चेतना क्या है?
चेतना का अर्थ है जागरूक होना: अपने आसपास की दुनिया के प्रति, अपने शरीर के प्रति और अपने विचारों व भावनाओं के प्रति। अभी आप इन शब्दों को पढ़ रहे हैं और जानते हैं कि पढ़ रहे हैं। यही चेतना है।
- हम एक साथ सब कुछ नहीं देख पाते। ध्यान टॉर्च की तरह कुछ ही चीज़ें चुनता है।
- कुछ काम बिना ध्यान के होते हैं, जैसे पढ़ते समय साँस लेना। कई आदतें अपने-आप होने लगती हैं।
- इंसान बीते और आने वाले समय के बारे में सोच सकता है और ऐसी चीज़ों की कल्पना कर सकता है जो सामने नहीं हैं।
आत्म-चेतना और आत्म-ज्ञान
आत्म-चेतना का मतलब है खुद को जानना: अपने विचार, इच्छाएँ, ताकतें और कमज़ोरियाँ। आत्म-चेतना वाला इंसान कह सकता है, 'मुझे गुस्सा आया था, इसीलिए मैं चिल्लाया।' इससे हम व्यवहार को काबू में रखते हैं, गलतियों से सीखते हैं और लक्ष्य बनाते हैं।
हम खुद को अपनी सोच से भी जानते हैं और दूसरों से भी: परिवार, दोस्त, शिक्षक और वे समूह जिनके हम सदस्य हैं।
विश्व-दृष्टि क्या है?
विश्व-दृष्टि (विश्व-दृष्टिकोण) उन विचारों का पूरा समूह है जिनसे इंसान दुनिया को समझता है: क्या सच है, क्या ज़रूरी है, क्या सही है और अच्छा जीवन क्या है। यह चश्मे जैसी है।
एक ही घटना दो लोग अलग ढंग से समझा सकते हैं, क्योंकि उनकी विश्व-दृष्टि अलग है। विश्व-दृष्टि परिवार, संस्कृति, शिक्षा, अनुभव, विज्ञान, कला और आस्था से बनती है। नई बातें सीखने पर यह बदल भी सकती है।
मुख्य प्रकार: रोज़मर्रा की (जीवन के अनुभव से), वैज्ञानिक (परखे हुए तथ्यों पर), धार्मिक (आस्था और परंपरा पर) और दार्शनिक (तर्क पर)।
मूल्य: जो हमें अपनाने लायक लगता है
मूल्य वे विश्वास हैं कि क्या अच्छा, सही और ज़रूरी है। ये हमारे चुनाव का मार्गदर्शन करते हैं। जैसे: ईमानदारी, दया, आदर, हिम्मत, समानता, मेहनत, स्वतंत्रता, ज़िम्मेदारी।
- व्यक्तिगत मूल्य एक इंसान के अपने होते हैं।
- सामाजिक मूल्य किसी समूह या समाज में साझा होते हैं।
- मूल्यों की ताकत अलग-अलग होती है। अगर आपके मन में ईमानदारी अपने फ़ायदे से ज़्यादा ज़रूरी है, तो आप बटुआ लौटाते हैं।
मूल्य साथ रहना आसान बनाते हैं, क्योंकि व्यवहार भरोसेमंद और न्यायपूर्ण बनता है।
पारंपरिक मूल्य
पारंपरिक मूल्य वे मूल्य हैं जो कई पीढ़ियों से परिवार, रीति-रिवाज, कहानियों, त्योहारों और धर्म के ज़रिए आगे बढ़े हैं। जैसे: बड़ों का आदर, परिवार की देखभाल, अतिथि-सत्कार, समाज की मदद, सादा जीवन और ईमानदारी।
परंपरा स्थिरता और अपनेपन का एहसास देती है। लेकिन समय बदलता है। समाज जो अच्छा है उसे रखता है, और जो रिवाज लोगों को नुकसान पहुँचाते हैं, जैसे भेदभाव, उन्हें बदल सकता है। बराबरी जैसे कई आधुनिक मूल्य पुराने मूल्यों पर लंबे विचार से उभरे हैं।
खुद आज़माओ
किसी दादा-दादी से पूछो कि बचपन में उन्हें कौन-सा मूल्य सिखाया गया। उसे लिखो। फिर लिखो कि आज तुम उसे मानते हो या नहीं और क्यों।
तीनों साथ कैसे काम करते हैं
चेतना से हम ध्यान देते और सोचते हैं। विश्व-दृष्टि हमें वह ढाँचा देती है जिससे हम जो देखा उसे समझते हैं। मूल्य बताते हैं कि क्या करना है। तीनों मिलकर हमारे काम तय करते हैं और बहुत से लोगों के काम समाज को आकार देते हैं।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- मुख्य शब्द: चेतना = दुनिया और खुद के प्रति जागरूकता
- मुख्य शब्द: आत्म-चेतना = अपने विचार, भावना और कामों को जानना
- मुख्य शब्द: विश्व-दृष्टि = वे विचार जिनसे हम दुनिया को देखते हैं
- मुख्य शब्द: मूल्य = क्या अच्छा और ज़रूरी है, इसके विश्वास
- मुख्य शब्द: पारंपरिक मूल्य = पीढ़ियों से चले आ रहे मूल्य
हल किए गए उदाहरण
1. एक लड़का कहता है, 'मैं थका और भूखा था, इसलिए चिल्लाया।' वह कौन-सी क्षमता इस्तेमाल कर रहा है?
आत्म-चेतना। वह अपनी भावनाएँ देखकर समझ रहा है कि उसने ऐसा क्यों किया।
2. दो लोग जंगल देखते हैं। एक को बेचने लायक लकड़ी दिखती है, दूसरे को जानवरों का घर। फ़र्क क्यों है?
उनकी विश्व-दृष्टि और मूल्य अलग हैं। जंगल वही है, पर दोनों उसमें अलग चीज़ें देखते और महत्व देते हैं।
3. एक परिवार दादा-दादी की तरह हमेशा मेहमानों का भोजन और आदर से स्वागत करता है। ये किस प्रकार के मूल्य हैं?
पारंपरिक मूल्य (अतिथि-सत्कार, आदर), जो पीढ़ियों से चले आ रहे हैं।
4. एक पारंपरिक मूल्य जिसे समाज रखे और एक रिवाज जिसे बदले, कारण सहित बताओ।
रखे: बड़ों का आदर, क्योंकि इससे देखभाल और भरोसा बनता है। बदले: वह रिवाज जो लड़कियों को स्कूल जाने से रोके, क्योंकि वह नुकसान करता है और बराबरी के अधिकार तोड़ता है।
आम गलतियाँ
- चेतना को सिर्फ़ जागते रहना समझना। इसमें ध्यान देना और खुद को जानना भी शामिल है।
- यह कहना कि सबकी विश्व-दृष्टि एक जैसी होती है। अनुभव और संस्कृति से यह अलग होती है।
- हर परंपरा को हमेशा अच्छा या हमेशा बुरा मान लेना। समाज उपयोगी को रखता है और हानिकारक को बदल सकता है।
- तथ्य और मूल्य को मिला देना। 'बटुए में 500 रुपये हैं' तथ्य है। 'मुझे इसे लौटाना चाहिए' मूल्य है।