South 고등학교 3학년 Informatics
अध्याय: 5
1. Information culture
Information science in society · Careers in information science · Information protection · Information security · Software copyright · Cyber ethics
- डिजिटल समाज: सूचना तकनीक हमारी ज़िंदगी कैसे बदलती है – डिजिटल समाज (सूचना समाज) वह समाज है जहाँ कंप्यूटर और नेटवर्क से जानकारी बनाना, बाँटना और इस्तेमाल करना ज़िंदगी, काम और सरकार का मुख्य हिस्सा है। जानकारी तेज़ चलती है, हर जगह पहुँचती है और लगभग मुफ़्त में कॉपी हो जाती है। सॉफ़्टवेयर ने ख़रीदारी, बैंकिंग, इलाज, पढ़ाई और दोस्ती बदल दी। नई नौकरियाँ आईं (ऐप डेवलपर, डेटा विश्लेषक), कुछ पुरानी घटीं। हर ऑनलाइन काम डेटा छोड़ता है, इसलिए निजता ज़रूरी है। सब लोग जुड़े नहीं हैं (डिजिटल खाई), और ज़्यादा स्क्रीन या गेमिंग सेहत बिगाड़ सकती है। अच्छा डिजिटल नागरिक फ़ायदे लेता है और ख़तरे सँभालता है।
- करियर प्लानिंग: ख़ुद को जानने से पहली नौकरी तक – करियर प्लानिंग के पाँच कदम हैं। 1) ख़ुद को जानो: रुचियाँ, कौशल और मूल्य। 2) करियर परिवार खोजो और जानो कि काम क्या है, कौन-सी पढ़ाई चाहिए, वेतन और माँग कितनी है। 3) SMART लक्ष्य और प्लान B के साथ रास्ता बनाओ। 4) CV, आवेदन पत्र, डिजिटल पोर्टफ़ोलियो और इंटरव्यू अभ्यास से नौकरी खोजो। 5) स्कूल से काम की ओर बढ़ो और सीखते रहो, क्योंकि ज़िंदगी भर करियर बदलता है।
- साइबर सुरक्षा: ख़तरे और उनसे बचाव – साइबर सुरक्षा कंप्यूटर, नेटवर्क और डेटा की रक्षा करती है। इसके लक्ष्य हैं गोपनीयता, अखंडता और उपलब्धता (CIA त्रिक)। आम ख़तरे: मालवेयर, फ़िशिंग व सोशल इंजीनियरिंग, ब्रूट फ़ोर्स और डिनायल ऑफ़ सर्विस। बचाव: मज़बूत प्रमाणीकरण, कूटलेखन, फ़ायरवॉल, एंटी-मालवेयर, अपडेट, पहुँच नियंत्रण और बैकअप।
- डेटा सुरक्षा और बौद्धिक संपदा अधिकार – बौद्धिक संपदा (IP) मन की रचना है, जैसे कहानी, गीत, प्रोग्राम, आविष्कार या लोगो। बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) निर्माता को उसके उपयोग पर नियंत्रण देते हैं। कॉपीराइट रचनात्मक कार्य (लेख, संगीत, कला, सॉफ़्टवेयर कोड) को बनते ही अपने-आप बचाता है; पेटेंट नए, उपयोगी आविष्कार को लगभग 20 साल बचाता है और इसके लिए आवेदन करना पड़ता है; ट्रेडमार्क ब्रांड नाम, लोगो और नारे बचाता है। साहित्यिक चोरी दूसरे का काम बिना श्रेय अपना बताना है। उल्लंघन सुरक्षित IP को बिना अनुमति इस्तेमाल करना है। सार्वजनिक लाइसेंस से निर्माता अपनी शर्तों पर साझा करते हैं: रचनात्मक कार्यों के लिए क्रिएटिव कॉमन्स (BY, SA, NC, ND), और सॉफ़्टवेयर के लिए GPL (कॉपीलेफ़्ट: बदला संस्करण खुला रहे) और Apache (उदार: नोटिस रखकर बंद उत्पाद में भी)।
