Ukraine 9 клас Informatics
अध्याय: 5
1. Information systems and data management
Information systems and trends · Spreadsheets: managing data · Databases
- सूचना प्रणाली (Information System) – सूचना प्रणाली (IS) लोगों, हार्डवेयर, सॉफ़्टवेयर, डेटा, नेटवर्क और प्रक्रियाओं का ऐसा समूह है जो मिलकर सूचना जुटाता, सहेजता, संसाधित करता और बाँटता है। यह कच्चे डेटा को एक शृंखला से काम की सूचना में बदलती है: जुटाना, कोड करना, भेजना, सहेजना, संसाधित करना और दिखाना। प्रणाली एक चक्र में बनती है (योजना, विश्लेषण, डिज़ाइन, निर्माण, परीक्षण, चलाना-सुधारना)। यह काम तेज़ करती है और ज्ञान बाँटने देती है, पर इसमें ख़र्च, ख़राबी, हैकिंग और जड़ता (rigidity) का ख़तरा भी है।
- डेटाबेस संकल्पनाएँ: DBMS, रिलेशन और की – अलग-अलग फ़ाइलों में डेटा रखने से दोहराव, असंगति और कमज़ोर सुरक्षा होती है। डेटाबेस संबंधित डेटा को एक व्यवस्थित जगह रखता है, और DBMS (जैसे MySQL) उसे सँभालने वाला सॉफ़्टवेयर है। रिलेशनल मॉडल में डेटा तालिकाओं (रिलेशन) में रहता है, जिनमें स्तंभ (एट्रिब्यूट) और पंक्तियाँ (टपल) होती हैं; डोमेन किसी स्तंभ के अनुमत मानों का समूह है। कैंडिडेट की हर पंक्ति को अलग पहचानती है; उनमें से एक प्राइमरी की चुनी जाती है और बाकी ऑल्टरनेट की होती हैं।
2. Digital safety
Search, AI and media literacy · Troubleshooting and safe use
- मीडिया साक्षरता (Media Literacy) – मीडिया साक्षरता मीडिया को पढ़ने, उस पर सवाल करने और खुद बनाने का हुनर है: समाचार, विज्ञापन, वीडियो, पोस्ट, फ़िल्म और गेम। हर मीडिया पाठ किसी ने, किसी उद्देश्य से, किसी दर्शक के लिए बनाया है, और उसमें ऐसे रूप, परिपाटियाँ और तकनीकें हैं जो हमारी भावना बदलती हैं। मीडिया-साक्षर व्यक्ति मानने या शेयर करने से पहले स्रोत, सबूत, दूसरे स्रोत और मूल जाँचता है, पूर्वाग्रह और फ़िल्टर बबल पहचानता है, और ज़िम्मेदारी से अपना मीडिया बनाता है।
- साइबर अपराध और साइबर सुरक्षा – साइबर अपराध वह अपराध है जिसमें कंप्यूटर, फ़ोन या इंटरनेट साधन या निशाना हो। आम रूप: हैकिंग (बिना अनुमति सिस्टम में घुसना; एथिकल हैकर अनुमति से सुरक्षा जाँचते हैं), ईव्सड्रॉपिंग (चुपके से बातचीत पकड़ना), फ़िशिंग (नकली ईमेल, SMS या वेबसाइट जो पासवर्ड, OTP या कार्ड की जानकारी चुराएँ), रैंसमवेयर (फ़ाइलें बंद करके पैसे माँगने वाला मालवेयर), साइबर ट्रोल (भड़काने वाले अपमानजनक संदेश) और साइबर बुलिंग (ऑनलाइन परेशान करना, धमकाना, अपमानित करना)। मालवेयर: वायरस (फ़ाइलों से फैलता है), वर्म (अपने-आप फैलता है), ट्रोजन (उपयोगी दिखकर पिछला दरवाज़ा खोलता है), स्पाइवेयर और एडवेयर (अनचाहे पॉप-अप विज्ञापन)। सुरक्षित ब्राउज़िंग: https, अपडेट, एंटीवायरस, फ़ायरवॉल, अनजान लिंक नहीं। पहचान सुरक्षा: मज़बूत अलग-अलग पासवर्ड, टू-फ़ैक्टर ऑथेंटिकेशन, OTP कभी साझा नहीं, सोच-समझकर जानकारी देना, साझा उपकरण पर लॉग आउट।
3. Communication and interaction
Online communities
- डिजिटल पदचिह्न और नेट शिष्टाचार – डिजिटल पदचिह्न वह डेटा का निशान है जो हम ऑनलाइन छोड़ते हैं। सक्रिय पदचिह्न जान-बूझकर साझा होते हैं (पोस्ट, कमेंट, फ़ॉर्म); निष्क्रिय पदचिह्न हमारी जानकारी के बिना इकट्ठे होते हैं (कुकीज़, ब्राउज़िंग हिस्ट्री, लोकेशन, IP पता)। ये मिटाना कठिन है और बाद में दूसरे देख सकते हैं। हम डिजिटल समाज में रहते हैं जहाँ पढ़ाई, बैंकिंग, ख़रीदारी और सरकारी सेवाएँ ऑनलाइन हैं; इसका ज़िम्मेदार उपयोगकर्ता डिजिटल नागरिक (नेटिज़न) है। नेट शिष्टाचार: नैतिक (कॉपीराइट मानें, भरोसेमंद जानकारी), सम्मानजनक (निजता, विविधता, बुलिंग नहीं) और ज़िम्मेदार (ज़्यादा निजी बातें नहीं, ट्रोल को जवाब नहीं)। संचार शिष्टाचार: सटीक, विनम्र, विश्वसनीय; सोशल मीडिया शिष्टाचार: सोच-समझकर पासवर्ड और प्राइवेसी, अपलोड से पहले सोचें, साझा करने से पहले जाँचें।
