सॉफ़्टवेयर क्या है? प्रकार और ऑपरेटिंग सिस्टम
सॉफ़्टवेयर प्रोग्रामों (निर्देशों) का समूह है जो हार्डवेयर को बताता है कि क्या करना है।
सॉफ़्टवेयर के प्रकार
- सिस्टम सॉफ़्टवेयर: ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) जैसे Windows, macOS, Linux, Android, iOS; साथ में ड्राइवर और फ़र्मवेयर (डिवाइस की चिप में रखा छोटा सॉफ़्टवेयर, जैसे राउटर में)।
- एप्लीकेशन सॉफ़्टवेयर: उपयोगकर्ता का काम करता है: वर्ड प्रोसेसर, स्प्रेडशीट, ब्राउज़र, फ़ोटो एडिटर, वीडियो कॉल, गेम।
- यूटिलिटी सॉफ़्टवेयर: कंप्यूटर की देखभाल: एंटीवायरस, बैकअप, डिस्क क्लीनअप, ज़िप, फ़ाइल मैनेजर।
- प्रोग्रामिंग टूल: कोड एडिटर, कंपाइलर, इंटरप्रेटर।
OS क्या करता है
- कंप्यूटर चालू (बूट) करता है और स्क्रीन पर इंटरफ़ेस देता है।
- प्रोसेसर, मेमोरी (RAM) और स्टोरेज संभालता है।
- फ़ाइलें और फ़ोल्डर संभालता है।
- ड्राइवरों से डिवाइस चलाता है।
- सुरक्षा: यूज़र अकाउंट, पासवर्ड, अनुमति।
ड्राइवर, प्लग एंड प्ले और फ़र्मवेयर
डिवाइस ड्राइवर एक छोटा प्रोग्राम है जो OS और किसी एक डिवाइस (प्रिंटर, ग्राफ़िक्स कार्ड, वेबकैम) के बीच दुभाषिये का काम करता है। सही ड्राइवर न हो तो डिवाइस नहीं चलेगा या खराब चलेगा।
प्लग एंड प्ले: डिवाइस लगाओ, OS उसे पहचानता है, सही ड्राइवर ढूँढकर लगाता है और डिवाइस तैयार। अगर न हो पाए, तो कंपनी की असली वेबसाइट से अपने मॉडल और OS संस्करण का ड्राइवर लो।
फ़र्मवेयर हार्डवेयर के अंदर बसा सॉफ़्टवेयर है। कंपनियाँ गलतियाँ ठीक करने या नई सुविधा देने के लिए फ़र्मवेयर अपडेट देती हैं। फ़र्मवेयर अपडेट के बीच बिजली कभी बंद मत करो।
सिस्टम ज़रूरतें और सॉफ़्टवेयर कम्पैटिबिलिटी
हर प्रोग्राम अपनी न्यूनतम ज़रूरतें (बस चलने के लिए) और सुझाई गई ज़रूरतें (अच्छे से चलने के लिए) बताता है: OS और संस्करण, प्रोसेसर, RAM, खाली स्टोरेज, ग्राफ़िक्स, कभी-कभी इंटरनेट।
OS की भी ज़रूरतें होती हैं। नए OS को नया प्रोसेसर या ज़्यादा RAM चाहिए हो सकती है।
कम्पैटिबिलिटी की समस्याएँ
- ऐप किसी और OS के लिए बना है (Windows का प्रोग्राम Android पर नहीं चलेगा)।
- OS बहुत पुराना, या ऐप नए OS के लिए बहुत पुराना।
- 32-बिट और 64-बिट का मेल न होना।
- RAM, स्टोरेज या ग्राफ़िक्स कम।
- फ़ाइल फ़ॉर्मेट का फ़र्क।
ज़रूरत के हिसाब से सॉफ़्टवेयर
पहले पूछो उपयोगकर्ता को क्या करना है, फिर ऐसा सॉफ़्टवेयर चुनो जो वह काम करे, उनके कंप्यूटर पर चले, बजट में हो और चलाना आसान हो।
सॉफ़्टवेयर इंस्टॉल, कॉन्फ़िगर और अपडेट करना
एक सावधान टेक्नीशियन ये कदम उठाता है:
- ज़रूरत पूछो: ग्राहक क्या करना चाहता है, कौन-से डिवाइस हैं, बजट कितना है।
- जाँचो: ज़रूरतें, कम्पैटिबिलिटी और लाइसेंस।
- सुरक्षित जगह से लो: सिर्फ़ असली वेबसाइट या स्टोर।
- बैकअप लो।
- इंस्टॉल करो: लाइसेंस पढ़कर मानो, फ़ोल्डर चुनो, फ़ालतू साथ आने वाले प्रोग्राम का निशान हटाओ।