- डिजिटल पदचिह्न और नेट शिष्टाचार – डिजिटल पदचिह्न वह डेटा का निशान है जो हम ऑनलाइन छोड़ते हैं। सक्रिय पदचिह्न जान-बूझकर साझा होते हैं (पोस्ट, कमेंट, फ़ॉर्म); निष्क्रिय पदचिह्न हमारी जानकारी के बिना इकट्ठे होते हैं (कुकीज़, ब्राउज़िंग हिस्ट्री, लोकेशन, IP पता)। ये मिटाना कठिन है और बाद में दूसरे देख सकते हैं। हम डिजिटल समाज में रहते हैं जहाँ पढ़ाई, बैंकिंग, ख़रीदारी और सरकारी सेवाएँ ऑनलाइन हैं; इसका ज़िम्मेदार उपयोगकर्ता डिजिटल नागरिक (नेटिज़न) है। नेट शिष्टाचार: नैतिक (कॉपीराइट मानें, भरोसेमंद जानकारी), सम्मानजनक (निजता, विविधता, बुलिंग नहीं) और ज़िम्मेदार (ज़्यादा निजी बातें नहीं, ट्रोल को जवाब नहीं)। संचार शिष्टाचार: सटीक, विनम्र, विश्वसनीय; सोशल मीडिया शिष्टाचार: सोच-समझकर पासवर्ड और प्राइवेसी, अपलोड से पहले सोचें, साझा करने से पहले जाँचें।
2. Data and information
Representing information · Data in computing · Collecting and analysing · Managing information
- संख्या पद्धति और कूटन (Encoding) – संख्या पद्धति अंकों और आधार से संख्याएँ लिखने का तरीका है। दशमलव (आधार 10) में 0–9, बाइनरी (आधार 2) में 0 और 1, ऑक्टल (आधार 8) में 0–7, और हेक्साडेसिमल (आधार 16) में 0–9 और A–F। दशमलव से किसी आधार में: आधार से बार-बार भाग देकर शेष नीचे से ऊपर पढ़ें; भिन्न भाग के लिए आधार से गुणा करके पूर्णांक ऊपर से नीचे पढ़ें। दशमलव में: हर अंक × स्थानीय मान, फिर जोड़ें। बाइनरी ↔ ऑक्टल में 3 बिट के समूह, बाइनरी ↔ हेक्स में 4 बिट के। टेक्स्ट कूटन से रखा जाता है: ASCII (7 बिट, 128 अक्षर), ISCII (8 बिट, भारतीय लिपियाँ) और यूनिकोड (हर लिपि), जो UTF-8 (1–4 बाइट) या UTF-32 (4 बाइट) में सहेजा जाता है।
- आँकड़ों का प्रबंधन: इकट्ठा करो, व्यवस्थित करो, दिखाओ – आँकड़े (डेटा) तथ्यों का समूह हैं, जैसे जवाब, गिनती या माप। आँकड़े गुणात्मक (शब्द) या मात्रात्मक (संख्या) होते हैं; संख्याएँ असतत (गिनी हुई) या सतत (नापी हुई) होती हैं। हम सर्वे, अवलोकन, प्रयोग या पहले से मौजूद स्रोतों से आँकड़े इकट्ठा करते हैं, फिर मिलान चिह्नों से बारंबारता सारणी बनाते हैं। सही आलेख चुनते हैं: तुलना के लिए दंड आलेख, पूरे के हिस्सों के लिए पाई चार्ट, समय के साथ बदलाव के लिए रेखा आलेख, दो चीज़ों के रिश्ते के लिए बिंदु आलेख। कंप्यूटर डेटा को संरचित सारणी या असंरचित पाठ, चित्र और आवाज़ के रूप में रखते हैं।
- डेटा विश्लेषण – डेटा विश्लेषण यानी कच्चे आँकड़ों को जवाब में बदलना। इसका एक चक्र है: सवाल पूछो, डेटा इकट्ठा करो, साफ़ करो (ग़लती, दोहराव और खाली जवाब हटाओ), व्यवस्थित करो, माध्य, माध्यिका, परास और पैटर्न से विश्लेषण करो, सही चार्ट बनाओ और सावधानी से निष्कर्ष निकालो। बाहरी मान, छोटे नमूने और पक्षपात पर नज़र रखो, और याद रखो कि दो चीज़ों का साथ बढ़ना (सहसंबंध) यह साबित नहीं करता कि एक दूसरे का कारण है। डेटा को सुरक्षित रखना और अनुमति से इस्तेमाल करना भी ज़रूरी है।
