मीडिया का सेहत पर असर
मीडिया यानी वीडियो, गेम, सोशल ऐप, समाचार और विज्ञापन। मीडिया काम का हो सकता है, पर ज़्यादा हो तो नुक़सान करता है।
- नींद: रात को तेज़ स्क्रीन देखने से नींद नहीं आती।
- आँखें और शरीर: ज़्यादा स्क्रीन-समय से आँखें थकती हैं और हम बहुत देर बैठे रहते हैं।
- भावनाएँ: सबकुछ परफ़ेक्ट दिखाने वाले पोस्ट से अपनी तुलना करने पर उदासी आ सकती है। डरावना कंटेंट डर पैदा कर सकता है।
- सच: कुछ पोस्ट अफ़वाह या विज्ञापन होते हैं जो समाचार बनकर आते हैं।
अच्छी आदतें: स्क्रीन-समय की सीमा रखिए, सोने से पहले स्क्रीन बंद कीजिए, बाहर खेलिए और स्रोत जाँचिए। पूछिए: यह किसने लिखा, क्या सबूत है, क्या कोई मुझे कुछ बेचना चाहता है?
अपने कंप्यूटर को सुरक्षित रखना
कंप्यूटर या फ़ोन पर मैलवेयर हमला कर सकता है। मैलवेयर यानी बुरा प्रोग्राम। वायरस किसी फ़ाइल में छिपकर फैलता है। दूसरे प्रकार पासवर्ड चुराते हैं या फ़ाइलें बंद कर देते हैं।
- अपडेट लगाइए। वे कमज़ोर जगहें ठीक करते हैं।
- एंटीवायरस इस्तेमाल कीजिए और चालू रखिए।
- अनजान फ़ाइल, लिंक या पॉप-अप मत खोलिए।
- ऐप सिर्फ़ भरोसेमंद स्टोर से डाउनलोड कीजिए।
- मज़बूत पासवर्ड रखिए: लंबा, अक्षर, अंक और चिह्न मिले हुए, और हर खाते का अलग।
- उठते समय स्क्रीन लॉक कीजिए और साझा कंप्यूटर पर लॉग आउट कीजिए।
ख़तरनाक ऑनलाइन समूह
ऑनलाइन समूह लोगों की ऐसी टोली है जो साथ चैट करती या खेलती है। ज़्यादातर ठीक होते हैं, पर कुछ ख़तरनाक होते हैं। लाल झंडे पहचानिए:
- वे पैसे या तोहफ़े माँगते हैं।
- वे राज़ पूछते हैं, जैसे पता, स्कूल या फ़ोटो।
- वे आपको डराते हैं या कहते हैं "माता-पिता को मत बताना"।
- वे ख़तरनाक काम करने या दूसरों से नफ़रत करने के लिए उकसाते हैं।
- कोई नया "दोस्त" मिलने के लिए बुलाता है।
लाल झंडा दिखे तो: बात बंद कीजिए, कुछ साझा मत कीजिए, स्क्रीनशॉट सहेजिए, किसी भरोसेमंद बड़े को बताइए, फिर ब्लॉक और रिपोर्ट कीजिए।
निजी जानकारी की सुरक्षा
निजी जानकारी वह है जिससे पता चले कि आप कौन हैं: पूरा नाम, घर का पता, फ़ोन नंबर, स्कूल, फ़ोटो, पासवर्ड, OTP और बैंक की जानकारी। बुरे लोग इसका इस्तेमाल धोखा देने या परेशान करने के लिए कर सकते हैं।
- पासवर्ड या OTP किसी को मत बताइए, दोस्त को भी नहीं।
- कम से कम जानकारी दीजिए, और सिर्फ़ भरोसेमंद साइट पर।
- प्राइवेसी सेटिंग से तय कीजिए कि आपके पोस्ट सिर्फ़ जान-पहचान वाले देखें।
- पोस्ट करने से पहले सोचिए: एक बार डालने पर वह कॉपी हो सकता है और हमेशा रह सकता है।
- हर खाते का पासवर्ड अलग रखिए।
ऑनलाइन ख़रीदारी के ख़तरे
ऑनलाइन दुकानें सुरक्षित हो सकती हैं, पर नक़ली दुकानें भी होती हैं। पैसे देने से पहले जाँचिए:
- पता https से शुरू हो और ताले का चिह्न दिखे।
- दुकान जानी-पहचानी हो, असली समीक्षाएँ और संपर्क का पता हो।
