। मुख्य प्रकार:
- काटना (आरी, लेज़र कटाई): सामग्री हटाना।
- मोड़ना और रूप देना: बिना काटे आकार बदलना। धातु की नली गर्म या ठंडी मोड़ी जा सकती है।
- जोड़ना: पेंच, गोंद, वेल्डिंग।
- साँचे में ढालना: गर्म प्लास्टिक या धातु को साँचे में डालना या दबाना। बड़ी संख्या के लिए तेज़ है।
- 3D प्रिंटिंग: कंप्यूटर फ़ाइल से परत दर परत बनाना।
हर प्रक्रिया हर सामग्री पर नहीं चलती। लकड़ी को प्लास्टिक की तरह साँचे में नहीं ढाल सकते।
नई सामग्री और प्रसंस्करण डिज़ाइन की संभावनाएँ कैसे बढ़ाते हैं
जब नई सामग्री या प्रक्रिया आती है, तो डिज़ाइनर वह बना सकते हैं जो पहले असंभव था।
- मुड़ी स्टील नली से बिना नक्काशी वाली हल्की, मज़बूत कुर्सियाँ बनीं।
- प्लास्टिक की ढलाई से सबके लिए सस्ती, चटक, एक टुकड़े की चीज़ें बनीं।
- 3D प्रिंटिंग से जटिल आकार बनते हैं, जैसे खोखली जालियाँ या किसी एक व्यक्ति के नाप का पुर्ज़ा।
- स्मार्ट और रीसायकल सामग्री नए गुण देती है या कचरा घटाती है।
अच्छे डिज़ाइनर सामग्री, प्रक्रिया और काम का मेल बैठाते हैं।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- सामग्री का चुनाव = गुण + कीमत + रूप + धरती पर असर
- प्रसंस्करण = काटना, मोड़ना, जोड़ना, ढालना, 3D प्रिंट
- नई सामग्री या प्रक्रिया = नए आकार संभव
- सबसे अच्छा डिज़ाइन = सही सामग्री + सही प्रक्रिया + सही काम
हल किए गए उदाहरण
1. कुर्सी को मज़बूत, पतला ढाँचा चाहिए। लकड़ी या स्टील की नली में से कौन बेहतर है और क्यों?
स्टील की नली। अपनी मोटाई के हिसाब से यह बहुत मज़बूत है, इसलिए ढाँचा पतला और हल्का बन सकता है। लकड़ी को मोटा रखना पड़ेगा।
2. कारखाने को 10,000 एक जैसे प्लास्टिक के कप बनाने हैं। कौन-सी प्रक्रिया ठीक रहेगी?
साँचे में ढालना। एक साँचा हज़ारों एक जैसे कप तेज़ी से और सस्ते में बना देता है।
3. डिज़ाइनर को जटिल अंदर वाला एक खोखला पुर्ज़ा चाहिए, सिर्फ़ पाँच नग। कौन-सी प्रक्रिया?
3D प्रिंटिंग। यह परत दर परत बनाती है, इसलिए अंदर का आकार कोई समस्या नहीं, और पाँच नग के लिए महँगा साँचा नहीं चाहिए।
4. बच्चे के गिरने पर भी न टूटने वाले टिफ़िन के लिए सिरेमिक खराब क्यों है?
सिरेमिक कठोर है पर भुरभुरा। गिरने पर टूट जाता है। प्लास्टिक या स्टील ज़्यादा टिकाऊ है।
आम गलतियाँ
- सामग्री सिर्फ़ दिखावट देखकर चुनना और मज़बूती व कीमत भूल जाना।
- सोचना कि एक प्रक्रिया हर सामग्री पर चलती है। लकड़ी प्लास्टिक की तरह नहीं ढलती।
- 'मज़बूत' और 'कठोर' को मिलाना। सिरेमिक कठोर है पर गिरने पर टूट सकता है।
- कितने नग चाहिए यह भूल जाना। साँचा हज़ारों के लिए ठीक है, पाँच के लिए नहीं।