Romania Clasa a XII-a Counselling and Guidance
अध्याय: 5
1. Self-knowledge and personal development
Preparing for adult life
- आत्म: संप्रत्यय, सम्मान और संस्कृति – आत्म हमारे अपने बारे में सारे अनुभवों, विचारों और भावनाओं का जोड़ है। इसमें व्यक्तिगत पहचान (जो मुझे अनोखा बनाए) और सामाजिक पहचान (जिन समूहों का मैं हिस्सा हूँ) है। आत्म जानने वाला (कर्ता) भी है और जाना जाने वाला (कर्म) भी। आत्म-संप्रत्यय यानी हम खुद को कैसे देखते हैं; आत्म-सम्मान यानी पढ़ाई, दोस्त, शरीर और परिवार में हम खुद को कितना मूल्य देते हैं। आत्म-सक्षमता सफल हो सकने का विश्वास है; आत्म-नियमन अपने व्यवहार को सँभालना है, जिसमें आत्म-प्रेक्षण, आत्म-अनुदेश और आत्म-प्रबलन मदद करते हैं। भारतीय संस्कृति में आत्म की सीमा लचीली है जिसमें परिवार और समुदाय आते हैं; पाश्चात्य संस्कृति में व्यक्ति के चारों ओर पक्की सीमा है।
2. Communication and social skills
Cooperation and leadership
- नेतृत्व: टीम को साझा लक्ष्य तक ले जाना – नेतृत्व लोगों को इस तरह प्रभावित करने की क्षमता है कि वे अपनी मर्ज़ी से साझा लक्ष्य की ओर काम करें। अच्छे नेता में दूरदृष्टि, अच्छा संवाद, निष्पक्षता और भरोसा होता है। मुख्य शैलियाँ हैं: निरंकुश (नेता तय करता है), लोकतांत्रिक (टीम शामिल) और मुक्त/लैसे-फ़ेयर (टीम ख़ुद तय करती है)। कोई शैली हमेशा सबसे अच्छी नहीं: यह स्थिति और टीम पर निर्भर है। नेता कंपनी की संस्कृति बनाते हैं, प्रतिभा निखारते हैं, और अच्छा नेतृत्व महिलाओं समेत सबको शामिल करता है।
3. Managing information and learning
Critical and lifelong learning
जल्द आ रहा है
4. Career planning
Education options after high school · Personal marketing
- करियर प्लानिंग: ख़ुद को जानने से पहली नौकरी तक – करियर प्लानिंग के पाँच कदम हैं। 1) ख़ुद को जानो: रुचियाँ, कौशल और मूल्य। 2) करियर परिवार खोजो और जानो कि काम क्या है, कौन-सी पढ़ाई चाहिए, वेतन और माँग कितनी है। 3) SMART लक्ष्य और प्लान B के साथ रास्ता बनाओ। 4) CV, आवेदन पत्र, डिजिटल पोर्टफ़ोलियो और इंटरव्यू अभ्यास से नौकरी खोजो। 5) स्कूल से काम की ओर बढ़ो और सीखते रहो, क्योंकि ज़िंदगी भर करियर बदलता है।
5. Quality of life
Career, stress and equal chances
- दबाव: स्वरूप, स्रोत और स्वास्थ्य पर प्रभाव – दबाव (stress) उन घटनाओं के प्रति शरीर और मन की अनुक्रियाओं का पैटर्न है जो संतुलन बिगाड़ें और हमारी सामना करने की क्षमता से ज़्यादा लगें। दबाव पैदा करने वाली घटना दबावकारक है। दबाव सुखद (eustress) या कष्टप्रद (distress) हो सकता है। लाज़ारस ने दिखाया कि दबाव मूल्यांकन पर टिका है: क्या यह खतरा है, और क्या मैं सँभाल सकता हूँ? दबाव भौतिक-पर्यावरणीय, मनोवैज्ञानिक (कुंठा, द्वंद्व, आंतरिक और सामाजिक दबाव) या सामाजिक हो सकता है। स्रोत हैं जीवन की बड़ी घटनाएँ, रोज़ की छोटी उलझनें और अभिघातज घटनाएँ। यह भावना, शरीर, सोच और व्यवहार पर असर डालता है; लंबा दबाव बर्नआउट ला सकता है। सेली के सामान्य अनुकूलन संलक्षण के तीन चरण: सचेत प्रतिक्रिया, प्रतिरोध और परिश्रांति। लंबा दबाव प्रतिरक्षा तंत्र कमज़ोर करता है। स्वस्थ जीवन-शैली बचाती है।