Netherlands VWO 4 (bovenbouw, 2e fase) Business Economics
अध्याय: 2
1. Skills
General skills · Business economics approach
- शोध कौशल: प्रश्न से पूरे प्रोजेक्ट तक – शोध उत्तर खोजने का सावधान तरीका है। आप एक साफ़, सीमित प्रश्न पूछते हैं, उसका उत्तर पाने की योजना बनाते हैं, जानकारी खोजते हैं और हर स्रोत पर भरोसे की जाँच करते हैं, अपने आँकड़े जुटाकर विश्लेषण करते हैं, सबूत पर टिका निष्कर्ष निकालते हैं, और हर स्रोत को श्रेय देते हुए उसे साझा करते हैं।
- व्यावसायिक अर्थशास्त्र: फ़र्म पैसों के बारे में कैसे सोचती है – व्यावसायिक अर्थशास्त्र किसी भी समस्या को एक फ़र्म के मैनेजर की नज़र से देखता है। फ़र्म इनपुट (श्रम, पूँजी, कच्चा माल, उद्यमी की सूझ) लेकर आउटपुट बनाती है। लागत स्थिर (किराया, हर महीने उतना ही) या परिवर्ती (उत्पादन के साथ बदलती) होती है। आय = कीमत × मात्रा। लाभ = आय − कुल लागत। उत्पादकता = आउटपुट ÷ इनपुट, जैसे प्रति घंटे गिलास। ब्रेक-ईवन मात्रा = स्थिर लागत ÷ (कीमत − प्रति इकाई परिवर्ती लागत)। हर फ़ैसले का असर हितधारकों पर पड़ता है: ग्राहक, कर्मचारी, मालिक, आपूर्तिकर्ता, बैंक, सरकार और आसपास का समाज — और इनकी चाहतें अलग-अलग हो सकती हैं।
2. From person to legal entity
Personal financial self-reliance · Starting a sole proprietorship · From sole trader to legal entity · Perspective on the organisation
- वित्त प्रबंधन के स्मार्ट तरीके – मुद्रास्फीति से कीमतें बढ़ती हैं, इसलिए उतना ही पैसा कम खरीदता है। बैंक में रखे पैसे पर ब्याज मिलता है: साधारण ब्याज सिर्फ़ मूलधन पर मिलता है, जबकि चक्रवृद्धि ब्याज पहले के ब्याज पर भी मिलता है, इसलिए समय के साथ तेज़ी से बढ़ता है। बजट आय को ज़रूरतों, चाहतों और बचत में बाँटता है। बचत सुरक्षित रखी जाती है; निवेश बढ़ सकता है पर उसमें जोखिम है, और ज़्यादा संभावित लाभ का मतलब ज़्यादा जोखिम। बीमा जोखिम को बहुत लोगों में बाँटता है। एक सीमा से ऊपर की आय पर आयकर लगता है, जिसकी दरें आय के साथ बढ़ती हैं।
- उद्यमिता विकास – उद्यमिता का अर्थ है ज़रूरत पहचानकर, संसाधन जोड़कर और जोखिम उठाकर नया व्यवसाय शुरू करना। भारत को रोज़गार, नए विचारों और संतुलित विकास के लिए उद्यमी चाहिए। प्रक्रिया खुद को जानने से शुरू होकर व्यवसाय शुरू करने और बढ़ाने तक जाती है। स्टार्टअप इंडिया (2016) नई फ़र्मों की मदद करता है; पैसा बचत, एंजेल, वेंचर कैपिटल, बैंक और क्राउडफ़ंडिंग से आता है; और बौद्धिक संपदा अधिकार नए विचारों, ब्रांड और रचनाओं की रक्षा करते हैं।
- एकल स्वामित्व, साझेदारी और संयुक्त हिंदू परिवार व्यवसाय – एकल स्वामित्व का मालिक और संचालक एक व्यक्ति होता है, जो पूरा लाभ लेता और असीमित दायित्व उठाता है। साझेदारी दो या ज़्यादा लोग समझौते के तहत चलाते हैं और लाभ बाँटते हैं; साझेदार कई तरह के होते हैं और लिखित विलेख व पंजीकरण उनकी रक्षा करते हैं। संयुक्त हिंदू परिवार व्यवसाय परिवार का सबसे बड़ा सदस्य, कर्ता, सबके लिए चलाता है; सदस्यता जन्म से मिलती है।
- व्यावसायिक संगठन: रूप, ढाँचा और नेतृत्व शैली – संगठन लोगों का वह समूह है जो एक लक्ष्य के लिए मिलकर काम करता है। व्यवसाय एकल स्वामी, साझेदारी, कंपनी या सहकारी समिति हो सकता है और क़ानूनी रूप तय करता है कि कर्ज़ का बोझ किस पर पड़ेगा। अंदर का ढाँचा (ऊँचा, सपाट या विभाग-आधारित) बताता है कि कौन किसे रिपोर्ट करता है। प्रबंधक योजना, संगठन, नेतृत्व और नियंत्रण करते हैं और नेता अकेले, टीम के साथ या खुली छूट देकर फ़ैसला ले सकता है।