Italy Secondaria di secondo grado – classe 2ª Law and economics
अध्याय: 2
1. Economics
The economic problem
- चयन की समस्या: दुर्लभता और अवसर लागत – हमारी इच्छाएँ असीमित हैं, पर पैसा, समय, ज़मीन और मज़दूर जैसे संसाधन सीमित हैं। इसे दुर्लभता कहते हैं, और यह हमें चुनने पर मजबूर करती है। जो अगला सबसे अच्छा विकल्प छोड़ा, उसका मूल्य अवसर लागत है। अर्थशास्त्री अध्ययन करते हैं कि लोग और समाज ये चुनाव कैसे करते हैं। हर समाज को तय करना होता है कि क्या, कैसे और किसके लिए उत्पादन हो। बाज़ार, नियोजित और मिश्रित अर्थव्यवस्थाएँ इनका अलग-अलग जवाब देती हैं, और कल्याणकारी राज्य सबकी बुनियादी ज़रूरतें पूरी करता है।
2. Law
Legal rules and the Constitution · Justice and citizenship · State and EU
- संविधान क्या है? नियम, अधिकार और कर्तव्य – संविधान किसी देश का सबसे ऊँचा क़ानून है। यह बताता है कि राज्य कैसे बना है, शक्ति किसके पास और कैसे है, और नागरिकों के अधिकार और कर्तव्य क्या हैं। क़ानूनी नियम दूसरे नियमों (खेल, घर, स्कूल, शिष्टाचार) से अलग हैं क्योंकि राज्य उन्हें बनाता और अदालतों व दंड से लागू करता है। सारे क़ानून एक पिरामिड बनाते हैं: सबसे ऊपर संविधान, फिर संसद के क़ानून, फिर नियम और स्थानीय नियम; ऊपर वाले से टकराने वाला नीचे का नियम रद्द हो सकता है। ज़्यादातर संविधान बदलना कठिन है (कठोर), ताकि समानता, स्वतंत्रता, एकजुटता और काम का अधिकार व कर्तव्य जैसे मूल्य सुरक्षित रहें।
- क़ानून का शासन (Rule of Law) – क़ानून के शासन (विधि का शासन) का अर्थ है कि सरकार और उसके नेता समेत हर व्यक्ति एक-से, पहले से ज्ञात क़ानून माने, जिन्हें निष्पक्ष और स्वतंत्र अदालतें बराबरी से लागू करें। मुख्य सिद्धांत हैं: क़ानून की सर्वोच्चता, क़ानून के सामने समानता, साफ़ और सार्वजनिक क़ानून, निष्पक्ष सुनवाई, अधिकारों की रक्षा और शक्तियों का पृथक्करण। क़ानून खुली प्रक्रिया से बनते-बदलते हैं, अदालतें उन्हें संविधान या अधिकार-पत्र पर परख सकती हैं, और देश संधियों से अंतरराष्ट्रीय क़ानून मानते हैं।
- शासन प्रणालियाँ: सरकार के अंग, नियंत्रण और संतुलन – हर आधुनिक राज्य सत्ता को तीन अंगों में बाँटता है: विधायिका क़ानून बनाती है, कार्यपालिका लागू करती है, न्यायपालिका व्याख्या करती है। नियंत्रण और संतुलन से हर अंग दूसरे को सीमित कर सकता है। लोकतंत्र विधायिका और कार्यपालिका को अलग तरह से जोड़ते हैं। संसदीय प्रणाली में सरकार संसद से बनती है और उसके विश्वास पर टिकी रहती है (भारत, ब्रिटेन, जर्मनी)। अध्यक्षीय प्रणाली में जनता राष्ट्रपति और विधायिका को अलग-अलग तय अवधि के लिए चुनती है (अमेरिका, ब्राज़ील)। अर्ध-अध्यक्षीय प्रणाली में चुने हुए राष्ट्रपति और संसद के प्रति ज़िम्मेदार प्रधानमंत्री में सत्ता बँटी है (फ़्रांस)। राजतंत्र और स्विट्ज़रलैंड की समिति प्रणाली दूसरे रूप हैं।