- डेटाबेस संकल्पनाएँ: DBMS, रिलेशन और की – अलग-अलग फ़ाइलों में डेटा रखने से दोहराव, असंगति और कमज़ोर सुरक्षा होती है। डेटाबेस संबंधित डेटा को एक व्यवस्थित जगह रखता है, और DBMS (जैसे MySQL) उसे सँभालने वाला सॉफ़्टवेयर है। रिलेशनल मॉडल में डेटा तालिकाओं (रिलेशन) में रहता है, जिनमें स्तंभ (एट्रिब्यूट) और पंक्तियाँ (टपल) होती हैं; डोमेन किसी स्तंभ के अनुमत मानों का समूह है। कैंडिडेट की हर पंक्ति को अलग पहचानती है; उनमें से एक प्राइमरी की चुनी जाती है और बाकी ऑल्टरनेट की होती हैं।
3. Abstraction and algorithms
Analysing complex problems · Modelling problems · Decomposing hard problems · Control structures in algorithms · Algorithm performance
- समस्या समाधान का परिचय – कंप्यूटर से समस्या हल करने के चरण: समस्या का विश्लेषण (इनपुट, आउटपुट, नियम), एल्गोरिद्म बनाना (सीमित, स्पष्ट, क्रमबद्ध चरण), प्रोग्रामिंग भाषा में कोड करना, अलग-अलग इनपुट से जाँचना (टेस्ट), और डीबग (गलतियाँ ढूँढकर हटाना)। एल्गोरिद्म को फ़्लोचार्ट (अंडाकार = शुरू/रुको, समांतर चतुर्भुज = इनपुट/आउटपुट, आयत = प्रक्रिया, हीरा = निर्णय, तीर = दिशा) या स्यूडोकोड (सरल संरचित भाषा) में दिखाते हैं। विघटन बड़ी समस्या को छोटी उप-समस्याओं में तोड़ता है।
- एल्गोरिदम कॉम्प्लेक्सिटी: एल्गोरिदम कितनी तेज़ी से बढ़ता है? – एक ही सवाल को कई एल्गोरिदम हल कर सकते हैं, पर कुछ बहुत ज़्यादा कदम लेते हैं। हम घड़ी के सेकंड नहीं, बल्कि इनपुट के आकार n के साथ बढ़ते कदम गिनते हैं। बिग O इस बढ़त का नाम है: O(1) स्थिर, O(log n), O(n) रैखिक, O(n log n) और O(n²)। लीनियर सर्च O(n), बाइनरी सर्च O(log n); बबल सॉर्ट O(n²), मर्ज सॉर्ट O(n log n)। मेमोरी की बढ़त = स्पेस कॉम्प्लेक्सिटी।
4. Programming
Text-based languages · Variables and data types · Operators · Standard and file I/O · Control structures · Nested control · Arrays · Functions · Programs for other subjects · Collaborative projects
- प्रोग्रामिंग की मूल बातें: अनुक्रम, चयन, लूप और फ़ंक्शन – प्रोग्राम सटीक निर्देशों का समूह है जिसे कंप्यूटर मानता है। हर प्रोग्राम तीन संरचनाओं से बनता है: अनुक्रम (क्रम से कदम), चयन (if/else से चुनाव) और पुनरावृत्ति (लूप)। चर मान संभालकर रखते हैं। फ़ंक्शन कोड को नाम वाले, दोबारा इस्तेमाल होने वाले खंडों में बाँटते हैं, जिससे प्रोग्राम मॉड्यूलर बनता है और उसे जाँचना, सुधारना और सँभालना आसान होता है।
