South 고등학교 2학년 World Cultures and English
अध्याय: 1
1. Cultures in English
Reading cultural texts across genres · Key concepts of culture · Respect for other cultures and languages · Comparing cultural products · Values in cultural products · Customs and norms of other cultures · Sustained interest in cultures · World Englishes · Researching cultures in media · Ethical cultural content creation
- विश्व संस्कृतियाँ: संस्कृति कैसे दिखती, बदलती और जुड़ती है – संस्कृति किसी समूह के जीने का साझा ढंग है। हिमखंड की तरह इसका छोटा हिस्सा दिखता है (खाना, पहनावा, संगीत, त्योहार) और बड़ा हिस्सा छिपा रहता है (मूल्य और विश्वास)। कला, त्योहार और रस्में लोगों के लिए काम करती हैं: पहचान, खुशी, याद और विश्वास; और कई संस्कृतियाँ मिलते-जुलते रूप अपनाती हैं। व्यापार, प्रवास और उपनिवेशवाद जैसी बड़ी घटनाएँ संस्कृति बदलती हैं; कुछ भाषाएँ और रिवाज खो जाते हैं और बाद में लौटाए जाते हैं। देश आत्मसात्करण, एकीकरण या बहुसंस्कृतिवाद की नीतियाँ अपनाते हैं, और नवागंतुकों को अक्सर व्यवस्थागत बाधाएँ मिलती हैं। सामाजिक कार्य एक चक्र है: ज़रूरत, योजना-समर्थन, काम, मूल्यांकन।
- अंतर-सांस्कृतिक दक्षता – अंतर-सांस्कृतिक दक्षता (intercultural competence) का मतलब है दूसरी संस्कृति के लोगों को समझना, उनका आदर करना और उनसे अच्छी तरह बात कर पाना। संस्कृति एक हिमशैल (iceberg) जैसी है: खाना, कपड़े, त्योहार ऊपर दिखते हैं, पर मूल्य, समय की सोच और विनम्रता के नियम नीचे छिपे रहते हैं। ग़लतफ़हमियाँ इसी छिपे हिस्से से आती हैं। इसके लिए तीन चीज़ें चाहिए: ज्ञान, खुला और जिज्ञासु रवैया, और सुनने-पूछने और जल्दी फ़ैसला न करने का कौशल। विदेशी भाषा सीखना सबसे अच्छा पुल है।
- शोध कौशल: प्रश्न से पूरे प्रोजेक्ट तक – शोध उत्तर खोजने का सावधान तरीका है। आप एक साफ़, सीमित प्रश्न पूछते हैं, उसका उत्तर पाने की योजना बनाते हैं, जानकारी खोजते हैं और हर स्रोत पर भरोसे की जाँच करते हैं, अपने आँकड़े जुटाकर विश्लेषण करते हैं, सबूत पर टिका निष्कर्ष निकालते हैं, और हर स्रोत को श्रेय देते हुए उसे साझा करते हैं।
- मीडिया निर्माण: एक मीडिया उत्पाद कैसे बनता है – मीडिया निर्माण का मतलब है किसी उद्देश्य और दर्शक-वर्ग के लिए वीडियो, पॉडकास्ट, पोस्टर, वेबसाइट या पत्रिका जैसा मीडिया उत्पाद बनाना। शुरुआत ब्रीफ़ से होती है: ग्राहक क्या चाहता है, किसके लिए, कब तक और कितने बजट में। निर्माता अपने लक्षित दर्शकों (उम्र, रुचियाँ, वे कहाँ समय बिताते हैं) को समझते हैं और वही मंच चुनते हैं जो उन तक पहुँचें। काम चरणों में होता है। पूर्व-निर्माण: विचार, शोध, स्क्रिप्ट, स्टोरीबोर्ड या नमूना (मॉक-अप), शॉट सूची, समय-सारणी, अनुमतियाँ। निर्माण: शूटिंग, रिकॉर्डिंग या फ़ोटो, सोच-समझकर शॉट साइज़, कोण, रोशनी और आवाज़ के साथ। उत्तर-निर्माण: एडिटिंग, संगीत, ग्राफ़िक्स और कैप्शन जोड़ना, गुणवत्ता जाँचना। वितरण: सही मंचों पर प्रकाशित करना, अक्सर क्रॉस-मीडिया अभियान के रूप में जिसमें उत्पाद एक-दूसरे से जुड़े होते हैं। अंत में दर्शकों की प्रतिक्रिया से मूल्यांकन होता है। अच्छा मीडिया कानूनी और नैतिक होता है: कॉपीराइट का सम्मान, सहमति लेना, रूढ़ छवियों से बचना और ईमानदार रहना।