Romania Clasa a IX-a Personal Development and Career Counselling
अध्याय: 3
1. Self-knowledge and socio-emotional development
Self-knowledge and personal development · Socio-emotional development
- आत्म: संप्रत्यय, सम्मान और संस्कृति – आत्म हमारे अपने बारे में सारे अनुभवों, विचारों और भावनाओं का जोड़ है। इसमें व्यक्तिगत पहचान (जो मुझे अनोखा बनाए) और सामाजिक पहचान (जिन समूहों का मैं हिस्सा हूँ) है। आत्म जानने वाला (कर्ता) भी है और जाना जाने वाला (कर्म) भी। आत्म-संप्रत्यय यानी हम खुद को कैसे देखते हैं; आत्म-सम्मान यानी पढ़ाई, दोस्त, शरीर और परिवार में हम खुद को कितना मूल्य देते हैं। आत्म-सक्षमता सफल हो सकने का विश्वास है; आत्म-नियमन अपने व्यवहार को सँभालना है, जिसमें आत्म-प्रेक्षण, आत्म-अनुदेश और आत्म-प्रबलन मदद करते हैं। भारतीय संस्कृति में आत्म की सीमा लचीली है जिसमें परिवार और समुदाय आते हैं; पाश्चात्य संस्कृति में व्यक्ति के चारों ओर पक्की सीमा है।
- स्वस्थ रिश्ते – स्वस्थ रिश्ता, चाहे परिवार, दोस्त या साथी से हो, सम्मान, भरोसे, ईमानदारी, बराबरी और खुली बातचीत पर टिका होता है। हर व्यक्ति के अपने दोस्त, फ़ैसले और सीमाएँ रहती हैं। नियंत्रण, नीचा दिखाना, दबाव, जलन और हिंसा ख़तरे के संकेत हैं। सहमति यानी अपनी मर्ज़ी से साफ़ "हाँ", जो कभी भी वापस ली जा सकती है। झगड़े स्वाभाविक हैं और शांति से सुलझ सकते हैं; असुरक्षित लगे तो किसी भरोसेमंद बड़े को बताएँ या हेल्पलाइन पर फ़ोन करें।
2. Managing learning and career
Learning management · Career management
- पढ़ाई के कौशल: समझदारी से सीखें और परीक्षा तनाव संभालें – नई बातें दोहराई न जाएँ तो ज़्यादातर कुछ ही दिनों में भूल जाती हैं। पढ़ाई के कौशल वे आदतें हैं जो सीखी बात टिकाती हैं। सबसे मज़बूत हैं अंतराल पर दोहराना (1, 3, 7 और 21 दिन बाद) और सक्रिय स्मरण (दोबारा पढ़ने की जगह ख़ुद को परखना)। पोमोडोरो जैसे ध्यान-खंड, लिखित समय-सारणी, अच्छे नोट्स (कॉर्नेल नोट्स, माइंड मैप) और पूरी नींद भी मदद करते हैं। भाषा के लिए शब्द वाक्यों में सीखिए, फ़्लैश कार्ड लगाइए, रोज़ पढ़िए-सुनिए और जल्दी बोलना शुरू कीजिए। थोड़ा तनाव सजग रखता है, पर बहुत ज़्यादा सोच रोक देता है, इसलिए शांत होने के तरीक़े और पहले से योजना ज़रूरी है।
- करियर प्लानिंग: ख़ुद को जानने से पहली नौकरी तक – करियर प्लानिंग के पाँच कदम हैं। 1) ख़ुद को जानो: रुचियाँ, कौशल और मूल्य। 2) करियर परिवार खोजो और जानो कि काम क्या है, कौन-सी पढ़ाई चाहिए, वेतन और माँग कितनी है। 3) SMART लक्ष्य और प्लान B के साथ रास्ता बनाओ। 4) CV, आवेदन पत्र, डिजिटल पोर्टफ़ोलियो और इंटरव्यू अभ्यास से नौकरी खोजो। 5) स्कूल से काम की ओर बढ़ो और सीखते रहो, क्योंकि ज़िंदगी भर करियर बदलता है।
3. Healthy, balanced and sustainable lifestyle
Quality of lifestyle · Responsible behaviour towards self and community
- स्वस्थ जीवनशैली: रोज़ की आदतें जो तुम्हें ठीक रखें – स्वस्थ जीवनशैली रोज़ की अच्छी आदतों का नाम है: पाँच भोजन-समूहों वाला संतुलित आहार, भरपूर पानी, स्कूली बच्चों के लिए 9–11 घंटे और किशोरों के लिए लगभग 8–10 घंटे नींद, रोज़ कम से कम 60 मिनट खेल-कूद, सही मुद्रा, साफ-सुरक्षित भोजन, और तंबाकू, शराब व नशे से दूरी। इनसे टाइप 2 मधुमेह, हृदय रोग और कुछ कैंसर जैसे जीवनशैली रोगों का खतरा घटता है।