Germany Jahrgangsstufe 11 Social-Practical Education (WSG-S track)
अध्याय: 5
1. Handling digitalisation responsibly
Responsible use of digital technology
- डिजिटल पदचिह्न और नेट शिष्टाचार – डिजिटल पदचिह्न वह डेटा का निशान है जो हम ऑनलाइन छोड़ते हैं। सक्रिय पदचिह्न जान-बूझकर साझा होते हैं (पोस्ट, कमेंट, फ़ॉर्म); निष्क्रिय पदचिह्न हमारी जानकारी के बिना इकट्ठे होते हैं (कुकीज़, ब्राउज़िंग हिस्ट्री, लोकेशन, IP पता)। ये मिटाना कठिन है और बाद में दूसरे देख सकते हैं। हम डिजिटल समाज में रहते हैं जहाँ पढ़ाई, बैंकिंग, ख़रीदारी और सरकारी सेवाएँ ऑनलाइन हैं; इसका ज़िम्मेदार उपयोगकर्ता डिजिटल नागरिक (नेटिज़न) है। नेट शिष्टाचार: नैतिक (कॉपीराइट मानें, भरोसेमंद जानकारी), सम्मानजनक (निजता, विविधता, बुलिंग नहीं) और ज़िम्मेदार (ज़्यादा निजी बातें नहीं, ट्रोल को जवाब नहीं)। संचार शिष्टाचार: सटीक, विनम्र, विश्वसनीय; सोशल मीडिया शिष्टाचार: सोच-समझकर पासवर्ड और प्राइवेसी, अपलोड से पहले सोचें, साझा करने से पहले जाँचें।
2. Forecasting and researching the future
Futures research and sustainability
- पर्यावरण और धारणीय विकास – पर्यावरण हमें संसाधन देता है, हमारा कचरा सोखता है, जीवन चलाता है और सुंदरता देता है। जब हम संसाधन प्रकृति के नवीकरण से तेज़ लेते हैं, या कचरा उसकी सोखने की क्षमता से ज़्यादा फेंकते हैं, तो धारण क्षमता पार होती है और पर्यावरण संकट आता है। भारत में भूमि अपक्षय, वायु-जल प्रदूषण, वन और जैव-विविधता की हानि है। जीवाश्म ईंधन जलाने से गर्मी फँसती है और वैश्विक उष्णता होती है; CFC ओज़ोन परत पतली करते हैं। धारणीय विकास आज की ज़रूरतें पूरी करता है बिना भावी पीढ़ियों की क्षमता घटाए।
3. Old age and care as shared responsibility
Ageing and elderly care
- जनांकिकीय परिवर्तन: जन्म, मृत्यु, प्रवास और वृद्धावस्था – जनांकिकी (demography) जनसंख्या का अध्ययन है। जनसंख्या जन्म, मृत्यु और प्रवास से बदलती है: परिवर्तन = (जन्म − मृत्यु) + (आप्रवासी − उत्प्रवासी)। दरें प्रति 1,000 लोग प्रति वर्ष दी जाती हैं। ज़्यादातर देश जनांकिकीय संक्रमण से गुज़रते हैं: पहले मृत्यु दर गिरती है, फिर जन्म दर, इसलिए बीच में वृद्धि तेज़ और अंत में धीमी होती है। जनसंख्या पिरामिड आयु और लिंग संरचना दिखाता है: चौड़ा आधार = युवा जनसंख्या, संकरा आधार और चौड़ा शिखर = वृद्ध होती जनसंख्या। वृद्धावस्था कम जन्म और लंबी उम्र से आती है। इससे वृद्ध निर्भरता अनुपात बढ़ता है और बुज़ुर्गों की देखभाल परिवार, समुदाय, नियोक्ता और राज्य (पेंशन, स्वास्थ्य सेवा, सुगम शहर) की साझा ज़िम्मेदारी बनती है। धक्का और खिंचाव कारकों से होने वाला प्रवास ज़्यादातर युवाओं को ले जाता है और दोनों जगहों की आयु संरचना बदलता है।
4. Health promotion as a social task
Health promotion as social policy
- जन स्वास्थ्य – जन स्वास्थ्य पूरे समुदाय को स्वस्थ रखने का काम है: रोग रोकना, स्वस्थ जीवन को बढ़ावा देना और सबको इलाज पहुँचाना। संक्रामक रोग हवा, पानी, भोजन, स्पर्श और कीड़ों से फैलते हैं; स्वच्छता, साफ़ पानी, शौचालय और टीकाकरण यह कड़ी तोड़ते हैं। जब काफ़ी लोग प्रतिरक्षित हों, सामूहिक प्रतिरक्षा बाकी लोगों को बचाती है। स्वास्थ्य तंत्र स्तरों (प्राथमिक, द्वितीयक, तृतीयक) में काम करता है और निगरानी के आँकड़ों से महामारी को जल्दी पहचानता है।
5. Town and village development as social task
Town and village development
- नगर नियोजन और नगरीय जीवन की गुणवत्ता – नगर नियोजन का अर्थ है पहले से तय करना कि शहर की ज़मीन कैसे इस्तेमाल होगी: सड़कें, घर, काम, पार्क और सेवाएँ कहाँ होंगी और शहर कैसे बढ़ेगा। योजना के बिना शहर खेतों पर फैलता है, जाम बढ़ता है और झुग्गियों में पानी व नाली नहीं होती। नियोजक भूमि-उपयोग क्षेत्रीकरण, सार्वजनिक परिवहन, सही घनत्व और हरियाली से जीवन की गुणवत्ता बढ़ाते हैं, जिसे आवास, रोज़गार, साफ़ हवा, सेवाएँ, परिवहन और सुरक्षा से मापा जाता है। नए विचार हैं: रहने योग्य शहर, 15-मिनट पड़ोस, स्मार्ट शहर और शहर की ब्रांडिंग। गाँव और छोटे नगर भी मिलकर नियोजित किए जाते हैं।