National Year 12 Law
अध्याय: 2
1. 3.1 The nature of law and the English legal system
Nature of law · Law making · The legal system
- कानून क्या है? बुनियादी बातें – कानून सामान्य, बाध्यकारी नियमों का समूह है जिसे राज्य बनाता या मान्यता देता है और अदालतें लागू करती हैं। यह नैतिकता से मिलता है पर वही नहीं है। इसके स्रोत हैं संविधान, संधियाँ, अधिनियम, नियम, न्यायिक निर्णय और रीति-रिवाज, जो एक क्रम में सजे हैं। प्राकृतिक व्यक्ति और विधिक व्यक्ति (जैसे कंपनी) अधिकार और कर्तव्य रखते हैं। रोज़मर्रा के कानून में अनुबंध, उपभोक्ता संरक्षण और अदालत तक पहुँच आते हैं।
- कानून के स्रोत: हमारे नियम कहाँ से आते हैं – कानून का स्रोत वह है जहाँ से कोई कानूनी नियम आता है और बल पाता है। आज मुख्य स्रोत हैं: विधान (संसद के अधिनियम, जो विधेयक के तय चरण पार करके बनते हैं), प्रत्यायोजित या अधीनस्थ विधान (मूल अधिनियम की शक्ति से बने नियम और उपनियम), और न्यायिक पूर्व-निर्णय (ऊँची अदालतों के पुराने फ़ैसले जो निचली अदालतों पर बाध्यकारी हैं)। अन्य स्रोत हैं रीति-रिवाज, धार्मिक मानदंड (कुछ क्षेत्रों और देशों में), सामूहिक समझौते जैसे मानक अनुबंध, अंतर्राष्ट्रीय संधियाँ और मार्गदर्शक के रूप में विधि-विद्वानों के लेख। अधिनियम लागू करने के लिए जज व्याख्या के नियम अपनाते हैं। सिविल-लॉ देश मुख्यतः लिखित संहिताओं पर चलते हैं; भारत और ब्रिटेन जैसे कॉमन-लॉ देशों में पूर्व-निर्णय की बड़ी भूमिका है।
- न्याय व्यवस्था: विवाद और अपराध कैसे सुलझाए जाते हैं – न्याय व्यवस्था वे नियम, लोग और अदालतें हैं जिनसे समाज विवादों को निष्पक्ष ढंग से सुलझाता है और अपराधों से निपटता है। बहुत-से विवाद अदालत के बिना बातचीत, मध्यस्थता या पंचाट (ADR) से ख़त्म होते हैं। दीवानी मामले पक्षों के बीच होते हैं और मुआवज़े पर ख़त्म होते हैं; फ़ौजदारी मामले राज्य चलाता है और सज़ा हो सकती है। सुनवाई में दोनों पक्ष सबूत रखते हैं; दीवानी में 'संभावना के संतुलन' पर और फ़ौजदारी में 'संदेह से परे' साबित करना होता है। हारा पक्ष ऊपर की अदालत में अपील कर सकता है। जज स्वतंत्र होने चाहिए। बच्चों के लिए किशोर न्यायालय होते हैं जो सुधार और सुरक्षा पर ध्यान देते हैं।
2. 3.2 Criminal law
Rules and theory of criminal law · Fatal offences against the person · Non-fatal offences against the person · Property offences · Attempts · Defences
- आपराधिक कानून (Criminal Law): अपराध और बचाव – आपराधिक कानून बताता है कि राज्य किन कामों को अपराध मानता है और उनकी सज़ा क्या है। ज़्यादातर अपराधों के दो हिस्से होते हैं: दोषी कार्य (actus reus) और दोषी मन (mens rea)। अपराध व्यक्ति के विरुद्ध (घातक जैसे हत्या; गैर-घातक जैसे हमला) या संपत्ति के विरुद्ध (चोरी, लूट, सेंधमारी, धोखाधड़ी, संपत्ति को नुकसान) हो सकते हैं। अपराध करने की कोशिश (प्रयास) भी अपराध है। आत्मरक्षा, दबाव, पागलपन या आपराधिक ज़िम्मेदारी की उम्र से कम होना जैसे बचाव दोष हटा या घटा सकते हैं। अभियुक्त निर्दोष माना जाता है; अभियोजन को उचित संदेह से परे दोष साबित करना होता है।