- पायथन की मूल बातें: मोड, वेरिएबल, डेटा प्रकार और ऑपरेटर – पायथन इंटरैक्टिव मोड (एक-एक पंक्ति) या स्क्रिप्ट मोड (सहेजी गई .py फ़ाइल) में चलता है। ब्लॉक इंडेंटेशन से पहचाने जाते हैं। वेरिएबल मान से बँधे नाम हैं; हर मान का एक डेटा प्रकार होता है, और कुछ प्रकार परिवर्तनशील हैं। ऑपरेटर व्यंजक बनाते हैं जिन्हें पायथन प्राथमिकता के क्रम से हल करता है। input() टेक्स्ट पढ़ता है, int()/float()/str() प्रकार बदलते हैं, और डिबगिंग से सिंटैक्स, रनटाइम और तार्किक त्रुटियाँ ठीक होती हैं।
- पायथन में फ़ाइल प्रबंधन: ऐसा डेटा सहेजें जो टिके – प्रोग्राम ख़त्म होते ही वेरिएबल मिट जाते हैं; फ़ाइलें डेटा डिस्क पर रखती हैं। टेक्स्ट फ़ाइल पंक्तियों में अक्षर रखती है, बाइनरी फ़ाइल कच्चे बाइट (जैसे pickle किए पायथन ऑब्जेक्ट), और CSV फ़ाइल अल्पविराम से अलग तालिका की पंक्तियाँ। फ़ाइल open(path, mode) से खुलती है; पाथ absolute या relative, मोड r, w, a, r+, rb, wb आदि। with फ़ाइल को अपने-आप बंद करता है। टेक्स्ट फ़ाइल में write, writelines, read, readline, readlines। seek फ़ाइल पॉइंटर खिसकाता है, tell उसकी जगह बताता है। pickle.dump और pickle.load से ऑब्जेक्ट सहेजते-पढ़ते हैं, जिससे रिकॉर्ड खोजना, जोड़ना और बदलना होता है। csv मॉड्यूल का writer (writerow, writerows) और reader CSV सँभालते हैं।
- Python में नियंत्रण प्रवाह – नियंत्रण प्रवाह वह क्रम है जिसमें कथन चलते हैं। Python में तीन प्रकार: क्रमिक (ऊपर से नीचे), चयन (if, if-else, if-elif-else) और पुनरावृत्ति (for और while लूप)। ब्लॉक इंडेंटेशन से बनते हैं (कोलन के बाद आमतौर पर 4 स्पेस)। range(start, stop, step) start से stop तक, पर stop शामिल नहीं। while तब तक दोहराता है जब तक शर्त सत्य है। break लूप तुरंत छोड़ता है; continue अगली बारी पर जाता है। लूप के अंदर लूप नेस्टेड लूप है, जो पैटर्न में काम आता है; जोड़ने वाले चर (accumulator) से श्रेणी का योग निकलता है।
- पायथन में नियंत्रण कथन: if-else, while और for – सामान्यतः पायथन पंक्तियाँ एक के बाद एक चलाता है (क्रम)। नियंत्रण कथन यह बहाव बदलते हैं। if-else दो में से एक रास्ता चुनता है; if-elif-else कई में से पहली सच्ची शर्त चुनता है। while शर्त सच रहने तक ब्लॉक दोहराता है; for किसी क्रम, जैसे range(start, stop, step), के हर आइटम के लिए एक बार चलता है।
- पायथन में list: बनाना, ट्रैवर्स, बदलना और list मेथड – list वर्ग कोष्ठक में लिखा क्रमबद्ध, बदलने योग्य संग्रह है, जैसे [10, 20, 30]। आइटम इंडेक्स (0 से, या अंत से ऋणात्मक) और स्लाइस से मिलते हैं। for लूप से list ट्रैवर्स करते हैं, list परिवर्तनशील है इसलिए आइटम वहीं बदलते हैं, और फ़ंक्शन (len, max, min, sum, sorted, list) व मेथड (append, insert, extend, remove, pop, sort, reverse, count, index, clear) से काम करते हैं।
