South 고등학교 2학년 Foundations of Artificial Intelligence
अध्याय: 4
1. AI and intelligent reasoning
How AI makes judgements · Search in AI · Blind vs informed search · Problems needing intelligent search · Knowledge representation
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI): मशीनें सोचना कैसे सीखती हैं – कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence, AI) कंप्यूटर प्रणाली की वह क्षमता है जिससे वह ऐसे काम करती है जिनमें आम तौर पर इंसानी दिमाग़ लगता है: देखना, बोली समझना, फ़ैसला करना और सीखना। AI प्रणाली एक एजेंट है जो महसूस करती है, सोचती है और काम करती है। पुरानी AI इंसानों के लिखे नियमों पर चलती थी। आज की AI ज़्यादातर मशीन लर्निंग से चलती है: वह ढेर सारे लेबल वाले उदाहरणों (डेटा) से ख़ुद नियम ढूँढती है। न्यूरल नेटवर्क सरल इकाइयों की परतें हैं जिनकी कड़ियों की ताकत (भार) प्रशिक्षण में बदलती है। AI नक्शों, अनुवाद, स्वास्थ्य, खेती और खेलों में काम आती है। एकतरफ़ा डेटा से यह ग़लत या पक्षपाती हो सकती है, इसलिए इंसान को इसे जाँचना, निजता बचाना और ज़िम्मेदार रहना चाहिए।
- AI में खोज एल्गोरिदम: कदम-दर-कदम रास्ता ढूँढना – AI की बहुत-सी समस्याएँ शुरू से लक्ष्य तक रास्ता ढूँढने की होती हैं: नक्शे पर रास्ता, पहेली का हल या खेल की अच्छी चाल। हम समस्या को अवस्था-आकाश (state space) की तरह लिखते हैं: अवस्थाएँ (स्थितियाँ) और उन्हें जोड़ने वाली क्रियाएँ (चालें)। खोज एल्गोरिदम इस आकाश को एक तय क्रम में खोलता है। अंधी खोज (BFS, DFS) को लक्ष्य की दिशा का पता नहीं होता। सूचित खोज ह्यूरिस्टिक, यानी लक्ष्य की दूरी का समझदार अनुमान, इस्तेमाल करती है और बहुत कम अवस्थाएँ खोलती है। A* अब तक की लागत g और अनुमान h को जोड़ता है; अगर अनुमान कभी ज़्यादा न हो, तो यह सबसे छोटा रास्ता ही देता है।
2. AI and learning
Defining ML problems · Preparing data and features · Choosing ML models · Training and evaluation · Neural networks and deep learning · Deep learning applications
- मशीन लर्निंग (Machine Learning) – मशीन लर्निंग (ML) में कंप्यूटर को नियम बताया नहीं जाता; वह उदाहरणों से नियम ख़ुद सीखता है. हम डेटा देते हैं: फ़ीचर (इनपुट) और, सुपरवाइज़्ड लर्निंग में, लेबल (उत्तर). मशीन एक मॉडल बनाती है: रिग्रेशन संख्या का अनुमान लगाता है, डिसीज़न ट्री हाँ/नहीं प्रश्नों से वर्ग चुनता है, और k-means बिना लेबल वाले डेटा को समूहों में बाँटता है. ज़्यादातर डेटा पर सिखाते हैं, अनदेखे डेटा पर परखते हैं और सटीकता नापते हैं. सिर्फ़ रटने वाला मॉडल (ओवरफ़िटिंग) नए डेटा पर फेल होता है.
