CBSE कक्षा 12 शारीरिक गतिविधि प्रशिक्षक
अध्याय: 5
1. भाग क: रोज़गार कौशल
संचार कौशल · स्व-प्रबंधन कौशल · आईसीटी कौशल · उद्यमशीलता कौशल · हरित कौशल
- संचार कौशल: अपनी बात साफ़ और प्यार से कैसे पहुँचाएँ – संचार यानी लोगों के बीच अर्थ बाँटना। प्रेषक (भेजने वाला) विचार को संदेश में बदलता है, उसे माध्यम से भेजता है, और प्राप्तकर्ता उसे समझकर प्रतिपुष्टि (फ़ीडबैक) देता है। शोर, कठिन शब्द, तेज़ भावनाएँ और सांस्कृतिक अंतर जैसी बाधाएँ संदेश को रोक या मोड़ सकती हैं। हम अर्थ शब्दों से (शाब्दिक), चेहरे, आँखों, हाव-भाव, मुद्रा और आवाज़ के लहजे से (अशाब्दिक), और चित्रों से (दृश्य) भेजते हैं। सक्रिय श्रवण — ध्यान, धैर्य, सवाल और अपने शब्दों में दोहराना — साबित करता है कि संदेश पहुँचा। अच्छा वक्ता संदर्भ के हिसाब से बदलता है: औपचारिक या अनौपचारिक, बोलकर या लिखकर, और विनम्र अनुरोध, सलीके से मना करना, सच्ची माफ़ी और दृढ़ (न दब्बू, न आक्रामक) भाषा अपनाता है।
- आत्म-प्रबंधन: अपनी भावनाओं, लक्ष्यों और समय की कमान अपने हाथ में – आत्म-प्रबंधन (self-management) यानी अपनी भावनाओं, विचारों और कामों को ख़ुद दिशा देना ताकि आप अपने लक्ष्य तक पहुँचें। इसकी शुरुआत आत्म-जागरूकता से होती है: आप क्या महसूस कर रहे हैं और कितना तेज़। फिर प्रतिक्रिया से पहले ठहराव (रुको, सोचो, करो) और धीमी साँस जैसे उपाय। विचार भावनाओं को और भावनाएँ कामों को बनाती हैं, इसलिए 'मैं बेकार हूँ' को 'मैं अभी नहीं कर पाता' में बदलने से काम बदल जाता है। अच्छे आत्म-प्रबंधक SMART लक्ष्य बनाते हैं, ज़रूरी-महत्वपूर्ण देखकर समय बाँटते हैं, अच्छी आदतें बनाते हैं और असफलता के बाद फिर खड़े होते हैं (लचीलापन)।
- आईसीटी कौशल: ऑफ़िस टूल, इंटरनेट, ई-मेल और सुरक्षित रहना – ICT का मतलब है सूचना और संचार तकनीक (Information and Communication Technology)। यानी वे सब औज़ार जिनसे हम जानकारी बनाते, रखते और भेजते हैं: कंप्यूटर, फ़ोन, सॉफ़्टवेयर और इंटरनेट। मुख्य कौशल हैं: वर्ड प्रोसेसर में लिखना, स्प्रेडशीट में गिनती, प्रेज़ेंटेशन से बात समझाना, इंटरनेट पर खोजना, ई-मेल भेजना और ऑनलाइन सुरक्षित रहना।
- हरित कौशल: सतत विकास, हरित अर्थव्यवस्था और हरित नौकरियाँ – हरित कौशल वह ज्ञान, आदतें और काम के हुनर हैं जिनसे हम धरती को नुकसान पहुँचाए बिना जी और काम कर सकें। इनकी नींव है सतत विकास: आज की ज़रूरतें पूरी करना और आने वाली पीढ़ी के लिए भी छोड़ना। हरित अर्थव्यवस्था प्रदूषण और कचरा घटाते हुए बढ़ती है, अक्सर घेरे में चलकर: बनाओ, इस्तेमाल करो, मरम्मत करो, रीसायकल करो। इससे सोलर तकनीशियन जैसी हरित नौकरियाँ बनती हैं। हर कोई 5R से हरित कौशल अपना सकता है।
