South 고등학교 2학년 Art and Media
अध्याय: 2
1. Understanding media
Changes in media over time · Role of media in art · Analogue and digital media · Experimenting with media
- कला का इतिहास: गुफा की दीवारों से आज तक – मनुष्य कम से कम 40,000 साल से कला बना रहा है। प्रागैतिहासिक कला में गुफा की दीवारों पर जानवर और हाथ की छाप हैं। प्राचीन सभ्यताओं ने शासकों, देवताओं और परलोक के लिए कला बनाई। शास्त्रीय परंपराएँ यूनान-रोम, भारत, चीन, अफ़्रीका और अमेरिका में पनपीं। पुनर्जागरण ने परिप्रेक्ष्य और यथार्थ दिया; आधुनिक कला (लगभग 1860 से) ने ये नियम तोड़े; समकालीन कला कोई भी सामग्री अपनाती है। किसी कलाकृति को समझने के लिए वर्णन, विश्लेषण, संदर्भ में व्याख्या और कारण सहित निर्णय करें।
- दृश्य साक्षरता: चित्रों को चरण-दर-चरण पढ़ना – दृश्य साक्षरता का मतलब है चित्रों को उतने ही ध्यान से पढ़ना जितना शब्दों को। चार चरण: देखो, वर्णन करो, विश्लेषण करो, अर्थ निकालो। जो दिखता है उसका वर्णन करो (लोग, चीज़ें, तीन परतें: अग्रभूमि, मध्य भूमि, पृष्ठभूमि)। औपचारिक तत्वों का विश्लेषण करो: रंग, रोशनी, रेखा, आकार, फ़्रेम और रचना (तिहाई का नियम, मार्गदर्शक रेखाएँ, देखने का कोण)। फिर अर्थ निकालो: क्या भाव या संदेश है, किसने किसके लिए बनाया? याद रखो, फ़्रेम कुछ चीज़ें छिपा देता है, और पास लिखे शब्द चित्र का अर्थ बदल देते हैं।
- डिजिटल कला और मीडिया कला – एनालॉग कला भौतिक सामग्री से बनती है; डिजिटल कला संख्याओं के रूप में बनती और रखी जाती है। रास्टर चित्र पिक्सेल का ग्रिड है (रिज़ॉल्यूशन = पिक्सेल की संख्या); वेक्टर चित्र बिंदु और वक्र रखता है और हर आकार में साफ़ रहता है। डिजिटल औज़ार परतें, अनडू, ख़ास ब्रश और पेन टैबलेट देते हैं। कलाकार अक्सर दोनों मिलाते हैं: बनाओ, स्कैन करो, सुधारो, छापो, फिर रंगो। मीडिया कला स्क्रीन, प्रकाश, ध्वनि, कोड और दर्शक की भागीदारी को सामग्री बनाती है: वीडियो कला, प्रोजेक्शन मैपिंग, इंटरैक्टिव इंस्टॉलेशन, जनरेटिव कला, वेब और गेम कला। हर माध्यम की ख़ूबियाँ बदल देती हैं कि कृति कैसे बनती, दिखती और महसूस होती है।
- कला शिक्षा: कला के रूप, सृजन और कला प्रोजेक्ट – स्कूल की कला शिक्षा में कई क्षेत्र हैं: दृश्य कला, संगीत, नृत्य, रंगमंच, सिनेमा और दृश्य-श्रव्य कला, सर्कस कला और कला इतिहास। हर क्षेत्र में तीन काम होते हैं: अभ्यास और सृजन (बनाना), पेशेवर कलाकारों की कला देखना-सुनना (मिलना), और उस पर सोचना-बोलना (चिंतन)। कला प्रोजेक्ट एक चक्र है: विचार, खोज, प्रयोग, निर्माण, प्रस्तुति और चिंतन, और हर चरण पोर्टफोलियो में दर्ज होता है। कला के रूप अक्सर मिलते हैं: संगीत के साथ नृत्य, फ़िल्म के साथ रंगमंच। संग्रहालय, संगीत-सभा या नाटक देखना और कलाकारों से बात करना आपकी समझ और रुचि बनाता है।
2. Using media
Combining analogue and digital · Media in other fields · Detail and conservation · Media effects in exhibitions
- डिजिटल कला और मीडिया कला – एनालॉग कला भौतिक सामग्री से बनती है; डिजिटल कला संख्याओं के रूप में बनती और रखी जाती है। रास्टर चित्र पिक्सेल का ग्रिड है (रिज़ॉल्यूशन = पिक्सेल की संख्या); वेक्टर चित्र बिंदु और वक्र रखता है और हर आकार में साफ़ रहता है। डिजिटल औज़ार परतें, अनडू, ख़ास ब्रश और पेन टैबलेट देते हैं। कलाकार अक्सर दोनों मिलाते हैं: बनाओ, स्कैन करो, सुधारो, छापो, फिर रंगो। मीडिया कला स्क्रीन, प्रकाश, ध्वनि, कोड और दर्शक की भागीदारी को सामग्री बनाती है: वीडियो कला, प्रोजेक्शन मैपिंग, इंटरैक्टिव इंस्टॉलेशन, जनरेटिव कला, वेब और गेम कला। हर माध्यम की ख़ूबियाँ बदल देती हैं कि कृति कैसे बनती, दिखती और महसूस होती है।
- डिज़ाइन (Design) क्या है? क्षेत्र, रूप-कार्य और सबके लिए डिज़ाइन – डिज़ाइन यानी किसी चीज़ की सोच-समझकर योजना बनाना ताकि वह लोगों का कोई काम करे। इसके कई क्षेत्र हैं: उत्पाद, ग्राफ़िक, फ़ैशन-वस्त्र, इंटीरियर, लैंडस्केप, वास्तुकला और डिजिटल (UX)। अच्छा डिज़ाइन रूप (आकार, रंग, सामग्री) और कार्य को जोड़ता है: "रूप कार्य के पीछे चलता है"। डिज़ाइनर तत्वों और सिद्धांतों का उपयोग करते हैं, वस्तु को शरीर के अनुसार बनाते हैं (एर्गोनॉमिक्स), सबके लिए (समावेशी) और धरती के लिए कम नुकसानदेह (टिकाऊ) चीज़ें बनाते हैं।
- कला संरक्षण: कलाकृतियों की देखभाल – कला संरक्षण का अर्थ है कलाकृतियों को इस तरह बचाना कि वे लंबे समय तक रहें। ज़्यादातर नुकसान प्रकाश, ग़लत नमी और तापमान, धूल और प्रदूषण, कीड़ों और लापरवाही से छूने से होता है। निवारक संरक्षण इन ख़तरों को नुकसान से पहले रोकता है। अगर कृति पहले से ख़राब है, तो संरक्षक सब दर्ज करता है, फिर साफ़ करता है, मज़बूत करता है और ऐसी सामग्री से सुधारता है जो बाद में हटाई जा सके, कम से कम बदलाव के साथ।
- कला प्रदर्शनी: योजना, सजावट और कला को देखना – प्रदर्शनी कलाकृतियों का योजना से किया गया सार्वजनिक प्रदर्शन है, जहाँ कृतियाँ, दर्शक और स्थान मिलते हैं। स्थान हो सकते हैं: संग्रहालय, कला-दीर्घा, सार्वजनिक जगह, ऑनलाइन। योजना में विषय और दर्शक चुनना, कृतियाँ छाँटना, फिर उन्हें सजाना, रोशनी देना और परिचय-पर्ची लगाना शामिल है। दर्शक वर्णन, विश्लेषण, व्याख्या और मूल्यांकन करते हैं।