- दाम उचित हो। बहुत ज़्यादा कम दाम चेतावनी है।
- भुगतान सुरक्षित हो: भरोसेमंद भुगतान पेज या डिलीवरी पर नक़द। किसी अजनबी को पैसे भेजकर कभी भुगतान मत कीजिए।
कुछ भी ख़रीदने से पहले माता-पिता से पूछिए। संदेश के लिंक से खुले पेज पर कार्ड की जानकारी कभी मत भरिए।
करके देखिए
माता-पिता के साथ अपने किसी ऐप की प्राइवेसी सेटिंग देखिए। आपके पोस्ट कौन देख सकता है? उसे बदलिए ताकि सिर्फ़ दोस्त देख सकें। फिर नया मज़बूत पासवर्ड बनाइए: चार बेतरतीब शब्द चुनिए और उसमें एक अंक और एक चिह्न जोड़िए।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- फ़िशिंग = नक़ली संदेश जो आपसे राज़ निकलवाता है
- मैलवेयर = बुरा प्रोग्राम (वायरस, स्पाईवेयर, रैनसमवेयर)
- मज़बूत पासवर्ड = लंबा + अक्षर + अंक + चिह्न + हर खाते का अलग
- सुरक्षित दुकान = https + जानी-पहचानी दुकान + उचित दाम + सुरक्षित भुगतान
- लाल झंडे = पैसे माँगना, राज़ पूछना, डराना
हल किए गए उदाहरण
1. एक पॉप-अप कहता है "आपके फ़ोन में वायरस है! साफ़ करने के लिए दबाइए।" आप क्या करेंगे?
मत दबाइए। पॉप-अप बंद कीजिए, अपना एंटीवायरस चलाइए और बड़े को बताइए। ऐसे पॉप-अप अक्सर चाल होते हैं जो असली मैलवेयर डाल देते हैं।
2. आपके गेम चैट में नया व्यक्ति तोहफ़ा भेजने के लिए घर का पता माँगता है। आप क्या करेंगे?
कोई जानकारी मत दीजिए। पता निजी जानकारी है और यह लाल झंडा है। स्क्रीनशॉट लीजिए, भरोसेमंद बड़े को बताइए, फिर खिलाड़ी को ब्लॉक और रिपोर्ट कीजिए।
3. एक वेबसाइट नया ब्रांडेड फ़ोन सामान्य दाम के चौथाई में बेच रही है और निजी खाते में पैसे भेजने को कहती है। क्या यह सुरक्षित है?
नहीं। दाम सच होने के लिए बहुत अच्छा है और भुगतान का तरीक़ा असुरक्षित है। पैसे मत दीजिए और बड़े को बताइए।
4. इनमें से मज़बूत पासवर्ड कौन-सा है: "rahul123", "Blue-Mango-Train-47!", "password"?
"Blue-Mango-Train-47!" मज़बूत है: लंबा, मिले-जुले अक्षर, अंदाज़ा लगाना कठिन। बाकी दो आसानी से अनुमान लगाए जा सकते हैं।
5. एक पोस्ट कहता है "इसे 10 लोगों को भेजो वरना कुछ बुरा होगा।" आप क्या करेंगे?
आगे मत भेजिए। यह चेन संदेश है और डर का फ़ायदा उठाता है। स्रोत जाँचिए और झूठा हो तो मिटा दीजिए।
6. वेबसाइट से कुछ ख़रीदने से पहले चार बातें जाँचने को बताइए।
पता https से शुरू हो और ताला दिखे, दुकान जानी-पहचानी हो और असली समीक्षाएँ हों, दाम उचित हो, और भुगतान का तरीक़ा सुरक्षित हो। साथ में माता-पिता से पूछिए।
आम गलतियाँ
- पासवर्ड या OTP किसी दोस्त या "मददगार" को बता देना। कोई ईमानदार व्यक्ति इसे नहीं माँगेगा।
- रोमांचक लगने वाले लिंक पर क्लिक कर देना, जैसे "आपने इनाम जीता"।
- सिर्फ़ इसलिए किसी बात पर यक़ीन करना कि बहुत लोग उसे भेज रहे हैं। स्रोत जाँचिए।
- हर जगह एक ही पासवर्ड रखना, जिससे एक लीक होते ही हर खाता खुल जाता है।