2. शारीरिक शिक्षा और खेल क्षेत्र
खेल क्षेत्र
- शारीरिक शिक्षा: कौशल सीखो, परखो और सुधारो – शारीरिक शिक्षा (PE) अच्छी तरह चलना-फिरना, जीवनभर सक्रिय रहना और अपना प्रदर्शन समझना सिखाती है। हर खेल कौशल के तीन चरण हैं: तैयारी, क्रियान्वयन और अनुसरण। सुधार के लिए कौशल देखो, मॉडल से तुलना करो, ताकत और कमज़ोरी पहचानो, प्रतिक्रिया लो और अभ्यास की योजना बनाओ: योजना → अभ्यास → समीक्षा → प्रतिक्रिया। लोग स्वास्थ्य, फ़िटनेस, मज़े, दोस्ती, प्रतियोगिता और मन की शांति के लिए खेलते हैं। नए खेल, क्लब, सुरक्षा और उपकरण की देखभाल जीवनभर खेलने में मदद करते हैं।
3. विद्यार्थियों का आकलन
फ़िटनेस आकलन
- फिटनेस टेस्ट (Fitness Testing): फिटनेस के हर भाग को कैसे मापें – फिटनेस टेस्ट फिटनेस के एक घटक को मापकर एक संख्या देता है। हर घटक का अपना टेस्ट है: दम के लिए बीप टेस्ट, शक्ति के लिए हैंड ग्रिप, लचीलेपन के लिए सिट एंड रीच, गति के लिए 30 मी दौड़, फुर्ती के लिए इलिनॉय दौड़, विस्फोटक शक्ति के लिए कूद, संतुलन के लिए स्टॉर्क स्टैंड, प्रतिक्रिया के लिए रूलर ड्रॉप और शरीर संरचना के लिए BMI। अच्छा टेस्ट वैध और विश्वसनीय होता है। नतीजों की तुलना मानकों और अपने पिछले स्कोर से की जाती है।
4. आपातकालीन प्रबंधन
आपात स्थितियाँ
- प्राथमिक चिकित्सा: आपात स्थिति में क्या करें – प्राथमिक चिकित्सा वह मदद है जो प्रशिक्षित मदद आने तक घायल या बीमार व्यक्ति को दी जाती है। लक्ष्य: जान बचाना, हालत बिगड़ने से रोकना, ठीक होने में मदद। DRABC अपनाएँ: ख़तरा, प्रतिक्रिया, श्वास मार्ग, साँस, CPR/कॉल। बेहोश पर साँस चल रही → करवट स्थिति। सामान्य साँस नहीं → CPR 30:2, प्रति मिनट 100-120 दबाव, 5-6 सेमी गहरा, और AED। ख़ून → सीधा दबाव। जलना → 20 मिनट बहता पानी। गला अटकना → पीठ थपकी और पेट धक्के। मोच → RICE।
5. खेल क्षेत्र में स्वास्थ्य और स्वच्छता
खेल क्षेत्र स्वच्छता
- खेल क्षेत्र स्वच्छता: खेल सुविधाओं को साफ़ और सुरक्षित रखना – खेल क्षेत्र वह कोई भी जगह है जहाँ लोग खेलते या अभ्यास करते हैं: खेल का मैदान, कोर्ट, जिम या स्विमिंग पूल। वहाँ स्वच्छता का मतलब है जगह को इतना साफ़ रखना कि कीटाणु न फैलें, और सुरक्षा का मतलब है चोट पहुँचाने वाली चीज़ें हटाना। मुख्य काम हैं: कचरा ढके कूड़ेदान में डालकर रोज़ खाली करना; रुका पानी बहाना ताकि मच्छर न पनपें; ज़मीन पर काँच, पत्थर, गड्ढे और ढीले खंभे जाँचना; मैट, गेंद और हैंडल साफ़ और कीटाणुरहित करना; और साफ़ पीने का पानी, साबुन वाले शौचालय, प्राथमिक उपचार किट, छाया और रोशनी देना। खिलाड़ी भी मदद करें: हाथ धोएँ, अपनी बोतल और तौलिया रखें, घाव ढकें।