France Première Engineering Science
अध्याय: 1
1. Competences and content
Innovate: design project, creativity · Analyse products, power and information chains · Model and solve: statics, electricity · Experiment and simulate · Communicate technical information · Programming embedded systems
- डिज़ाइन प्रक्रिया: समस्या से उत्पाद तक – डिज़ाइन प्रक्रिया कदमों का एक चक्र है जिससे डिज़ाइनर असली लोगों की असली समस्या हल करते हैं: ज़रूरत की खोजबीन, उसे ब्रीफ़ और नापने लायक विनिर्देश में लिखना, कई विचार बनाना, प्रोटोटाइप बनाना, और विनिर्देश पर परीक्षण व मूल्यांकन। जो फ़ेल हो, वह आपको चक्र में वापस भेजता है। इस दोहराव को पुनरावृत्ति (iteration) कहते हैं, और लगभग हर उत्पाद, ऐप, इमारत और कलाकृति ऐसे ही बेहतर बनती है।
- सिस्टम इंजीनियरिंग – सिस्टम इंजीनियरिंग किसी उत्पाद को एक पूरे सिस्टम की तरह डिज़ाइन करती है। यह उपयोगकर्ता की ज़रूरत से शुरू होती है, उसे मापने लायक शर्तों में बदलती है, पदार्थ, ऊर्जा और सूचना के प्रवाह को देखती है, और V-चक्र में ऊपर चढ़ते हुए जाँचती है: सत्यापन (सही बना?) और मान्यता (सही चीज़ बनी?)।
- बल-आघूर्ण, कोणीय संवेग और दृढ़ पिंडों का संतुलन – बल-आघूर्ण (torque) बल का घुमाने वाला असर है: τ = r × F, परिमाण rF sinθ, मात्रक N m। कोणीय संवेग संवेग का घूमने वाला रूप है: L = r × p; स्थिर अक्ष पर घूमते पिंड के लिए L = Iω। बल-आघूर्ण कोणीय संवेग बदलता है: τ = dL/dt। बाहरी बल-आघूर्ण शून्य हो तो L नहीं बदलता, इसलिए द्रव्यमान अंदर खींचने पर पिंड तेज़ घूमता है। दृढ़ पिंड संतुलन में तब है जब कुल बल शून्य (खिसकना नहीं) और किसी भी बिंदु के परितः कुल बल-आघूर्ण शून्य (घूमना नहीं) हो।
- इंजीनियरिंग में मॉडलिंग और सिमुलेशन – इंजीनियर कोई चीज़ बनाने से पहले उसके मॉडल पर डिज़ाइन जाँचते हैं। मॉडल भौतिक (स्केल मॉडल, प्रोटोटाइप), गणितीय (समीकरण) या डिजिटल (CAD मॉडल) हो सकता है। हर मॉडल में प्रयास (effort) चर (बल, वोल्टेज, दाब) और प्रवाह (flow) चर (चाल, धारा, प्रवाह दर) होते हैं; प्रयास × प्रवाह = शक्ति। सिमुलेशन सॉफ़्टवेयर पुर्ज़े को छोटे फ़ाइनाइट एलिमेंट में काटता है, हर एक के समीकरण लिखता है और सॉल्वर उत्तर निकालता है; चलती प्रणालियाँ छोटे टाइम स्टेप में हल होती हैं। प्रतिबल, मोड़ और सुरक्षा गुणांक जैसे परिणाम रंगीन नक्शों और ग्राफ़ से पढ़े जाते हैं। बारीक मेश या छोटा टाइम स्टेप ज़्यादा सटीक है पर ज़्यादा समय लेता है। अंत में परिणामों को सेंसर वाले असली परीक्षण से, माप की त्रुटि ध्यान में रखकर, मिलाया जाता है।
- तकनीकी ड्राइंग: डिज़ाइन के विचार बताना – तकनीकी ड्राइंग एक साझा चित्र-भाषा है जो किसी वस्तु का सही आकार और माप दिखाती है। डिज़ाइनर हाथ से स्केच से शुरू करते हैं, फिर आइसोमेट्रिक या तिर्यक (ऑब्लीक) दृश्य से वस्तु को 3D में दिखाते हैं, और ऑर्थोग्राफ़िक प्रक्षेप (सामने, ऊपर, बगल के दृश्य) में मानक रेखाएँ, मिलीमीटर में माप और स्केल लगाते हैं ताकि कोई भी उसे बना सके। आज ज़्यादातर ड्राइंग CAD सॉफ़्टवेयर से बनती हैं।
- एम्बेडेड सिस्टम (Embedded Systems) – एम्बेडेड सिस्टम एक छोटा कंप्यूटर है जो किसी बड़ी चीज़ के अंदर एक ही काम के लिए लगा होता है, जैसे वॉशिंग मशीन या ट्रैफ़िक लाइट। यह सेंसर से पढ़ता है (इनपुट), माइक्रोकंट्रोलर पर प्रोग्राम चलाता है (प्रोसेस) और LED, मोटर जैसे एक्चुएटर चलाता है (आउटपुट)। प्रोग्राम लूप में दोहराता है और वेरिएबल, शर्तें व इवेंट इस्तेमाल करता है। स्मार्ट चीज़ें ब्लूटूथ या वाई-फ़ाई जैसे प्रोटोकॉल से डेटा भेजती हैं।