4. Digital creativity
3D graphics · Augmented reality · Web design
- 3D मॉडलिंग: घन से छपी हुई वस्तु तक – 3D मॉडल कंप्यूटर में रखी एक आकृति है: बिंदु (शीर्ष, vertices) किनारों (edges) से जुड़कर सपाट फलक (faces) बनाते हैं – इसे मेश कहते हैं। हम सरल आकृतियों (primitives) से शुरू करते हैं, उन्हें खिसकाते, घुमाते और बड़ा-छोटा करते हैं, और फलक बाहर खींचते (extrude) हैं। फिर पदार्थ और रोशनी देकर कंप्यूटर तस्वीर रेंडर करता है। वही मॉडल पतली परतों में काटकर 3D प्रिंटर से बनाया जा सकता है।
- आभासी वास्तविकता और संवर्धित वास्तविकता: ये कैसे काम करती हैं – आभासी वास्तविकता (VR) तुम्हें कंप्यूटर से बनी दुनिया के अंदर ले जाती है: हेडसेट हर आँख को थोड़ी अलग छवि दिखाता है, लेंस स्क्रीन को दूर दिखाते हैं और सेंसर सिर की गति पकड़ते हैं, ताकि चारों ओर देखने पर दृश्य बदले। संवर्धित वास्तविकता (AR) असली दुनिया रखती है और कैमरे से सतह या मार्कर पहचानकर उस पर कंप्यूटर की चीज़ें जोड़ती है। मिश्रित वास्तविकता (MR) में आभासी और असली चीज़ें आपस में असर डालती हैं। इनका उपयोग खेल, प्रशिक्षण, चिकित्सा, डिज़ाइन और पढ़ाई में होता है।
- वेब डेवलपमेंट: HTML, CSS और JavaScript से वेब पेज कैसे बनता है – वेब पेज कुछ टेक्स्ट फ़ाइलों से बनता है। ब्राउज़र (क्लाइंट) URL और HTTP से सर्वर से ये फ़ाइलें माँगता है। HTML पेज का ढाँचा बनाता है: हेडिंग, पैराग्राफ़, लिंक, चित्र, सूची, टेबल और फ़ॉर्म। CSS सजावट देता है: रंग, फ़ॉन्ट, दूरी और लेआउट। JavaScript व्यवहार देता है: क्लिक पर पेज बदलता है। रिस्पॉन्सिव डिज़ाइन से एक ही पेज फ़ोन और कंप्यूटर दोनों पर ठीक दिखता है।
5. Problem solving
Design thinking · GUI programs and games · AI and ethics; digital devices
- डिज़ाइन थिंकिंग: लोगों से शुरू करके समस्या हल करना – डिज़ाइन थिंकिंग समस्या हल करने का तरीका है जो पहले उन लोगों को समझता है जिनकी वह समस्या है। इसके पाँच चरण हैं: सहानुभूति (उपयोगकर्ता को देखना-सुनना, सहानुभूति मानचित्र से), परिभाषा ("हम कैसे…?" सवाल के रूप में साफ़ समस्या), विचार (बहुत सारे विचार, प्रकृति से भी: जैव-अनुकरण), प्रोटोटाइप (जल्दी, सस्ते मॉडल) और परीक्षण (उपयोगकर्ता से आज़माना और सुधारना)। यह पुनरावृत्त और उपयोगकर्ता-केंद्रित है, और दो बार फैलता-सिमटता है, जैसे दोहरा हीरा।
- Tkinter से GUI प्रोग्रामिंग: विंडो, विजेट और इवेंट – GUI (ग्राफ़िकल यूज़र इंटरफ़ेस) से लोग कमांड टाइप करने की जगह विंडो, बटन और बॉक्स से प्रोग्राम चलाते हैं। पायथन की अंतर्निर्मित Tkinter लाइब्रेरी यह आसान बनाती है: Tk() से विंडो बनाओ, Label, Entry, Button जैसे विजेट जोड़ो, pack, grid या place से सजाओ, और हर बटन को एक फ़ंक्शन से जोड़ो। फिर प्रोग्राम mainloop() में इंतज़ार करता है और क्लिक या कुंजी दबाने जैसे इवेंट होने पर आपके फ़ंक्शन चलाता है।
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI): मशीनें सोचना कैसे सीखती हैं – कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence, AI) कंप्यूटर प्रणाली की वह क्षमता है जिससे वह ऐसे काम करती है जिनमें आम तौर पर इंसानी दिमाग़ लगता है: देखना, बोली समझना, फ़ैसला करना और सीखना। AI प्रणाली एक एजेंट है जो महसूस करती है, सोचती है और काम करती है। पुरानी AI इंसानों के लिखे नियमों पर चलती थी। आज की AI ज़्यादातर मशीन लर्निंग से चलती है: वह ढेर सारे लेबल वाले उदाहरणों (डेटा) से ख़ुद नियम ढूँढती है। न्यूरल नेटवर्क सरल इकाइयों की परतें हैं जिनकी कड़ियों की ताकत (भार) प्रशिक्षण में बदलती है। AI नक्शों, अनुवाद, स्वास्थ्य, खेती और खेलों में काम आती है। एकतरफ़ा डेटा से यह ग़लत या पक्षपाती हो सकती है, इसलिए इंसान को इसे जाँचना, निजता बचाना और ज़िम्मेदार रहना चाहिए।