Germany Jahrgangsstufe 13 Music
अध्याय: 2
1. Western instrumental music history
Western instrumental music history
- संगीत का इतिहास: चैंट से पॉप तक – संगीत लेखन से भी पुराना है। हर संस्कृति ने अपना संगीत बनाया, अक्सर सुनकर सीखा गया, जैसे भारतीय राग, अफ़्रीकी ढोल और गमेलन। पाश्चात्य परंपरा के मुख्य युग हैं: मध्यकाल (चैंट, लगभग 500–1400), पुनर्जागरण (पॉलीफ़ोनी, 1400–1600), बारोक (1600–1750), क्लासिकल (1750–1820), रोमांटिक (1820–1910) और 20वीं सदी से आज (जैज़, रिकॉर्डिंग, फ़िल्म, पॉप, इलेक्ट्रॉनिक)। हर युग ने टेक्सचर (एक साथ कितनी रेखाएँ), समूह का आकार और समाज में संगीत की जगह बदली।
2. Selected music since 1900
Music since 1900
- 20वीं सदी का संगीत – 20वीं सदी में संगीतकारों ने कई पुराने नियम तोड़े। प्रभाववादी (डेबुसी, रवेल) धुंधली पूर्ण-स्वर और मोडल ध्वनियाँ लाए। अभिव्यंजनावादी (शोनबर्ग, बर्ग, वेबर्न) ने 'घर का सुर' (key) छोड़ा (अतानता) और फिर 12 सुरों की कतार से संगीत बनाया (सीरियलिज़्म)। नव-शास्त्रीय संगीतकार (स्ट्राविंस्की, प्रोकोफ़िएव, पूलेंक) पुराने साफ़ रूपों पर लौटे पर नई तीखी हार्मनी के साथ। बार्तोक और कोडाई ने लोक धुनें और असमान लय अपनाईं। फिर इलेक्ट्रॉनिक और संयोग (chance) संगीत आया, उसके बाद न्यूनतमवाद (रायली, राइख, ग्लास) और शैलियों को मिलाने वाला उत्तर-आधुनिकतावाद। कॉपलैंड, ब्रिटन, शोस्ताकोविच और मेसियाँ ने अपनी अलग आवाज़ें बनाईं।