Italy Secondaria di secondo grado – classe 5ª (esame di Stato) Art history
अध्याय: 1
1. 19th and 20th centuries
Neoclassicism to Impressionism · Avant-gardes to contemporary art
- प्रभाववाद (इम्प्रेशनिज़्म) – प्रभाववाद (Impressionism) 1860–1870 के दशक में फ़्रांस में शुरू हुआ कला आंदोलन था। क्लॉद मोने, पियेर-ऑगस्त रेनुआ, एडगर देगा, कामी पिसारो, आल्फ़्रेड सिसले, बर्थ मोरिसो और मैरी कसाट जैसे चित्रकार बाहर खुली हवा में, जल्दी-जल्दी चित्र बनाते थे ताकि एक पल की बदलती रोशनी और माहौल पकड़ सकें। वे चमकीले, शुद्ध रंगों को दिखते ब्रश-स्ट्रोक में साथ-साथ रखते, छाया को रंगीन बनाते और रोज़ के आधुनिक जीवन को चित्रित करते थे। 1874 में पेरिस में उनकी पहली प्रदर्शनी का आलोचकों ने मज़ाक़ उड़ाया और मोने के चित्र 'इम्प्रेशन, सनराइज़' से नाम पड़ा। इसके बाद उत्तर-प्रभाववाद (सरा, वान गॉग, सेज़ान, गोगाँ) और आधुनिक कला आई; यह शब्द संगीत (दबूसी) और साहित्य के लिए भी इस्तेमाल हुआ।
- आधुनिक कला और आधुनिकतावाद – लगभग 1880 से 1945 के बीच कलाकारों ने यथार्थ की नकल छोड़कर पूछा कि कला खुद क्या कर सकती है। रंग और ब्रश ने भाव दिखाए (उत्तर-प्रभाववाद, अभिव्यंजनावाद); वस्तु कई ओर से दिखी (घनवाद); गति और मशीन का जश्न मना (भविष्यवाद); कला शुद्ध आकार और रंग बनी (अमूर्तन, डी स्टाइल, रचनावाद); संयोग और सपने आए (दादा, अतियथार्थवाद); और डिज़ाइन कार्य के पीछे चला (बाउहाउस, आधुनिक आंदोलन)। संगीत, रंगमंच और नृत्य में भी यही बदलाव हुआ, और आदान-प्रदान से आधुनिकता भारत समेत पूरी दुनिया में फैली।