कला में कई तरह के काम
कला का मतलब सिर्फ़ दीवार पर चित्र बनाना नहीं है। कला सीखे लोग कई जगह काम करते हैं।
- मूर्तिकार: मिट्टी, पत्थर, धातु या लकड़ी से आकार बनाता है।
- प्रोडक्ट डिज़ाइनर: कुर्सी या बोतल जैसी चीज़ें डिज़ाइन करता है और पहले उसका मॉडल बनाता है।
- 3D एनिमेटर: फ़िल्मों और खेलों के लिए कंप्यूटर पर पात्र और दृश्य बनाता है।
- सेट डिज़ाइनर: नाटक या फ़िल्म की जगह बनाता है।
- मॉडल बनाने वाला: इमारतों और चीज़ों के छोटे मॉडल बनाता है।
- कला शिक्षक: दूसरों को कला सिखाता है।
- संरक्षक (कंज़र्वेटर): पुरानी कलाकृतियों को साफ़ और ठीक करता है ताकि वे टिकी रहें।
हर कलाकार के चार हुनर
इन सभी कामों में वही चार हुनर काम आते हैं।
- चित्र बनाना: आप विचार जल्दी स्केच करते हैं ताकि दूसरे देख सकें।
- सामग्री: मिट्टी, लकड़ी, धातु और काग़ज़ कैसे बर्ताव करते हैं, यह जानना।
- डिजिटल 3D: कंप्यूटर पर आकार बनाना और ज़रूरत हो तो प्रिंट करना।
- टीमवर्क: ज़्यादातर काम दूसरों के साथ होता है, इसलिए सुनना और बाँटना आना चाहिए।
हर हफ़्ते थोड़ा-थोड़ा अभ्यास करिए। हुनर अभ्यास से बढ़ता है, किस्मत से नहीं।
पढ़ाई का रास्ता: स्कूल से काम तक
रास्ता एक ही नहीं है, पर आम रास्ता ऐसा होता है।
- स्कूल की कला कक्षा: कई सामग्री आज़माइए और जानिए आपको क्या पसंद है।
- कला कोर्स या फ़ाउंडेशन साल: चित्र, आकार और रंग की बुनियाद सीखिए।
- डिग्री या डिप्लोमा: मूर्तिकला, डिज़ाइन या एनिमेशन जैसा मुख्य क्षेत्र चुनिए।
- काम: सहायक, इंटर्न या फ़्रीलांसर बनकर शुरुआत कीजिए और आगे बढ़िए।
कुछ कलाकार वर्कशॉप, ऑनलाइन पाठ और गुरुओं से भी सीखते हैं। कई जगह आवेदन में पोर्टफोलियो माँगा जाता है, इसलिए जल्दी जमा करना शुरू कीजिए।
आपका पोर्टफोलियो
पोर्टफोलियो आपकी सबसे अच्छी कृतियों का छोटा संग्रह है, साथ में छोटे नोट। इसमें 8 से 12 काम रखिए, अलग-अलग हुनर दिखाइए और अच्छी रोशनी में फ़ोटो लीजिए। 3D काम की फ़ोटो सामने, बगल और ऊपर से लीजिए। नाम, सामग्री और विचार की एक पंक्ति लिखिए। हर साल इसे नया कीजिए और डिजिटल कॉपी रखिए।
काम की दुनिया: कई काम और नए मौके
कई कलाकार एक साथ कई काम करते हैं। सुबह पढ़ाते हैं और शाम को अपना काम बनाते हैं। कुछ अपने लिए काम करते हैं (फ़्रीलांस) और कुछ स्टूडियो के लिए। 3D प्रिंटर और डिज़ाइन सॉफ़्टवेयर जैसे नए औज़ार नए काम बनाते हैं, इसलिए सीखते रहिए। शुरू में कमाई ऊपर-नीचे हो सकती है, इसलिए योजना बनाइए, बचत कीजिए और इस क्षेत्र के दोस्तों का नेटवर्क बनाइए।
करके देखिए: अपना करियर नक्शा
एक काग़ज़ लीजिए। कला में आपको जो तीन चीज़ें पसंद हैं, लिखिए। हर एक के आगे ऐसा एक काम लिखिए जिसमें वह काम आती है। फिर इस महीने जो एक हुनर आप बढ़ाएँगे और पोर्टफोलियो में जो एक कृति जोड़ेंगे, वह लिखिए। दोस्त से मिलाइए।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- हुनर: चित्र + सामग्री + डिजिटल 3D + टीमवर्क
- रास्ता: स्कूल की कला → कला कोर्स → डिग्री या डिप्लोमा → काम
- पोर्टफोलियो: 8 से 12 सबसे अच्छे काम + फ़ोटो + छोटे नोट
- याद रखिए: हुनर, पढ़ाई, पोर्टफोलियो, काम
हल किए गए उदाहरण
1. रिया को मिट्टी से काम करना और छोटे बच्चों को सिखाना पसंद है। उसके लिए दो काम बताइए।
मूर्तिकार (मिट्टी का काम) और कला शिक्षक (सिखाना)। दोनों उसकी पसंद से मेल खाते हैं। वह दोनों साथ भी कर सकती है।
2. अरुण 3D एनिमेटर बनना चाहता है। चार हुनर में से उसे किसका सबसे ज़्यादा अभ्यास करना चाहिए, और स्टूडियो में काम के लिए कौन-सा चाहिए?
एनिमेटर के लिए मुख्य हुनर डिजिटल 3D है। स्टूडियो में काम के लिए टीमवर्क चाहिए, क्योंकि फ़िल्में बहुत लोग मिलकर बनाते हैं।
3. मीना के पास 14 कृतियाँ हैं और कोर्स के आवेदन के लिए 10 का पोर्टफोलियो चाहिए। कितनी छोड़नी होंगी और कैसे चुने?
14 − 10 = 4 कृतियाँ छोड़नी होंगी। वह सबसे अच्छी रखेगी और ध्यान रखेगी कि अलग-अलग हुनर दिखें, जैसे चित्र, मिट्टी का काम और डिजिटल मॉडल।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि कला में एक ही काम है। डिज़ाइन से संरक्षण तक बहुत काम हैं।
- हर कृति पोर्टफोलियो में डाल देना। सबसे अच्छी 8 से 12 चुनिए।
- टीमवर्क छोड़ देना। लगभग हर कला के काम में यह चाहिए।
- डिग्री के बाद सीखना बंद कर देना। नए औज़ार काम बदलते रहते हैं।