National Year 9 Citizenship
अध्याय: 4
1. Democracy and government
UK political system · Parliament and elections · Liberties of citizens
- संसदीय लोकतंत्र – संसदीय लोकतंत्र में नागरिक संसद के सदस्य (सांसद) चुनते हैं। जिस दल या गठबंधन के पास बहुमत हो, वह सरकार बनाता है; उसका नेता प्रधानमंत्री बनता है और संसद में से मंत्रिमंडल चुनता है। सरकार तभी तक रहती है जब तक उसे संसद का विश्वास हासिल है। राष्ट्र प्रमुख (राजा या राष्ट्रपति) की भूमिका ज़्यादातर औपचारिक होती है, न्यायालय स्वतंत्र होते हैं और सब कानून के शासन के अधीन हैं। यह प्रणाली इंग्लैंड में सदियों में बनी (1215, 1689, मंत्रिमंडल का उदय, सबको वोट) और भारत, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया आदि ने इसे अपनाया।
- भारत में चुनाव – चुनाव से करोड़ों लोग प्रतिनिधि चुनते हैं और शांति से सरकार बदल सकते हैं। लोकसभा और विधानसभाओं के लिए भारत में सर्वाधिक मत से जीत (FPTP) प्रणाली है, और राज्यसभा व राष्ट्रपति के लिए आनुपातिक प्रतिनिधित्व का एक रूप। परिसीमन से निर्वाचन क्षेत्रों की आबादी लगभग बराबर रखी जाती है। स्वतंत्र निर्वाचन आयोग मतदाता सूची बनाता है और चुनाव कराता है। भारत में बहुदलीय व्यवस्था है, गठबंधन सरकारें आम हैं, और दल-बदल विरोधी कानून चुने हुए सदस्यों को पाला बदलने से रोकता है।
- नागरिकों के अधिकार और कर्तव्य – नागरिक किसी देश का पूरा सदस्य होता है। ज़्यादातर संविधान नागरिकों को अधिकार देते हैं: राजनीतिक और व्यक्तिगत अधिकार (वोट, बोलने की आज़ादी, आस्था, निष्पक्ष सुनवाई, निजता) और सामाजिक-आर्थिक अधिकार (शिक्षा, काम, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा)। नागरिकों के कर्तव्य भी हैं: कानून मानना, कर देना, दूसरों के अधिकारों का सम्मान, पर्यावरण की रक्षा और देश की रक्षा। अधिकार और कर्तव्य साथ चलते हैं, और अधिकारों की उचित सीमाएँ होती हैं ताकि एक की आज़ादी दूसरे को नुकसान न पहुँचाए।
2. Law and justice
Rules, laws and the justice system
- क़ानून का शासन (Rule of Law) – क़ानून के शासन (विधि का शासन) का अर्थ है कि सरकार और उसके नेता समेत हर व्यक्ति एक-से, पहले से ज्ञात क़ानून माने, जिन्हें निष्पक्ष और स्वतंत्र अदालतें बराबरी से लागू करें। मुख्य सिद्धांत हैं: क़ानून की सर्वोच्चता, क़ानून के सामने समानता, साफ़ और सार्वजनिक क़ानून, निष्पक्ष सुनवाई, अधिकारों की रक्षा और शक्तियों का पृथक्करण। क़ानून खुली प्रक्रिया से बनते-बदलते हैं, अदालतें उन्हें संविधान या अधिकार-पत्र पर परख सकती हैं, और देश संधियों से अंतरराष्ट्रीय क़ानून मानते हैं।
3. Communities and volunteering
Public institutions and voluntary groups
- नागरिक सहभागिता: नागरिक कैसे भाग लेते हैं – नागरिक सहभागिता यानी अपने समुदाय और देश के जीवन में भाग लेना। यह एक सीढ़ी जैसी है: जानकारी रखें, वोट दें, समूहों से जुड़ें, स्वेच्छा से सेवा करें, फिर आयोजन और अभियान करें। नागरिक चुनाव में प्रतिनिधि चुनते हैं और जनमत संग्रह में एक प्रश्न का सीधा उत्तर देते हैं। वे राजनीतिक दलों (जो सरकार चलाना चाहते हैं), मज़दूर संघों (जो मज़दूरों की रक्षा करते हैं) और संगठनों या NGO (जो साझा उद्देश्य के लिए काम करते हैं) से जुड़ते हैं। चुनावों के बीच वे याचिका पर हस्ताक्षर करते हैं, सेवा करते हैं, स्थानीय झगड़ों में मध्यस्थता करते हैं और तथ्य जाँचकर ऑनलाइन अभियान चलाते हैं। व्हिसलब्लोअर छिपे ग़लत काम उजागर करते हैं, और स्वतंत्र प्रेस व जनमत उसे कार्रवाई में बदलते हैं। कोई सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित करना ये सब कौशल सिखाता है: योजना, टीमवर्क और ज़िम्मेदारी।
4. Financial capability
Money and budgeting
- वित्त प्रबंधन के स्मार्ट तरीके – मुद्रास्फीति से कीमतें बढ़ती हैं, इसलिए उतना ही पैसा कम खरीदता है। बैंक में रखे पैसे पर ब्याज मिलता है: साधारण ब्याज सिर्फ़ मूलधन पर मिलता है, जबकि चक्रवृद्धि ब्याज पहले के ब्याज पर भी मिलता है, इसलिए समय के साथ तेज़ी से बढ़ता है। बजट आय को ज़रूरतों, चाहतों और बचत में बाँटता है। बचत सुरक्षित रखी जाती है; निवेश बढ़ सकता है पर उसमें जोखिम है, और ज़्यादा संभावित लाभ का मतलब ज़्यादा जोखिम। बीमा जोखिम को बहुत लोगों में बाँटता है। एक सीमा से ऊपर की आय पर आयकर लगता है, जिसकी दरें आय के साथ बढ़ती हैं।