Romania Clasa a IX-a Romanian Language and Literature (social sciences)
अध्याय: 2
1. Literature
Reflections on literature · Beginnings of writing in Romanian (16th–17th c.) · Rise of cultural awareness (18th – early 19th c.) · Modernising literary forms (first half of 19th c.) · Maturing of cultural and literary forms (second half of 19th c.)
- ज्ञानोदय (प्रबोधन युग) – ज्ञानोदय (लगभग 1680–1800) यूरोप का एक आंदोलन था जिसने कहा कि दुनिया को समझने और समाज चलाने में सिर्फ़ परंपरा नहीं, तर्क और सबूत काम में लाओ। यह वैज्ञानिक क्रांति से निकला। लॉक, मॉन्टेस्क्यू, वॉल्टेयर, रूसो, कांट और मैरी वॉल्स्टनक्राफ़्ट जैसे विचारकों ने प्राकृतिक अधिकार, शक्तियों का बँटवारा, बोलने और धर्म की आज़ादी और जनता की सहमति से सरकार की बात की। विचार किताबों, अख़बारों, सैलूनों और विश्वकोश से फैले। कुछ राजाओं ने सुधार किए (प्रबुद्ध निरंकुशता); इन विचारों ने अमेरिकी (1776) और फ़्रांसीसी (1789) क्रांति और बाद में भारत समेत दुनिया भर के सुधारकों को प्रेरणा दी।
- स्वच्छंदतावाद (रोमांटिसिज़्म) – स्वच्छंदतावाद साहित्य, कला और संगीत का एक आंदोलन था, लगभग 1780 से 1850 तक। यह तर्क के युग के कड़े नियमों और धुएँ भरे कारख़ाना-शहरों के विरोध में उभरा। स्वच्छंदतावादी प्रकृति, ख़ासकर जंगली और 'उदात्त' प्रकृति, गहरी व्यक्तिगत भावना, आज़ाद व्यक्ति, कल्पना और सपनों, अतीत और लोक-संस्कृति को महत्व देते थे। मुख्य नाम: वर्ड्सवर्थ, कीट्स, गोएथे, पुश्किन, मैरी शेली, विक्टर ह्यूगो, चित्रकार टर्नर और फ़्रीड्रिख़, और संगीतकार शोपां व शूबर्ट।
- साहित्य में यथार्थवाद – यथार्थवाद लेखन का वह तरीक़ा है, जो 19वीं सदी के उत्तरार्ध में सबसे मज़बूत हुआ। इसमें आम लोग और रोज़ की जगहें ईमानदारी से दिखती हैं, और घटनाएँ असली कारणों से होती हैं। लेखक अक्सर सामाजिक पात्र-प्रकार (व्यापारी, क्लर्क, किसान, ज़मींदार) दिखाते हैं, कहानी, संस्मरण और हास्य नाटक जैसे रूप अपनाते हैं और साहित्यिक सभा, पत्रिका और आलोचना से विचार बाँटते हैं।
2. Romanian language
Standard language and regional variation · Evolution of the Romanian language · Building a text: cohesion · Building a text: coherence · Written communication · Oral communication
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