- कॉन्फ़िगर करो: भाषा, डिफ़ॉल्ट ऐप, फ़ाइल की जगह, यूज़र अकाउंट, ऑटो-सेव।
- जाँचकर उपयोगकर्ता को दिखाओ।
- अपडेट: OS, ऐप, यूटिलिटी और एंटीवायरस के ऑटो-अपडेट चालू करो।
पैच, अपडेट और अपग्रेड
पैच/अपडेट गलतियाँ और सुरक्षा छेद ठीक करता है। अपग्रेड नया बड़ा संस्करण है जिसमें नई सुविधाएँ होती हैं। एंटीवायरस को नए खतरों के लिए अपनी वायरस परिभाषाएँ बार-बार अपडेट करनी पड़ती हैं।
कीमत और लाइसेंस
सॉफ़्टवेयर मुफ़्त, ओपन सोर्स (मुफ़्त, बदला भी जा सकता है, जैसे LibreOffice, Linux), एक बार खरीदने वाला, या मासिक/सालाना सब्सक्रिप्शन वाला हो सकता है। स्थानीय दुकान, राष्ट्रीय विक्रेता और ऑनलाइन स्टोर की तुलना करो।
मदद
मैनुअल, कंपनी के ऑनलाइन दस्तावेज़, FAQ और आधिकारिक फ़ोरम देखो।
करके देखो
अपने फ़ोन या कंप्यूटर का "About" पेज खोलो। OS संस्करण, RAM और खाली जगह लिखो। फिर किसी ऐप की ज़रूरतें देखो और तय करो कि वह चलेगा या नहीं।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- परतें: हार्डवेयर → ड्राइवर/फ़र्मवेयर → ऑपरेटिंग सिस्टम → एप्लीकेशन → उपयोगकर्ता
- सॉफ़्टवेयर के प्रकार: सिस्टम, एप्लीकेशन, यूटिलिटी, प्रोग्रामिंग टूल
- चलेगा? हर चीज़ में कंप्यूटर की क्षमता ≥ ऐप की न्यूनतम ज़रूरत
- पैच = सुधार; अपग्रेड = नई सुविधाओं वाला नया संस्करण
- इंस्टॉल क्रम: ज़रूरत → जाँच → बैकअप → इंस्टॉल → कॉन्फ़िगर → टेस्ट → अपडेट
हल किए गए उदाहरण
1. वर्गीकरण करो: एंटीवायरस, Android, स्प्रेडशीट, कंपाइलर, प्रिंटर ड्राइवर।
एंटीवायरस: यूटिलिटी। Android: सिस्टम सॉफ़्टवेयर (OS)। स्प्रेडशीट: एप्लीकेशन। कंपाइलर: प्रोग्रामिंग टूल। प्रिंटर ड्राइवर: सिस्टम सॉफ़्टवेयर।
2. एक वीडियो एडिटर को 64-बिट Windows 10 या नया, 8 GB RAM और 20 GB खाली जगह चाहिए। PC में 64-बिट Windows 11, 4 GB RAM और 120 GB खाली जगह है। चलेगा?
OS: Windows 11 ≥ 10 और 64-बिट, ठीक। जगह: 120 ≥ 20 GB, ठीक। RAM: 4 < 8 GB, कमी। न्यूनतम ज़रूरत पूरी नहीं; पहले कम से कम 4 GB RAM और लगाओ (कुल 8 GB)।
3. नया वेबकैम लगाया, पर "Device not recognised" आ रहा है। टेक्नीशियन क्या करे?
दूसरा USB पोर्ट आज़माओ और रीस्टार्ट करो ताकि प्लग एंड प्ले फिर कोशिश करे। फिर भी न चले तो सही मॉडल देखकर कंपनी की वेबसाइट से इस OS संस्करण का ड्राइवर लो, इंस्टॉल करो, रीस्टार्ट करके जाँचो।
आम गलतियाँ
- OS को एप्लीकेशन सॉफ़्टवेयर समझना। यह सिस्टम सॉफ़्टवेयर है जो बाकी सब चलाता है।
- सिर्फ़ RAM देखना। हर ज़रूरत देखनी है: OS और संस्करण, 32/64-बिट, प्रोसेसर, स्टोरेज, ग्राफ़िक्स।
- किसी भी साइट से ड्राइवर या ऐप डाउनलोड करना। मैलवेयर से बचने के लिए असली साइट या स्टोर इस्तेमाल करो।
- समय बचाने के लिए अपडेट बंद करना। अपडेट सुरक्षा छेद भरते हैं; पुरानी परिभाषाओं वाला एंटीवायरस नए वायरस नहीं पकड़ता।