अंक वाला (जजों वाला) खेल क्या है?
अंक वाले खेल में विजेता घड़ी या फ़ीते से तय नहीं होता। जज नाम के लोग प्रदर्शन देखकर अंक देते हैं। उदाहरण: जिमनास्टिक, गोताख़ोरी, फ़िगर स्केटिंग, आर्टिस्टिक स्विमिंग और डांस स्पोर्ट। इसकी तुलना नापे जाने वाले खेलों, जैसे दौड़, से करो जहाँ समय या दूरी तय करती है।
अंक कैसे बनते हैं: D और E
नियम खेल के अनुसार बदलते हैं, इसलिए अपने खेल के नियम ज़रूर पढ़ो। एक आम तरीक़ा:
- D अंक: कौशल कितने कठिन हैं? ज़्यादा और कठिन कौशल से D ऊँचा होता है।
- E अंक: कितनी अच्छी तरह किए? जज ऊँचे अंक से शुरू करके ग़लतियों पर, जैसे लड़खड़ाना या मुड़ा घुटना, अंक काटते हैं।
कुल = D + E। उदाहरण: 5.2 + 8.4 = 13.6।
जुड़ने के पाँच तरीक़े
- प्रदर्शन: रूटीन करना।
- निर्णय: नियम सीखकर निष्पक्ष अंक देना।
- कोचिंग: दूसरों को सुधारने में मदद और सुरक्षित रूटीन चुनना।
- समझकर देखना: जानना कि जज क्या देखते हैं।
- आयोजन: प्रतियोगिता, समय, स्कोरकार्ड और सुरक्षा की व्यवस्था।
हर तरीक़ा सिखाता है कि अच्छा प्रदर्शन कैसा दिखता है।
निष्पक्ष निर्णय: सबसे ऊँचा और सबसे नीचा हटाना
जज इंसान हैं। निष्पक्षता के लिए कई आयोजनों में कई जज होते हैं, सबसे ऊँचा और सबसे नीचा अंक हटाकर बाक़ी का औसत लिया जाता है। इसे छँटा औसत (trimmed average) कहते हैं। उदाहरण अंक: 8.2, 8.6, 8.7, 9.4, 8.5। 8.2 और 9.4 हटाओ। 8.6, 8.7, 8.5 का औसत 25.8 ÷ 3 = 8.6। जज को ईमानदार और शांत रहना चाहिए और नियमों के आधार पर कारण देना चाहिए, किसी खिलाड़ी को पसंद करने के आधार पर नहीं।
रूटीन बनाना और सुरक्षित रहना
रूटीन एक योजना है। ऐसे कौशल चुनो जो साफ़ कर सको, दमदार शुरू करो, चालें सहजता से जोड़ो और साफ़ ख़त्म करो। कठिन कौशल जोड़ने से D बढ़ता है, पर अगर उससे ग़लतियाँ हों तो E घटता है। इसलिए सबसे अच्छा रूटीन अक्सर वह है जो अच्छी तरह हो सके, सबसे कठिन नहीं। वार्म-अप करो, सुरक्षित उपकरण लो और नया कौशल दिखाने से पहले कोच के साथ अभ्यास करो।
करके देखो: छोटा रूटीन जाँचो
किसी दोस्त से पाँच चालों का संतुलन रूटीन कराओ। दो और लोगों के साथ हर कोई 10 में से अंक दे कि वह कितना साफ़ था। सबसे ऊँचा और सबसे नीचा हटाकर बाक़ी का औसत लो। बात करो कि हर किसी ने वह अंक क्यों दिया।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- कुल अंक = D + E
- छँटा औसत = (अंकों का जोड़ − सबसे ऊँचा − सबसे नीचा) ÷ (अंकों की संख्या − 2)
- मुख्य शब्द: D = कठिनाई अंक
- मुख्य शब्द: E = प्रदर्शन अंक (कितना साफ़)
हल किए गए उदाहरण
1. एक जिमनास्ट का D = 5.0 और E = 8.5 है। कुल कितना?
कुल = D + E = 5.0 + 8.5 = 13.5।
2. पाँच जज 7.8, 8.0, 8.2, 8.4, 9.0 अंक देते हैं। छँटा औसत निकालो।
सबसे नीचा 7.8 और सबसे ऊँचा 9.0 हटाओ। बचे: 8.0, 8.2, 8.4। जोड़ = 24.6। औसत = 24.6 ÷ 3 = 8.2।
3. अमन कठिन कूद जोड़ता है। D 4.0 से 5.0 हो जाता है पर E 9.0 से 7.8 हो जाता है। क्या यह ठीक रहा?
पहले: 4.0 + 9.0 = 13.0। बाद में: 5.0 + 7.8 = 12.8। कुल घट गया, इसलिए अभी कठिन कूद फ़ायदे की नहीं। उसे और अभ्यास करना चाहिए।
आम गलतियाँ
- सोचना कि सबसे कठिन रूटीन हमेशा जीतता है। ग़लतियों से E घटता है।
- नियमों की जगह पसंद के हिसाब से अंक देना।
- छँटे औसत में सबसे ऊँचा और सबसे नीचा दोनों हटाना भूल जाना।
- कोच और वार्म-अप के बिना नया जोखिम भरा कौशल करना।