Japan 高校3年 Fine Arts III
अध्याय: 3
1. Expression
Painting and sculpture · Design · Visual media (photo, video, digital)
- ललित कला: मुख्य क्षेत्र और कलाकार उनमें कैसे काम करते हैं – ललित कला (fine art) वह कला है जो मुख्य रूप से विचार, भावना और देखने का नया तरीका दिखाने के लिए बनती है, कोई व्यावहारिक काम करने के लिए नहीं। इसके मुख्य क्षेत्र हैं: ड्रॉइंग, पेंटिंग, मूर्तिकला, सिरेमिक, छापा कला, लेंस और प्रकाश आधारित माध्यम (फ़ोटोग्राफ़ी और चलचित्र), इंस्टॉलेशन, भू-कला और मिश्रित माध्यम (कोलाज और असेंबलाज)। हर क्षेत्र में कलाकार खोज करता है, सामग्री से प्रयोग करता है, विचार विकसित करता है, स्केचबुक में दर्ज करता है और अंतिम कृति प्रस्तुत करता है।
- डिज़ाइन (Design) क्या है? क्षेत्र, रूप-कार्य और सबके लिए डिज़ाइन – डिज़ाइन यानी किसी चीज़ की सोच-समझकर योजना बनाना ताकि वह लोगों का कोई काम करे। इसके कई क्षेत्र हैं: उत्पाद, ग्राफ़िक, फ़ैशन-वस्त्र, इंटीरियर, लैंडस्केप, वास्तुकला और डिजिटल (UX)। अच्छा डिज़ाइन रूप (आकार, रंग, सामग्री) और कार्य को जोड़ता है: "रूप कार्य के पीछे चलता है"। डिज़ाइनर तत्वों और सिद्धांतों का उपयोग करते हैं, वस्तु को शरीर के अनुसार बनाते हैं (एर्गोनॉमिक्स), सबके लिए (समावेशी) और धरती के लिए कम नुकसानदेह (टिकाऊ) चीज़ें बनाते हैं।
- दृश्य माध्यम: फ़ोटो, वीडियो और डिजिटल चित्र – दृश्य माध्यम (visual media) वे तरीक़े हैं जिनसे हम आँख से देखे जाने वाले चित्र बनाते और दिखाते हैं: फ़ोटोग्राफ़ी (रोशनी से बना ठहरा चित्र), वीडियो और एनिमेशन (बहुत से फ़्रेम तेज़ी से दिखाने पर चलती-सी तस्वीर) और डिजिटल माध्यम (कंप्यूटर पर पिक्सल से बने चित्र)। सब में आप चुनते हैं कि क्या दिखाना है, कैसे फ़्रेम करना है और रोशनी व रंग कैसे रखने हैं।
2. Appreciation
Artworks · Role of art and art culture
- कला और समाज: कला हमारी दुनिया को कैसे गढ़ती है – कला सिर्फ़ दीवार पर टाँगने की चीज़ नहीं है। यह भावनाओं की भाषा है, जिससे लोग वह कहते हैं जो शब्दों में नहीं कहा जाता। कला निजी हो सकती है, यानी एक व्यक्ति का नज़रिया, या सामूहिक, यानी समूह द्वारा और समूह के लिए, जो भित्तिचित्रों, लोक कला, गीतों और त्योहारों के ज़रिए समुदाय की याद और पहचान लेकर चलती है। कला समस्याओं की ओर इशारा करके बदलाव ला सकती है, इसीलिए उस पर अक्सर रोक (सेंसरशिप) लगी है; अभिव्यक्ति की आज़ादी और उसकी सीमाओं पर आज भी बहस होती है। कला यह भी दिखाती है कि ताकत किसके पास है: कला कौन बनाता है, किसे दिखाया जाता है, और रूढ़ छवियाँ दोहराई जाती हैं या तोड़ी जाती हैं। आखिर में, कला हर क्षेत्र से जुड़ी है: विज्ञान, तकनीक, संगीत, नृत्य और शहर नियोजन तक। किसी कृति को समझने के लिए पूछो: किसने बनाई, किसके लिए, क्यों, और उसने क्या बदला?
3. Common items
Form, colour and their effects · Overall image and style
- कला के तत्व और डिज़ाइन के सिद्धांत – कला के तत्व वे ईंटें हैं जिनसे हर कलाकृति बनती है: रेखा, आकार, रूप, रंग, मान (हल्का-गहरा), बनावट और स्थान; कई शिक्षक बिंदु को भी जोड़ते हैं। डिज़ाइन के सिद्धांत बताते हैं कि इन ईंटों को कैसे जमाएँ: संतुलन, विरोधाभास (कंट्रास्ट), बल (एम्फ़ेसिस), गति, लय और पैटर्न, अनुपात और पैमाना, एकता और विविधता।
- कला में पूरा प्रभाव (Overall Image) और शैली – पूरा प्रभाव (overall image) वह एहसास और सामान्य छाप है जो पूरी कलाकृति को एक साथ देखने पर पहले मिलती है। शैली (style) वह तरीक़ा है जिसमें कोई कलाकार, कोई समूह या कोई दौर रंग, आकार, रेखा, बारीकी और विषय के बारे में बार-बार एक जैसे चुनाव करता है। दोहराए गए चुनाव पहचान लीजिए, तो आप शैली और मूड दोनों का नाम बता सकते हैं।