South 고등학교 3학년 Home Science
अध्याय: 2
1. Human development and family
Life cycle and happiness · Supporting development · Marriage culture and family law
- जीवन योजना: ख़ुशहाल और आत्मनिर्भर जीवन की रूपरेखा – जीवन योजना का मतलब है आगे सोचना कि आप कैसा जीवन चाहते हैं और वहाँ कैसे पहुँचेंगे। जीवन चरणों से गुज़रता है (बचपन, किशोरावस्था, युवावस्था, वयस्कता, वृद्धावस्था), और हर चरण के अपने काम होते हैं। रास्ते में जीवन की घटनाएँ आती हैं; कुछ ज़्यादातर लोगों के साथ होती हैं, कुछ अपनी पसंद होती हैं। आप पाँच साधन इस्तेमाल करते हैं: समय, पैसा, स्वास्थ्य, रिश्ते और कौशल। अच्छी योजना अल्पकालिक, मध्यम और दीर्घकालिक लक्ष्य रखती है, बचत, बीमा और सरकारी कल्याण से जोखिमों की तैयारी करती है, और जीवन बदलने पर दोबारा देखी जाती है। आत्मनिर्भर नागरिक होने का मतलब है अपनी और दूसरों की ज़िम्मेदारी लेना। कम जन्म और लंबी उम्र वाले समाज में बुढ़ापे की योजना पहले से ज़्यादा ज़रूरी है। ख़ुशी सिर्फ़ पैसे से नहीं, शरीर, मन, रिश्तों और उद्देश्य की ख़ुशहाली से आती है।
- बाल विकास: चरण, माइलस्टोन और देखभाल – वृद्धि (growth) का मतलब है बच्चे का बड़ा होना। विकास (development) का मतलब है बच्चे में नई क्षमताएँ आना: शरीर, सोच, भाषा और भावनाओं में। विकास एक क्रम में, चरणों में होता है: शैशव, टॉडलर, प्रारंभिक बचपन, मध्य बचपन और किशोरावस्था। अच्छा पोषण, खेल, प्यार और सुरक्षा हर क्षेत्र को बढ़ने में मदद करते हैं।
- पारिवारिक क़ानून: विवाह, माता-पिता और बच्चे – पारिवारिक क़ानून दीवानी (निजी) क़ानून का हिस्सा है जो विवाह, पति-पत्नी के संबंध, माता-पिता और बच्चे, तलाक़, भरण-पोषण, संरक्षकता और गोद लेने से जुड़ा है। ज़्यादातर देशों में वैध विवाह के लिए दो वयस्क चाहिए जो अपनी मर्ज़ी से सहमत हों, पहले से विवाहित न हों, नज़दीकी रिश्तेदार न हों, और विवाह पंजीकृत हो। पति-पत्नी के अधिकार और कर्तव्य बराबर हैं। माता-पिता बच्चे की देखभाल, भरण-पोषण और पढ़ाई करते हैं, और बच्चे से जुड़ा हर फ़ैसला 'बच्चे के सर्वोत्तम हित' से होता है। बिना माता-पिता की देखभाल वाले बच्चों को संरक्षकता, पालक देखभाल और गोद लेने से सुरक्षा मिलती है।
2. Resource management and living culture
Consumer markets and finance · Cooking, lifestyle disease, food design · Fashion design and marketing · Housing design
- वित्त प्रबंधन के स्मार्ट तरीके – मुद्रास्फीति से कीमतें बढ़ती हैं, इसलिए उतना ही पैसा कम खरीदता है। बैंक में रखे पैसे पर ब्याज मिलता है: साधारण ब्याज सिर्फ़ मूलधन पर मिलता है, जबकि चक्रवृद्धि ब्याज पहले के ब्याज पर भी मिलता है, इसलिए समय के साथ तेज़ी से बढ़ता है। बजट आय को ज़रूरतों, चाहतों और बचत में बाँटता है। बचत सुरक्षित रखी जाती है; निवेश बढ़ सकता है पर उसमें जोखिम है, और ज़्यादा संभावित लाभ का मतलब ज़्यादा जोखिम। बीमा जोखिम को बहुत लोगों में बाँटता है। एक सीमा से ऊपर की आय पर आयकर लगता है, जिसकी दरें आय के साथ बढ़ती हैं।
- पोषण (Nutrition) – पोषण वह तरीक़ा है जिससे हम भोजन के पदार्थ पाते और इस्तेमाल करते हैं। शरीर को छह तरह के पोषक तत्व चाहिए: कार्बोहाइड्रेट और वसा (मुख्य रूप से ऊर्जा), प्रोटीन (वृद्धि और मरम्मत), विटामिन और खनिज (थोड़ी मात्रा, शरीर को सही चलाने के लिए), और पानी; साथ में पाचन के लिए रेशा। कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन लगभग 17 kJ प्रति ग्राम, वसा लगभग 37 kJ प्रति ग्राम देते हैं। संतुलित आहार सब पोषक तत्व सही मात्रा में देता है, और अंदर आई ऊर्जा लगभग ख़र्च ऊर्जा के बराबर होनी चाहिए।
- फ़ैशन डिज़ाइन की बुनियाद – फ़ैशन डिज़ाइन यानी ऐसे कपड़े बनाने की योजना जो अच्छे दिखें, ठीक फ़िट हों, काम आएँ और बिकें। हर पोशाक एक कड़ी से गुज़रती है: रेशे से धागा, धागे से बुनाई या निटिंग करके कपड़ा, कपड़े को काटकर-सिलकर पोशाक, और फिर दुकान या ऑनलाइन बिक्री। रेशे प्राकृतिक (कपास, ऊन, रेशम, लिनन) या कृत्रिम (पॉलिएस्टर, नायलॉन) होते हैं। डिज़ाइनर डिज़ाइन के तत्व (रंग, रेखा, आकार, बनावट) और सिद्धांत (संतुलन, अनुपात, ज़ोर, लय, सामंजस्य) इस्तेमाल करते हैं। प्रक्रिया: शोध, मूड बोर्ड, स्केच, पैटर्न, नमूना, उत्पादन, बिक्री। मार्केटिंग 4P से होती है: उत्पाद, कीमत, जगह, प्रचार। आज टिकाऊपन भी ज़रूरी है।
- आवास: घर हमारी ज़रूरतें कैसे पूरी करते हैं और कैसे बदलते हैं – आवास यानी वह जगह जहाँ लोग रहते हैं। अच्छा घर आश्रय, सुरक्षा, निजता, सेहत और अपनेपन का एहसास देता है। घर का रूप जलवायु, स्थानीय सामग्री, संस्कृति, पैसे और परिवार के रहन-सहन से तय होता है। अंदर की जगह निजी, साझा और सेवा हिस्सों में बँटी होती है। स्वस्थ घर में ताज़ी हवा, धूप और कम सीलन होती है, और वह साफ़-सुथरा व व्यवस्थित रहता है। समाज बदलने के साथ आवास भी बदलता है: आँगन वाले पारंपरिक घरों से शहर के अपार्टमेंट और भविष्य के हरित, स्मार्ट और साझा घरों तक। सबको अच्छा और सस्ता घर मिलना एक ज़रूरी सामाजिक मुद्दा है।