France Troisième Visual Arts
अध्याय: 2
1. Key questions
Representation: images, reality and fiction · The materiality of the artwork · Artwork, space, artist and viewer
- कला और चित्रों में दृश्य निरूपण – निरूपण का मतलब है ऐसा चित्र बनाना जो किसी चीज़ का प्रतिनिधित्व करे। चित्र में सिर्फ़ दो आयाम होते हैं, इसलिए कलाकार गहराई के संकेतों (आकार, ऊँचाई, ओवरलैप, प्रकाश, परिप्रेक्ष्य) से स्थान का एहसास कराते हैं। क्रम से रखे फ़्रेम गति और समय दिखाते हैं। कलाकृति को असलियत की नक़ल होना ज़रूरी नहीं: वह यथार्थवादी, सरल या अमूर्त हो सकती है। एक ही चित्र दस्तावेज़, कलाकृति या विज्ञापन का काम कर सकता है, और उसका अर्थ फ़्रेम, शब्दों और दिखाई जाने की जगह पर निर्भर है। कृति बनाने में शोध, औज़ार, निर्माण और साझा करना शामिल हैं।
- कला सामग्री और तकनीकें: सही माध्यम कैसे चुनें – कलाकार वह सामग्री (माध्यम) चुनते हैं जिससे मनचाहा असर मिले। हर रंग (पेंट) में पिगमेंट यानी रंगीन चूर्ण और बाइंडर यानी चिपकाने वाला द्रव होता है: तैल रंग में अलसी का तेल, जल रंग में गोंद (गम अरेबिक), एक्रेलिक में एक्रेलिक राल, टेम्परा में अंडा। सूखे माध्यम हैं ग्रेफ़ाइट पेंसिल (H = सख़्त और हल्की, B = नरम और गहरी), चारकोल, पेस्टल और रंगीन पेंसिल। गीले माध्यम हैं स्याही, जल रंग, गुआश, एक्रेलिक और तैल रंग। पारदर्शी माध्यम में नीचे की परत दिखती है, अपारदर्शी उसे ढक देता है। सपोर्ट वह सतह है जिस पर काम होता है: कागज़, कैनवास, लकड़ी, दीवार। त्रि-आयामी काम में मिट्टी से गढ़ना, तराशना, जोड़ना और ढलाई आते हैं; छापा कला में एक ब्लॉक या स्क्रीन से कई प्रतियाँ बनती हैं। डिजिटल माध्यम में टैबलेट, फ़ोटो और वीडियो हैं। अच्छे कलाकार सामग्री को परखते हैं, प्रयोग से काम निखारते हैं और उसे सुरक्षित व टिकाऊ ढंग से इस्तेमाल करते हैं।
- इंस्टॉलेशन कला: कृति, जगह और दर्शक – इंस्टॉलेशन कला में पूरा कमरा कृति का हिस्सा होता है। कलाकार के शरीर और हाव-भाव निशान छोड़ सकते हैं या खुद कृति बन सकते हैं। कृति असली जगह घेरती है, इसलिए दर्शक उसके चारों ओर घूम सकता है। उसका आकार, दर्शक का रास्ता, रोशनी और प्रदर्शन की जगह हमारी अनुभूति बदल देते हैं। डिजिटल स्क्रीन और रोशनी भी भौतिक वस्तुओं के साथ जुड़ सकती हैं।
2. Skills
Experiment and create · Carry out an art project · Art history references
- कला शिक्षा: कला के रूप, सृजन और कला प्रोजेक्ट – स्कूल की कला शिक्षा में कई क्षेत्र हैं: दृश्य कला, संगीत, नृत्य, रंगमंच, सिनेमा और दृश्य-श्रव्य कला, सर्कस कला और कला इतिहास। हर क्षेत्र में तीन काम होते हैं: अभ्यास और सृजन (बनाना), पेशेवर कलाकारों की कला देखना-सुनना (मिलना), और उस पर सोचना-बोलना (चिंतन)। कला प्रोजेक्ट एक चक्र है: विचार, खोज, प्रयोग, निर्माण, प्रस्तुति और चिंतन, और हर चरण पोर्टफोलियो में दर्ज होता है। कला के रूप अक्सर मिलते हैं: संगीत के साथ नृत्य, फ़िल्म के साथ रंगमंच। संग्रहालय, संगीत-सभा या नाटक देखना और कलाकारों से बात करना आपकी समझ और रुचि बनाता है।
- कला का इतिहास: गुफा की दीवारों से आज तक – मनुष्य कम से कम 40,000 साल से कला बना रहा है। प्रागैतिहासिक कला में गुफा की दीवारों पर जानवर और हाथ की छाप हैं। प्राचीन सभ्यताओं ने शासकों, देवताओं और परलोक के लिए कला बनाई। शास्त्रीय परंपराएँ यूनान-रोम, भारत, चीन, अफ़्रीका और अमेरिका में पनपीं। पुनर्जागरण ने परिप्रेक्ष्य और यथार्थ दिया; आधुनिक कला (लगभग 1860 से) ने ये नियम तोड़े; समकालीन कला कोई भी सामग्री अपनाती है। किसी कलाकृति को समझने के लिए वर्णन, विश्लेषण, संदर्भ में व्याख्या और कारण सहित निर्णय करें।