Italy Secondaria di secondo grado – classe 2ª Natural sciences (scienze applicate)
अध्याय: 1
1. Earth science, biology, chemistry
Earth's motions and surface · Cells and biodiversity · Matter and first chemistry · Lab techniques
- पृथ्वी का घूर्णन और परिक्रमण – पृथ्वी की दो मुख्य गतियाँ हैं। घूर्णन: यह अपने अक्ष पर पश्चिम से पूर्व लगभग 24 घंटे में एक बार घूमती है — इससे दिन-रात, सूरज का रोज़ का रास्ता, स्थानीय समय (हर घंटे 15° देशांतर) और हवाओं-धाराओं का मुड़ना (कोरिओलिस प्रभाव) होता है। परिक्रमण: यह दीर्घवृत्त कक्षा में सूर्य का लगभग 365¼ दिन में एक चक्कर लगाती है। अक्ष कक्षा-तल (क्रांतिवृत्त) के लंब से 23.5° झुका है और हमेशा एक दिशा में रहता है, इसलिए सिर के ऊपर का सूरज कर्क और मकर रेखा के बीच खिसकता है, दिन की लंबाई बदलती है, और ऋतुएँ, अयनांत व विषुव होते हैं।
- कोशिका: जीवन की मूल इकाई – हर सजीव कोशिकाओं से बना है। 1665 में रॉबर्ट हुक ने कॉर्क में सबसे पहले कोशिकाएँ देखीं। कोशिकाएँ प्रोकैरियोटी (असली केंद्रक नहीं, जैसे जीवाणु) या यूकैरियोटी (असली केंद्रक) होती हैं। पादप कोशिका में कोशिका भित्ति, हरितलवक और बड़ी रिक्तिका होती है, जंतु कोशिका में नहीं। हर कोशिकांग का एक काम है। पानी परासरण से कोशिका में आता-जाता है। नई कोशिकाएँ समसूत्री (वृद्धि) और अर्धसूत्री (जनन कोशिकाएँ) विभाजन से बनती हैं।
- द्रव्य का कण मॉडल – हर द्रव्य बहुत छोटे कणों से बना है जो हमेशा गति करते रहते हैं। ठोस में कण पास-पास होते हैं और बस काँपते हैं; द्रव में पास होते हुए भी फिसलते हैं; गैस में दूर-दूर होकर हर दिशा में तेज़ भागते हैं। गरम करने पर कणों को ऊर्जा मिलती है: या तो वे तेज़ चलते हैं (तापमान बढ़ता है) या उनके बीच का खिंचाव टूटता है (अवस्था बदलती है, तापमान स्थिर रहता है)। गैस दाब कणों की दीवार से टक्कर से बनता है।
- प्रयोगशाला तकनीक: घोल बनाना, छानना, स्लाइड लगाना, ऊतक पढ़ना – घोल बनाने के लिए विलेय को तोलो, घोलो, फिर फ्लास्क के निशान तक विलायक डालो। सांद्रता = विलेय का द्रव्यमान ÷ घोल का आयतन (जैसे 100 mL में 5 g = 50 g/L)। छानने में कीप और छन्ना कागज़ से अघुलनशील ठोस (अवशेष) को द्रव (छनित) से अलग करते हैं। स्लाइड में पतला नमूना काँच पर रखकर कवर-स्लिप को धीरे से उतारते हैं ताकि बुलबुले न फँसें। ऊतक एक जैसी कोशिकाओं का समूह है जो एक काम करता है: उपकला, पेशी, तंत्रिका और संयोजी। अनुसंधान की विधियाँ (अवलोकन, प्रयोग, सर्वेक्षण, मॉडल) अलग-अलग सवालों के लिए हैं।