संशोधन क्यों? मसौदा अंत नहीं है
आप जो भी लिखते हो उसका पहला रूप मसौदा कहलाता है। मसौदे का खुरदरा होना ठीक है। संशोधन का मतलब है बड़ी बातों को दोबारा देखना: विचार, क्रम और जो कम है। यह प्रूफ़रीडिंग से अलग है, जो अंत में वर्तनी और अल्पविराम जैसी छोटी ग़लतियाँ ठीक करती है।
काम का क्रम: मसौदा, संशोधन, प्रूफ़रीडिंग।
उद्देश्य जाँचना
कुछ बदलने से पहले तीन सवाल पूछो:
- उद्देश्य: मैं चाहता हूँ कि यह लेखन क्या करे? (समझाए, मनाए, माँगे, कहानी सुनाए)
- पाठक: इसे कौन पढ़ेगा और वह पहले से क्या जानता है?
- मेल: क्या हर हिस्सा उद्देश्य में मदद करता है? जो नहीं करता उस पर निशान लगाओ।
फिर तीन तरीक़ों से संशोधन करो: जो मदद नहीं करता उसे काटो, हिस्सों को साफ़ क्रम में हटाओ-रखो, और जो कम है उसे जोड़ो (सबूत, उदाहरण, जोड़ने वाला शब्द, समापन पंक्ति)।
ज़ोर से पढ़ो। आपके कान ग़लत जगहें पकड़ लेते हैं।
सुझाव माँगना
सुझाव (फ़ीडबैक) वह है जो कोई पाठक आपके लेखन के बारे में कहता है। ईमानदार और दयालु व्यक्ति चुनो: दोस्त, अभिभावक या शिक्षक।
साफ़ सवाल पूछो:
- "आपको मुख्य बात क्या लगी?"
- "आप कहाँ उलझे?"
- "आप क्या जोड़ते या काटते?"
आपका काम सुनना और पर्चियाँ लिखना है। उस समय बहस या सफ़ाई मत दो। अगर पाठक नहीं समझा, तो लेखन बदलना है, पाठक नहीं।
सुझावों का उपयोग: रखो, सुधारो, छोड़ो
हर पर्ची को तीन डिब्बों में से एक में रखो:
- रखो: तारीफ़ जो बताती है कि क्या ठीक है। उसे मत बदलो।
- सुधारो: जो साफ़ नहीं या कम है। उसे पहले बदलो।
- छोड़ो: जो पर्ची आपके उद्देश्य से मेल नहीं खाती। दो बार सोचकर ही छोड़ो। अगर दो पाठक एक बात कहें तो मत छोड़ो।
फिर दोबारा संशोधन करो और हो सके तो पाठक को एक बार फिर दिखाओ।
करके देखो
अपने दिन के बारे में 5 पंक्तियाँ लिखो। दोस्त से पूछो: "क्या साफ़ था? क्या उलझा हुआ था?" पर्चियों को रखो, सुधारो, छोड़ो में छाँटो। एक बार दोबारा लिखो। पहले और दूसरे रूप की तुलना करो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- चक्र = मसौदा, सुझाव, संशोधन (दोहराओ)
- संशोधन के तरीक़े = काटो, हटाओ-रखो, जोड़ो
- सुझाव छाँटना = रखो, सुधारो, छोड़ो
- मुख्य शब्द, संशोधन: विचार, क्रम और जो कम है उसे दोबारा देखना
- मुख्य शब्द, प्रूफ़रीडिंग: अंत में वर्तनी जैसी छोटी ग़लतियाँ ठीक करना
हल किए गए उदाहरण
1. आपका उद्देश्य कक्षा को सफ़ाई अभियान में बुलाना है। मसौदे की कौन-सी पंक्ति काटोगे? (क) तारीख़ और समय (ख) "कोई मदद नहीं करता, कितना अन्याय है" (ग) क्या लाना है
(ख)। यह ग़ुस्से वाली है और लोगों को बुलाने के उद्देश्य में मदद नहीं करती। तारीख़, समय और क्या लाना है रखो।
2. एक पाठक कहता है "मुझे समझ नहीं आया कि पुस्तकालय का घंटा क्यों चाहिए"। इस पर्ची का क्या करोगे?
यह "सुधारो" के डिब्बे में जाएगी। कारण और उदाहरण जोड़ो: "तय समय हो तो छात्र ज़्यादा पढ़ते हैं। हमारी कक्षा के 30 में से सिर्फ़ 4 पुस्तकालय जाते हैं।"
3. दो पाठक कहते हैं निबंध का अंत कमज़ोर है। एक कहता है "उसे लंबा करो"। कौन-सी पर्ची लोगे और कैसे?
दोनों पाठक कमज़ोर अंत की ओर इशारा करते हैं, इसलिए उसे मत छोड़ो। उसे बस लंबा मत करो। इसकी जगह ऐसे वाक्य से ख़त्म करो जो आपकी मुख्य बात नए शब्दों में दोहराए।
आम गलतियाँ
- पहले वर्तनी ठीक करना और विचार व क्रम को कभी न देखना।
- पर्ची सुनने की जगह पाठक से बहस करना।
- हर वह पर्ची छोड़ देना जिसे सुनना कठिन हो।
- एक बार संशोधन करके रुक जाना। अच्छा लेखन अक्सर एक से ज़्यादा चक्र से गुज़रता है।