- न्यूरल नेटवर्क और डीप लर्निंग – न्यूरल नेटवर्क कंप्यूटर का एक मॉडल है जो बहुत सारे छोटे हिस्सों से बना है, जिन्हें कृत्रिम न्यूरॉन कहते हैं। हर न्यूरॉन अपने इनपुट को भार (weight) से गुणा करता है, जोड़ता है, बायस जोड़ता है और जोड़ को सक्रियण फलन (activation function) से गुज़ारता है। न्यूरॉन परतों में लगे होते हैं: इनपुट, छिपी (hidden) और आउटपुट परत। नेटवर्क प्रशिक्षण (training) से सीखता है: अंदाज़ा लगाता है, गलती (loss) मापता है और पीछे की ओर भार सुधारता है (बैकप्रोपेगेशन और ग्रेडिएंट डिसेंट)। बहुत सारी छिपी परतों वाले नेटवर्क को डीप लर्निंग कहते हैं। CNN चित्रों के लिए और RNN क्रम (जैसे वाक्य, आवाज़) के लिए अच्छे हैं।
3. Social impact of AI
AI and social change · Humans alongside AI · Critical view of AI · Ethics in AI use
- AI नैतिकता: कृत्रिम बुद्धिमत्ता का निष्पक्ष और सुरक्षित उपयोग – AI डेटा से पैटर्न सीखकर फ़ैसले करता है। AI नैतिकता पूछती है: क्या ये फ़ैसले निष्पक्ष, सुरक्षित और सम्मानजनक हैं? मुख्य मुद्दे: पक्षपात (अनुचित डेटा से अनुचित नतीजे), निजता (निजी डेटा के लिए सहमति और सुरक्षा), पारदर्शिता (AI ने क्यों तय किया, यह पता हो), जवाबदेही (इंसान ज़िम्मेदार रहे), सुरक्षा और दुरुपयोग (डीपफ़ेक, झूठी ख़बरें), और सामाजिक असर (नौकरियाँ, डिजिटल खाई, पर्यावरण)। ज़िम्मेदार AI का मतलब है इन सबकी जाँच उपयोग से पहले और बाद में।
4. AI project
AI for the SDGs · Designing an AI solution · Building the project · Assessing social impact
- सतत विकास लक्ष्य (SDGs): 2030 तक के 17 लक्ष्य – 2015 में संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देशों ने 2030 का एजेंडा अपनाया जिसमें 17 सतत विकास लक्ष्य और 169 उप-लक्ष्य हैं। ये लोग (गरीबी, भूख, स्वास्थ्य, शिक्षा, समानता), धरती (पानी, जलवायु, महासागर, भूमि), समृद्धि (ऊर्जा, काम, उद्योग, शहर), शांति और साझेदारी को छूते हैं। सभी 17 जुड़े हुए हैं: एक में प्रगति दूसरों की मदद करती है।
- मशीन लर्निंग (Machine Learning) – मशीन लर्निंग (ML) में कंप्यूटर को नियम बताया नहीं जाता; वह उदाहरणों से नियम ख़ुद सीखता है. हम डेटा देते हैं: फ़ीचर (इनपुट) और, सुपरवाइज़्ड लर्निंग में, लेबल (उत्तर). मशीन एक मॉडल बनाती है: रिग्रेशन संख्या का अनुमान लगाता है, डिसीज़न ट्री हाँ/नहीं प्रश्नों से वर्ग चुनता है, और k-means बिना लेबल वाले डेटा को समूहों में बाँटता है. ज़्यादातर डेटा पर सिखाते हैं, अनदेखे डेटा पर परखते हैं और सटीकता नापते हैं. सिर्फ़ रटने वाला मॉडल (ओवरफ़िटिंग) नए डेटा पर फेल होता है.
- AI नैतिकता: कृत्रिम बुद्धिमत्ता का निष्पक्ष और सुरक्षित उपयोग – AI डेटा से पैटर्न सीखकर फ़ैसले करता है। AI नैतिकता पूछती है: क्या ये फ़ैसले निष्पक्ष, सुरक्षित और सम्मानजनक हैं? मुख्य मुद्दे: पक्षपात (अनुचित डेटा से अनुचित नतीजे), निजता (निजी डेटा के लिए सहमति और सुरक्षा), पारदर्शिता (AI ने क्यों तय किया, यह पता हो), जवाबदेही (इंसान ज़िम्मेदार रहे), सुरक्षा और दुरुपयोग (डीपफ़ेक, झूठी ख़बरें), और सामाजिक असर (नौकरियाँ, डिजिटल खाई, पर्यावरण)। ज़िम्मेदार AI का मतलब है इन सबकी जाँच उपयोग से पहले और बाद में।