Romania Clasa a XII-a Computer Science (mathematics-informatics, incl. intensive)
अध्याय: 5
1. Module 1: Databases (compulsory)
Conceptual model · Tables and databases · Introduction to SQL · Professional development in IT
- संबंधपरक डेटाबेस: तालिकाएँ, पंक्तियाँ, स्तंभ और कीज़ – डेटा को कई अलग फ़ाइलों में रखने से डेटा दोहराता है, कॉपियाँ आपस में मेल नहीं खातीं और खोजना कठिन होता है, इसलिए हम DBMS से चलने वाला डेटाबेस उपयोग करते हैं। संबंधपरक मॉडल में डेटा रिलेशन कहलाने वाली तालिकाओं में रहता है। स्तंभ एट्रिब्यूट है, पंक्ति ट्यूपल है, और किसी स्तंभ के मान्य मानों का समूह उसका डोमेन है। स्तंभों की संख्या डिग्री है; पंक्तियों की संख्या कार्डिनैलिटी। कैंडिडेट की वह स्तंभ (या समूह) है जो हर पंक्ति को अलग पहचान सके; चुनी गई प्राइमरी की है और बाकी अल्टरनेट की। फ़ॉरेन की एक तालिका का वह स्तंभ है जो दूसरी तालिका की प्राइमरी की की ओर इशारा करके उन्हें जोड़ता है।
- डेटाबेस संकल्पनाएँ: DBMS, रिलेशन और की – अलग-अलग फ़ाइलों में डेटा रखने से दोहराव, असंगति और कमज़ोर सुरक्षा होती है। डेटाबेस संबंधित डेटा को एक व्यवस्थित जगह रखता है, और DBMS (जैसे MySQL) उसे सँभालने वाला सॉफ़्टवेयर है। रिलेशनल मॉडल में डेटा तालिकाओं (रिलेशन) में रहता है, जिनमें स्तंभ (एट्रिब्यूट) और पंक्तियाँ (टपल) होती हैं; डोमेन किसी स्तंभ के अनुमत मानों का समूह है। कैंडिडेट की हर पंक्ति को अलग पहचानती है; उनमें से एक प्राइमरी की चुनी जाती है और बाकी ऑल्टरनेट की होती हैं।
- MySQL के साथ SQL: तालिका बनाना, पंक्तियाँ बदलना और सवाल पूछना – SQL (स्ट्रक्चर्ड क्वेरी लैंग्वेज) MySQL जैसे रिलेशनल DBMS से बात करने की भाषा है। DDL कमांड (CREATE, ALTER, DROP) तालिकाएँ परिभाषित करते हैं; DML कमांड (INSERT, UPDATE, DELETE) पंक्तियाँ बदलते हैं; DQL (SELECT) डेटा पढ़ता है। हर स्तंभ का डेटा प्रकार होता है, जैसे INT, FLOAT, CHAR, VARCHAR या DATE। SELECT … WHERE संबंधात्मक ऑपरेटर, BETWEEN, AND/OR/NOT और IS NULL से पंक्तियाँ छाँटता है।
- करियर प्लानिंग: ख़ुद को जानने से पहली नौकरी तक – करियर प्लानिंग के पाँच कदम हैं। 1) ख़ुद को जानो: रुचियाँ, कौशल और मूल्य। 2) करियर परिवार खोजो और जानो कि काम क्या है, कौन-सी पढ़ाई चाहिए, वेतन और माँग कितनी है। 3) SMART लक्ष्य और प्लान B के साथ रास्ता बनाओ। 4) CV, आवेदन पत्र, डिजिटल पोर्टफ़ोलियो और इंटरव्यू अभ्यास से नौकरी खोजो। 5) स्कूल से काम की ओर बढ़ो और सीखते रहो, क्योंकि ज़िंदगी भर करियर बदलता है।
2. Module 2: Database management systems (optional)
Variant A: data modelling and SQL · Variant B: Visual FoxPro
