Poland Liceum ogólnokształcące, klasa IV History of music (extended level)
अध्याय: 3
1. Music through history: periods, language and features
Music of the 20th and 21st centuries
- 20वीं सदी का संगीत – 20वीं सदी में संगीतकारों ने कई पुराने नियम तोड़े। प्रभाववादी (डेबुसी, रवेल) धुंधली पूर्ण-स्वर और मोडल ध्वनियाँ लाए। अभिव्यंजनावादी (शोनबर्ग, बर्ग, वेबर्न) ने 'घर का सुर' (key) छोड़ा (अतानता) और फिर 12 सुरों की कतार से संगीत बनाया (सीरियलिज़्म)। नव-शास्त्रीय संगीतकार (स्ट्राविंस्की, प्रोकोफ़िएव, पूलेंक) पुराने साफ़ रूपों पर लौटे पर नई तीखी हार्मनी के साथ। बार्तोक और कोडाई ने लोक धुनें और असमान लय अपनाईं। फिर इलेक्ट्रॉनिक और संयोग (chance) संगीत आया, उसके बाद न्यूनतमवाद (रायली, राइख, ग्लास) और शैलियों को मिलाने वाला उत्तर-आधुनिकतावाद। कॉपलैंड, ब्रिटन, शोस्ताकोविच और मेसियाँ ने अपनी अलग आवाज़ें बनाईं।
2. Analysing and interpreting musical works
Listening analysis
- संगीत रसास्वादन: संगीत को कैसे सुनें और समझें – संगीत रसास्वादन (music appreciation) का मतलब है ध्यान से सुनना, संगीत में क्या हो रहा है यह पहचानना, और उसके बारे में बात कर पाना। हर रचना कुछ तत्वों से बनती है: पिच और धुन, लय और गति (टेम्पो), गतिकी (धीमा-तेज़), ध्वनि-रंग (टिम्बर), बनावट (कितनी परतें) और रूप (रचना की योजना)। ये शब्द जानकर तुम किसी भी संस्कृति का संगीत – सिम्फनी, राग या फ़िल्मी गाना – आपस में तुलना कर सकते हो और बता सकते हो कि तुम्हें वह क्यों पसंद है।
3. Speaking and writing about music history
Oral and written statements
- संगीत समालोचना (Music Criticism) – संगीत समालोचना किसी रचना या प्रस्तुति पर संगीत से लिए सबूतों के साथ तर्कपूर्ण राय देना है। अच्छा समालोचक पाँच चरण अपनाता है: ध्यान से सुनना, संगीत के शब्दों में वर्णन, यह विश्लेषण कि हिस्से असर कैसे बनाते हैं, संदर्भ (कौन, कब, कहाँ, क्यों) से अर्थ की व्याख्या, और साफ़ कसौटियों से मूल्यांकन। निजी पसंद चल सकती है, पर उसका कारण बताना, निष्पक्ष रहना और उसे तथ्यों से अलग रखना ज़रूरी है।