- पायथन में फ़ंक्शन: अपनी मशीनें ख़ुद बनाइए – फ़ंक्शन एक नाम वाला कोड-खंड है जो एक काम करता है। पायथन में बिल्ट-इन फ़ंक्शन (print, len), मॉड्यूल के फ़ंक्शन (math.sqrt, random.randint) और def से बने यूज़र-डिफ़ाइंड फ़ंक्शन होते हैं। कॉल में भेजे मान आर्ग्युमेंट हैं; उन्हें पकड़ने वाले नाम पैरामीटर हैं। आर्ग्युमेंट स्थान के अनुसार (positional), नाम से (keyword) या डिफ़ॉल्ट मान से आते हैं। return मान वापस भेजता है। पायथन ऊपर से नीचे चलता है, कॉल पर फ़ंक्शन में कूदता है और फिर लौट आता है। फ़ंक्शन के अंदर बने नाम लोकल, बाहर बने ग्लोबल होते हैं।
5. Computing systems
Operating systems · Networks · Choosing hardware · Physical computing
- ऑपरेटिंग सिस्टम – ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) मुख्य सिस्टम सॉफ़्टवेयर है जो उपयोगकर्ता और हार्डवेयर के बीच रहकर सारे संसाधन संभालता है। इसके कार्य: प्रोसेस प्रबंधन (प्रोग्रामों में CPU बाँटना), मेमोरी प्रबंधन (RAM देना और वापस लेना), फ़ाइल प्रबंधन, उपकरण प्रबंधन (ड्राइवरों से) और सुरक्षा (पासवर्ड, अनुमति)। उपयोगकर्ता OS से यूज़र इंटरफ़ेस से बात करता है: कमांड लाइन (CLI), ग्राफ़िकल (GUI), टच, आवाज़ या हावभाव। उदाहरण: Windows, Linux, macOS, Android, iOS।
- नेटवर्क कैसे बढ़े और डेटा कैसे चलता है – कंप्यूटर नेटवर्क जुड़े हुए उपकरणों का समूह है जो डेटा साझा करते हैं। नेटवर्किंग ARPANET (1969) से शुरू हुई, 1980 के दशक में विश्वविद्यालयों के लिए NSFNET बना, और दूसरे नेटवर्कों से जुड़कर इंटरनेट बना — नेटवर्कों का नेटवर्क। हर डेटा संचार के पाँच भाग हैं: प्रेषक, प्राप्तकर्ता, संदेश, संचार माध्यम और प्रोटोकॉल। बैंडविड्थ वह आवृत्ति-सीमा है जो चैनल ले जा सकता है (Hz में); डेटा दर प्रति सेकंड जाने वाले बिट (bps) हैं। नेटवर्क के हर उपकरण का IP एड्रेस होता है। डेटा सर्किट स्विचिंग (पहले पक्का रास्ता बुक) या पैकेट स्विचिंग (डेटा पैकेटों में कटकर अलग-अलग चलता है) से जाता है।
- कंप्यूटर का मूल संगठन – कंप्यूटर प्रणाली में हार्डवेयर (जिसे छू सकें) और सॉफ़्टवेयर (निर्देश) दोनों होते हैं। इनपुट उपकरण डेटा अंदर लाते हैं, CPU (ALU + कंट्रोल यूनिट + रजिस्टर) उस पर काम करता है, और आउटपुट उपकरण परिणाम देते हैं। मेमोरी एक सीढ़ी जैसी है: रजिस्टर और कैश छोटे पर सबसे तेज़, प्राथमिक मेमोरी (RAM, ROM) चलते प्रोग्राम रखती है, और द्वितीयक भंडारण (HDD, SSD, पेन ड्राइव) डेटा हमेशा के लिए रखता है। 8 बिट = 1 बाइट, और KB से आगे हर इकाई पिछली की 1024 गुना है।
- फ़िज़िकल कंप्यूटिंग: कोड से महसूस करना और हिलाना – फ़िज़िकल कंप्यूटिंग कोड को असली दुनिया से जोड़ती है। सेंसर कुछ मापते हैं (रोशनी, तापमान, दूरी, बटन) और उसे संख्या बनाते हैं। माइक्रोकंट्रोलर प्रोग्राम चलाकर तय करता है कि उस संख्या का क्या करना है। एक्चुएटर (LED, बज़र, मोटर, स्क्रीन) दुनिया में कुछ करते हैं। यह इनपुट–प्रोसेस–आउटपुट चक्र लूप में बार-बार चलता है।