Italy Secondaria di secondo grado – classe 2ª Performance and interpretation
अध्याय: 1
1. Instrument practice
First and second instrument
- वाद्य बजाने की तकनीक: हरकत, ध्वनि, सुर-लिपि, ताल और अभ्यास – अच्छा बजाना शरीर की हरकत को ध्वनि से जोड़ना है। आप सुर-लिपि पढ़ते हैं (सुर और अवधि), आवाज़ की तेज़ी (dynamics) और स्वर-रंग (timbre) सँभालते हैं, ताल को एक मात्रा-समूह (metre) में स्थिर रखते हैं और सुरों को वाक्यांश (phrase) में ढालते हैं। समझदारी का अभ्यास यानी धीमी गति, छोटे टुकड़े, ध्यान से दोहराव और समझकर याद करना। दूसरे वाद्य की शुरुआत बैठने-पकड़ने, ध्वनि निकालने और सरल सुर-लिपि से होती है।