ICT क्या है? सूचना प्रौद्योगिकी प्रणालियाँ और उनके चरण
ICT यानी सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (Information and Communication Technology)। इसमें वे उपकरण, प्रोग्राम और नेटवर्क आते हैं जिनसे हम जानकारी जमा करते, प्रोसेस करते, सँभालते और बाँटते हैं। सूचना प्रौद्योगिकी (IT) जानकारी सँभालने की बात है। संचार उसे भेजने की।
सूचना प्रणाली चरणों में चलती है:
- इनपुट: डेटा अंदर जाता है (टाइपिंग, कैमरा, सेंसर, माइक)।
- प्रोसेस: कंप्यूटर छाँटता, गिनता, बदलता या निर्णय लेता है।
- आउटपुट: नतीजा दिखता है (स्क्रीन, स्पीकर, प्रिंटर)।
- स्टोरेज: डेटा सँभालकर रखा जाता है (डिस्क, मेमोरी कार्ड, क्लाउड)।
- संचार: डेटा नेटवर्क से दूसरों को भेजा जाता है।
उदाहरण: मौसम ऐप। सेंसर तापमान देते हैं (इनपुट); कंप्यूटर औसत निकालता है (प्रोसेस); फ़ोन संख्या दिखाता है (आउटपुट); पुराने मान सेव होते हैं (स्टोर)।
संचार माध्यम: प्रकार
माध्यम वह रास्ता है जिससे संदेश जाता है। इसके तीन परिवार हैं।
- तार वाले (निर्देशित) माध्यम: ऐंठे तार वाला कॉपर केबल, कोएक्सियल केबल और ऑप्टिकल फ़ाइबर (पतले काँच में प्रकाश के स्पंद, बहुत तेज़ और दूर तक)।
- बिना तार वाले माध्यम: रेडियो तरंगें (मोबाइल, वाई-फ़ाई, FM), माइक्रोवेव, इन्फ्रारेड (रिमोट)।
- उपग्रह: संकेत उपग्रह तक जाकर लौटता है। जहाज़, विमान और दूर-दराज़ जगहों के लिए अच्छा।
इसे जनसंचार माध्यम (अख़बार, रेडियो, टीवी, वेबसाइट) से मत मिलाइए। वे बहुत लोगों तक पहुँचने के साधन हैं। केबल, तार-रहित और उपग्रह संकेत के वाहक हैं।
| माध्यम | किसके लिए अच्छा | कमज़ोरी |
|---|---|---|
| ऑप्टिकल फ़ाइबर | बहुत तेज़, लंबी दूरी | बिछाना महँगा |
| रेडियो / वाई-फ़ाई | चलते उपकरण, बिना तार | दूरी और दीवारों से संकेत कमज़ोर |
| उपग्रह | दूर-दराज़ जगहें | थोड़ी देरी, मौसम से गड़बड़ |
ICT का विकास: हर चरण की विशेषताएँ
- टेलीग्राफ़ (1830-40 का दशक): तार पर कोड वाले संकेत।
- टेलीफ़ोन (1876): तार पर आवाज़।
- रेडियो (1900 के शुरू) और टीवी (1920-50 का दशक): एक साथ बहुत लोगों तक प्रसारण।
- कंप्यूटर (1940 के बाद): तेज़ प्रोसेसिंग; बाद में छोटे और निजी।
- इंटरनेट (1969 में पहला नेटवर्क; वेब 1989-91): हर जगह के कंप्यूटर जुड़े।
- मोबाइल और स्मार्टफ़ोन (1990-2000 का दशक): हर जेब में कंप्यूटर।
- 5G, IoT और AI (2020 का दशक): ज़्यादा तेज़, हमेशा जुड़ी चीज़ें जो निर्णय भी ले सकती हैं।
रुझान की विशेषताएँ: उपकरण छोटे, तेज़, सस्ते होते गए; नेटवर्क ज़्यादा लोगों तक पहुँचा; अलग-अलग साधन एक फ़ोन में मिल गए।
उन्नत ICT: 5G, IoT और AI
5G मोबाइल नेटवर्क की पाँचवीं पीढ़ी है। 4G की तुलना में यह बहुत तेज़ हो सकता है, बहुत कम देरी से जवाब दे सकता है और एक ही इलाके में बहुत ज़्यादा उपकरण जोड़ सकता है। ये अधिकतम (सबसे अच्छी स्थिति की) विशेषताएँ हैं; असली गति जगह और नेटवर्क पर निर्भर है।
