Ontario Grade 12 TDJ4O Technological Design in the Twenty-first Century (Grade 12, Open)
अध्याय: 4
1. A. Technological Design Fundamentals
A1 Design Process · A2 Research, Planning, and Organization · A3 Representing Design Ideas Graphically · A4 Making and Testing Models and Prototypes · A5 Reporting and Presenting
- डिज़ाइन प्रक्रिया: समस्या से उत्पाद तक – डिज़ाइन प्रक्रिया कदमों का एक चक्र है जिससे डिज़ाइनर असली लोगों की असली समस्या हल करते हैं: ज़रूरत की खोजबीन, उसे ब्रीफ़ और नापने लायक विनिर्देश में लिखना, कई विचार बनाना, प्रोटोटाइप बनाना, और विनिर्देश पर परीक्षण व मूल्यांकन। जो फ़ेल हो, वह आपको चक्र में वापस भेजता है। इस दोहराव को पुनरावृत्ति (iteration) कहते हैं, और लगभग हर उत्पाद, ऐप, इमारत और कलाकृति ऐसे ही बेहतर बनती है।
- विलयन: चीज़ें कैसे घुलती हैं और कितनी घुल सकती हैं – विलयन विलायक में घुले विलेय का समांगी मिश्रण है। पानी में (जलीय विलयन) विलेय इतने छोटे कणों में टूटता है कि दिखता नहीं, नीचे नहीं बैठता और फ़िल्टर पेपर से निकल जाता है। सांद्रता बताती है कितना विलेय है (द्रव्यमान % = विलेय ÷ विलयन × 100)। विलेयता किसी ताप पर 100 g विलायक में घुल सकने वाली अधिकतम मात्रा है; उसके बाद विलयन संतृप्त है। वाष्पीकरण, क्रिस्टलीकरण और आसवन से विलयन अलग होता है।
- सॉफ़्टवेयर विकास: विचार से चलते ऐप तक – अच्छा सॉफ़्टवेयर चरणों में बनता है: समस्या का विश्लेषण करके आवश्यकताएँ लिखो, हल डिज़ाइन करो, छोटे हिस्सों में कोड करो, सामान्य, सीमा और गलत डेटा से परीक्षण करो, उपयोगकर्ताओं तक पहुँचाओ और रखरखाव करो। वॉटरफ़ॉल हर चरण एक बार क्रम से करता है; एजाइल छोटे चक्र दोहराता है। मज़बूत प्रोग्राम इनपुट जाँचते हैं, और टीमें वर्ज़न कंट्रोल, साफ़ भूमिकाएँ और उपयोगकर्ता की राय इस्तेमाल करती हैं।
2. B. Technological Design Skills
B1 Research, Planning, and Organization · B2 Developing and Representing Design Ideas · B3 Making and Testing Models and Prototypes · B4 Reporting and Presenting
- डिज़ाइन प्रक्रिया: समस्या से उत्पाद तक – डिज़ाइन प्रक्रिया कदमों का एक चक्र है जिससे डिज़ाइनर असली लोगों की असली समस्या हल करते हैं: ज़रूरत की खोजबीन, उसे ब्रीफ़ और नापने लायक विनिर्देश में लिखना, कई विचार बनाना, प्रोटोटाइप बनाना, और विनिर्देश पर परीक्षण व मूल्यांकन। जो फ़ेल हो, वह आपको चक्र में वापस भेजता है। इस दोहराव को पुनरावृत्ति (iteration) कहते हैं, और लगभग हर उत्पाद, ऐप, इमारत और कलाकृति ऐसे ही बेहतर बनती है।
- सॉफ़्टवेयर विकास: विचार से चलते ऐप तक – अच्छा सॉफ़्टवेयर चरणों में बनता है: समस्या का विश्लेषण करके आवश्यकताएँ लिखो, हल डिज़ाइन करो, छोटे हिस्सों में कोड करो, सामान्य, सीमा और गलत डेटा से परीक्षण करो, उपयोगकर्ताओं तक पहुँचाओ और रखरखाव करो। वॉटरफ़ॉल हर चरण एक बार क्रम से करता है; एजाइल छोटे चक्र दोहराता है। मज़बूत प्रोग्राम इनपुट जाँचते हैं, और टीमें वर्ज़न कंट्रोल, साफ़ भूमिकाएँ और उपयोगकर्ता की राय इस्तेमाल करती हैं।
3. C. Technology,the Environment, and Society
C1 Technology and the Environment · C2 Technology and Society
- पर्यावरण संरक्षण: तकनीक इस्तेमाल करते हुए धरती की देखभाल – पर्यावरण संरक्षण (environmental stewardship) का मतलब है धरती के संसाधनों को सोच-समझकर इस्तेमाल करना ताकि वे लंबे समय तक चलें, और जहाँ नुक़सान हुआ हो उसे ठीक करना। फ़ोन हो या अस्पताल की मशीन, हर उत्पाद का एक जीवन-चक्र होता है: कच्चा माल, निर्माण, परिवहन, उपयोग और जीवन का अंत। हर चरण में ऊर्जा लगती है और कचरा बनता है। अच्छा संरक्षक चीज़ें लंबे समय तक चलाता है, कम बिजली वाली मशीनें चुनता है, कचरा-पदानुक्रम मानता है, ई-कचरा सही जगह देता है और प्रकृति बचाने वाले नियमों का साथ देता है।
4. D. Professional Practice and Career Opportunities
D1 Health and Safety · D2 Career Opportunities
- स्वास्थ्य और सुरक्षा: ख़तरे, जोखिम और नियंत्रण – ख़तरा (hazard) वह चीज़ है जो नुकसान कर सकती है। जोखिम (risk) बताता है नुकसान कितना संभव है और कितना गंभीर होगा: जोखिम = संभावना × गंभीरता। जोखिम आकलन में ख़तरे ढूँढते हैं, किसे नुकसान हो सकता है तय करते हैं, अंक देते हैं, नियंत्रण जोड़ते हैं और बाद में दोबारा जाँचते हैं। नियंत्रण का क्रम: हटाना, बदलना, इंजीनियरिंग नियंत्रण, नियम और प्रशिक्षण, और आख़िर में PPE। सुरक्षा चिह्न रंग और आकार से बोलते हैं। वर्कशॉप, कला कक्ष और कार्यस्थल पर गार्ड, ताज़ी हवा, लेबल, खुले रास्ते और प्राथमिक उपचार चाहिए। ज़्यादातर देशों में क़ानून मालिक और कर्मचारी दोनों पर सुरक्षा की ज़िम्मेदारी डालते हैं।
- करियर प्लानिंग: ख़ुद को जानने से पहली नौकरी तक – करियर प्लानिंग के पाँच कदम हैं। 1) ख़ुद को जानो: रुचियाँ, कौशल और मूल्य। 2) करियर परिवार खोजो और जानो कि काम क्या है, कौन-सी पढ़ाई चाहिए, वेतन और माँग कितनी है। 3) SMART लक्ष्य और प्लान B के साथ रास्ता बनाओ। 4) CV, आवेदन पत्र, डिजिटल पोर्टफ़ोलियो और इंटरव्यू अभ्यास से नौकरी खोजो। 5) स्कूल से काम की ओर बढ़ो और सीखते रहो, क्योंकि ज़िंदगी भर करियर बदलता है।