- MySQL के साथ SQL: तालिका बनाना, पंक्तियाँ बदलना और सवाल पूछना – SQL (स्ट्रक्चर्ड क्वेरी लैंग्वेज) MySQL जैसे रिलेशनल DBMS से बात करने की भाषा है। DDL कमांड (CREATE, ALTER, DROP) तालिकाएँ परिभाषित करते हैं; DML कमांड (INSERT, UPDATE, DELETE) पंक्तियाँ बदलते हैं; DQL (SELECT) डेटा पढ़ता है। हर स्तंभ का डेटा प्रकार होता है, जैसे INT, FLOAT, CHAR, VARCHAR या DATE। SELECT … WHERE संबंधात्मक ऑपरेटर, BETWEEN, AND/OR/NOT और IS NULL से पंक्तियाँ छाँटता है।
- डेटाबेस संकल्पनाएँ: DBMS, रिलेशन और की – अलग-अलग फ़ाइलों में डेटा रखने से दोहराव, असंगति और कमज़ोर सुरक्षा होती है। डेटाबेस संबंधित डेटा को एक व्यवस्थित जगह रखता है, और DBMS (जैसे MySQL) उसे सँभालने वाला सॉफ़्टवेयर है। रिलेशनल मॉडल में डेटा तालिकाओं (रिलेशन) में रहता है, जिनमें स्तंभ (एट्रिब्यूट) और पंक्तियाँ (टपल) होती हैं; डोमेन किसी स्तंभ के अनुमत मानों का समूह है। कैंडिडेट की हर पंक्ति को अलग पहचानती है; उनमें से एक प्राइमरी की चुनी जाती है और बाकी ऑल्टरनेट की होती हैं।
3. Module 3: Visual programming (optional)
Visual programming
- ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग (OOP) – ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग में प्रोग्राम ऑब्जेक्ट्स से बनता है। क्लास एक ब्लूप्रिंट है जो बताता है कि उसके ऑब्जेक्ट्स के पास कौन-सा डेटा (एट्रिब्यूट) और कौन-से काम (मेथड) होंगे। हर ऑब्जेक्ट क्लास से बनता है और अपना डेटा ख़ुद रखता है। चार बड़े विचार हैं: एनकैप्सुलेशन (डेटा को मेथड के पीछे छिपाना), इनहेरिटेंस (नई क्लास पुरानी को दोबारा इस्तेमाल करे), पॉलीमॉर्फ़िज़्म (एक ही मेथड हर ऑब्जेक्ट के लिए सही ढंग से चले) और एब्स्ट्रैक्शन (ज़रूरी चीज़ ही दिखाना)।
4. Module 4: Web programming (optional)
Web programming
- वेब डेवलपमेंट: HTML, CSS और JavaScript से वेब पेज कैसे बनता है – वेब पेज कुछ टेक्स्ट फ़ाइलों से बनता है। ब्राउज़र (क्लाइंट) URL और HTTP से सर्वर से ये फ़ाइलें माँगता है। HTML पेज का ढाँचा बनाता है: हेडिंग, पैराग्राफ़, लिंक, चित्र, सूची, टेबल और फ़ॉर्म। CSS सजावट देता है: रंग, फ़ॉन्ट, दूरी और लेआउट। JavaScript व्यवहार देता है: क्लिक पर पेज बदलता है। रिस्पॉन्सिव डिज़ाइन से एक ही पेज फ़ोन और कंप्यूटर दोनों पर ठीक दिखता है।
5. Module 5: Procedural database programming (optional)
PL/SQL, Transact-SQL or MySQL
- MySQL के साथ SQL: तालिका बनाना, पंक्तियाँ बदलना और सवाल पूछना – SQL (स्ट्रक्चर्ड क्वेरी लैंग्वेज) MySQL जैसे रिलेशनल DBMS से बात करने की भाषा है। DDL कमांड (CREATE, ALTER, DROP) तालिकाएँ परिभाषित करते हैं; DML कमांड (INSERT, UPDATE, DELETE) पंक्तियाँ बदलते हैं; DQL (SELECT) डेटा पढ़ता है। हर स्तंभ का डेटा प्रकार होता है, जैसे INT, FLOAT, CHAR, VARCHAR या DATE। SELECT … WHERE संबंधात्मक ऑपरेटर, BETWEEN, AND/OR/NOT और IS NULL से पंक्तियाँ छाँटता है।