IoT (इंटरनेट ऑफ थिंग्स) यानी रोज़मर्रा की चीज़ें जिनमें सेंसर और नेटवर्क जुड़ाव हो: स्मार्ट बल्ब, फ़िटनेस घड़ी, खेत की मिट्टी का सेंसर, कार। ये डेटा भेजती हैं और कभी-कभी आदेश पाती हैं।
AI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) कंप्यूटर को पैटर्न पहचानने और निर्णय लेने देती है, जैसे फ़ैक्टरी में ख़राबी पकड़ने वाला कैमरा। ऑटोमेशन यानी मशीनें कम मानवीय मदद से काम करें। ICT और AI इंजीनियर नेटवर्क, चिप, सॉफ़्टवेयर और रोबोट बनाते हैं; ऑटोमेशन इंजीनियर सेंसर, कंट्रोलर और मशीनें जोड़ते हैं।
अति-जुड़ा समाज: फ़ायदे और ख़तरे
अति-जुड़े समाज में लोग, मशीनें और जगहें हर समय जुड़ी रहती हैं। फ़ायदे: ऑनलाइन कक्षाएँ, दूरस्थ इलाज, स्मार्ट खेती, आपदा में जल्दी मदद। ख़तरे: निजता का नुकसान, हैकिंग, झूठी ख़बरें, स्क्रीन की लत और डिजिटल विभाजन (जिनके पास उपकरण या इंटरनेट नहीं, वे पीछे रह जाते हैं)। टिकाऊ ICT डेटा सेंटरों की ऊर्जा और ई-कचरे (पुराने फ़ोन-कंप्यूटर) का भी ध्यान रखता है। मज़बूत पासवर्ड रखिए, सॉफ़्टवेयर अपडेट कीजिए और सोचकर शेयर कीजिए।
करके देखिए
3D के आख़िरी चरण में उपकरण चालू-बंद कीजिए और गिनती देखिए। घर पर: अपने घर की पाँच चीज़ें लिखिए जो इनपुट लेती और आउटपुट देती हैं। फिर अपने फ़ोन से दोस्त तक एक संदेश का रास्ता बनाइए: उसमें कौन-कौन से माध्यम आए?
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- ICT = सूचना + संचार + प्रौद्योगिकी
- सूचना प्रणाली: इनपुट → प्रोसेस → आउटपुट → स्टोरेज (→ संचार)
- माध्यम: तार वाले (कॉपर, फ़ाइबर), बिना तार (रेडियो, माइक्रोवेव), उपग्रह
- भेजने का समय = फ़ाइल का आकार (बिट में) ÷ गति (बिट प्रति सेकंड)
- 1 बाइट = 8 बिट
हल किए गए उदाहरण
1. डिजिटल कैमरे के लिए सूचना प्रणाली के चार चरण बताइए।
इनपुट: लेंस और सेंसर से आता प्रकाश। प्रोसेस: चिप तस्वीर बनाती है। आउटपुट: स्क्रीन पर तस्वीर। स्टोरेज: मेमोरी कार्ड में सेव।
2. समुद्र के बीच जहाज़ के लिए कौन-सा माध्यम चुनेंगे और क्यों?
उपग्रह। वहाँ केबल या टावर नहीं होते, और उपग्रह का संकेत अंतरिक्ष से जहाज़ तक पहुँच सकता है।
3. 50 MB का वीडियो 10 मेगाबाइट प्रति सेकंड की गति से भेजा गया। कितना समय लगा?
समय = 50 ÷ 10 = 5 सेकंड। अगर गति मेगाबिट प्रति सेकंड में हो तो पहले आकार को 8 से गुणा कीजिए (50 MB = 400 Mb)।
आम गलतियाँ
- माध्यम (केबल, रेडियो, उपग्रह) को जनसंचार माध्यम (टीवी, अख़बार) से मिला देना। माध्यम संकेत ले जाता है; जनसंचार माध्यम बहुत लोगों तक पहुँचने के साधन हैं।
- सूचना प्रणाली के चरणों में स्टोरेज भूल जाना।
- बाइट और बिट मिला देना: नेटवर्क की गति आमतौर पर बिट प्रति सेकंड (Mbps) में और फ़ाइल का आकार बाइट (MB) में होता है। 1 बाइट = 8 बिट।
- यह सोचना कि 5G सिर्फ़ "तेज़ फ़ोन" है। उसका मतलब कम देरी और बहुत से जुड़े उपकरण (IoT) भी है।